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पचास पार के बेसिक शिक्षकों की नौकरी खतरे में
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:10 AM IST
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पचास के ऊपर के शिक्षकों की नौकरी पर लटकी तलवार
कार्यदक्षता को लेकर होगी स्क्रीनिंग, बीईओ से रिपोर्ट तलब
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। योगी सरकार की नई व्यवस्था के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में भी 50 साल की उम्र पार चुके नॉन परफॉर्मर शिक्षकों और कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। इसको लेकर शासन से जारी आदेश के बाद बीएसए ने स्थानीय स्तर पर कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने यह कार्रवाई 30 जुलाई तक पूरी करने के आदेश दिए हैं। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से इस बाबत रिपोर्ट तलब की है।
प्रदेश की योगी सरकार बनने के बाद पिछले वर्ष विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कर छंटनी की गई थी। इधर प्रदेश सरकार ने चालू सत्र में सरकारी सेवा में दक्षता सुनिश्चित करने को 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मियों की भी स्क्रीनिंग करने का निर्णय लिया है। इस स्क्रीनिंग के बाद नॉन परफॉर्मर शिक्षकों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा ने बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति को निर्देश जारी किए हैं। इसमें मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी विकास खंड को शामिल करते हुए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी ही स्क्रीनिंग की जिम्मेदार होगी। इधर, शासन के इस आदेश से विभाग में खलबली मच गई है।
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जिले में 600 से अधिक है 50 साल उम्र वाले शिक्षक
जिले में 1800 परिषदीय विद्यालय है। इनमें 1230 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने को 3757 शिक्षक तैनात है, जबकि 570 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1492 शिक्षक कार्यरत हैं। विभाग के मुताबिक 5249 शिक्षकों में करीब 600 से अधिक ऐसे शिक्षक हैं जिनकी उम्र 50 से अधिक है। अब इनमें स्क्रीनिंग के आधार पर लापरवाह शिक्षकों की सूची बनाई जाएगी।
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ऐसे होगी स्क्रीनिंग
बेसिक शिक्षा महकमे के मुताबिक स्क्रीनिंग के लिए पहले 50 की उम्र पार कर चुके शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी। इनकी स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसमें विभागीय कार्रवाई, अनुशासनहीनता या कोई मामला आदि तो दर्ज नहीं है, यह देखा जाएगा। उनके अभिलेखों की जांच भी की जाएगी। इसके बाद उनके कामकाज का आंकलन किया जाएगा। देखा जाएगा कि वे अपने काम को बखूबी कर पा रहे हैं या नहीं। यदि काम करने के दौरान उन्हें कोई परेशानी हो रही है तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
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तैयार नहीं शिक्षक यूनियन, विरोध करेगी
सरकार के इस तरह के कदम कर्मचारियों को परेशान करने के लिए हैं। यदि शिक्षकों की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है तो इसका प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर पुरजोर विरोध किया जाएगा। - उमेश गंगवार, जिला मंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
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वर्जन:
शासन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग में 50 साल से अधिक आयु के शिक्षकों व कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कराने के आदेश गए हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर जल्द ही स्क्रीनिंग कमेटी का भी गठन किया जाएगा। - डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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कार्यदक्षता को लेकर होगी स्क्रीनिंग, बीईओ से रिपोर्ट तलब
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। योगी सरकार की नई व्यवस्था के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में भी 50 साल की उम्र पार चुके नॉन परफॉर्मर शिक्षकों और कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। इसको लेकर शासन से जारी आदेश के बाद बीएसए ने स्थानीय स्तर पर कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने यह कार्रवाई 30 जुलाई तक पूरी करने के आदेश दिए हैं। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से इस बाबत रिपोर्ट तलब की है।
प्रदेश की योगी सरकार बनने के बाद पिछले वर्ष विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कर छंटनी की गई थी। इधर प्रदेश सरकार ने चालू सत्र में सरकारी सेवा में दक्षता सुनिश्चित करने को 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मियों की भी स्क्रीनिंग करने का निर्णय लिया है। इस स्क्रीनिंग के बाद नॉन परफॉर्मर शिक्षकों व कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा ने बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति को निर्देश जारी किए हैं। इसमें मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी विकास खंड को शामिल करते हुए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी ही स्क्रीनिंग की जिम्मेदार होगी। इधर, शासन के इस आदेश से विभाग में खलबली मच गई है।
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जिले में 600 से अधिक है 50 साल उम्र वाले शिक्षक
जिले में 1800 परिषदीय विद्यालय है। इनमें 1230 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने को 3757 शिक्षक तैनात है, जबकि 570 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1492 शिक्षक कार्यरत हैं। विभाग के मुताबिक 5249 शिक्षकों में करीब 600 से अधिक ऐसे शिक्षक हैं जिनकी उम्र 50 से अधिक है। अब इनमें स्क्रीनिंग के आधार पर लापरवाह शिक्षकों की सूची बनाई जाएगी।
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ऐसे होगी स्क्रीनिंग
बेसिक शिक्षा महकमे के मुताबिक स्क्रीनिंग के लिए पहले 50 की उम्र पार कर चुके शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी। इनकी स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसमें विभागीय कार्रवाई, अनुशासनहीनता या कोई मामला आदि तो दर्ज नहीं है, यह देखा जाएगा। उनके अभिलेखों की जांच भी की जाएगी। इसके बाद उनके कामकाज का आंकलन किया जाएगा। देखा जाएगा कि वे अपने काम को बखूबी कर पा रहे हैं या नहीं। यदि काम करने के दौरान उन्हें कोई परेशानी हो रही है तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
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तैयार नहीं शिक्षक यूनियन, विरोध करेगी
सरकार के इस तरह के कदम कर्मचारियों को परेशान करने के लिए हैं। यदि शिक्षकों की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है तो इसका प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर पुरजोर विरोध किया जाएगा। - उमेश गंगवार, जिला मंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
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वर्जन:
शासन द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग में 50 साल से अधिक आयु के शिक्षकों व कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कराने के आदेश गए हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर जल्द ही स्क्रीनिंग कमेटी का भी गठन किया जाएगा। - डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए