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साक्षरता परीक्षा न कराएंगे और न होने देंगे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Fri, 23 Mar 2018 08:55 PM IST
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बकाया मानदेय का भुगतान व रामनवमी के चलते साक्षरता परीक्षा की तिथि बदलने की मांग को लेकर प्रेरकों ने बीएसए कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रेरकों ने दो टूक कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो न साक्षरता परीक्षा कराएंगे औैर न होने देंगे।
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प्रेरक एकता कल्याण समिति के बैनर तले शुक्रवार को सभी लोग बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। यहां प्रेरकों ने 28 माह के मानदेय का भुगतान कराने व साक्षरता परीक्षा की तिथि बदलवाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर धरना दिया। धरनास्थल पर हुई सभा में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के प्रयासों से प्रेरकों का लंबे अरसे से अटका चल रहा नवीनीकरण तो कर दिया, लेकिन अभी तक प्रेरकों को 28 माह के बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया। वहीं दूसरी ओर रविवार को साक्षरता परीक्षा होनी है, जबकि इसी दिन रामनवमी है। ऐसे में साक्षरता परीक्षा की तिथि बदलवाई जाए। जिलाध्यक्ष पिंकीरानी ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो साक्षरता परीक्षा का बहिष्कार किया जाएग और परीक्षा भी नहीं होने देंगे। प्रदर्शनकारी प्रेरकों ने बीएसए को संबोधित ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी जीपी गौतम को सौंपा। इसमें 28 माह के बकाया मानदेय का एक मुश्त भुगतान कराने, साक्षरता परीक्षा की तिथि बदलवाने व प्रेरकों को प्रशिक्षण दिलाने की मांग की गई। धरना देने वालों में अतीक मंसूरी, प्रमोद पांडेय, सुरेंद्र कुमार, बबलू वर्मा, सुमित वर्मा, धर्मपाल, गीता, मनीषा, लक्ष्मी, निर्मला, सुनीता, सायमा, शबनम, रूबी समेत कई प्रेरक शामिल रहे। इधर, प्रेरक एकता कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने कई माह बाद हुए नवीनीकरण को लेकर केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी का आभार जताया है।
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