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जीवन में धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:17 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
बाल साध्वी राधा देवी ने कहा कि जीवन में कभी भी धर्म मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। धर्म के लिए जीना और धर्म के लिए मरना ही सर्वोपरि लक्ष्य होना चाहिए।
क्षेत्र के ग्राम डूंडाहैडा स्थित बालाजी आश्रम में महामंडलेश्वर भैया दास महाराज के सानिध्य में चल रही नर्मदा कथा का मंगलवार को नौवें दिन समापन हो गया। इसमें बाल साध्वी राधा देवी ने कहा कि दया धर्म का मूल होता है। पाप का मूल अभिमान होता है। धर्म कोई विशेष समुदाय के लिए नहीं होता है। हमारे पास चाहे किसी भी समुदाय का मनुष्य क्यों न आए, सभी के लिए भलाई का कार्य करना चाहिए। मनुष्य को हमेशा धर्म एवं परोपकार के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है। समापन पर हवन किया। अंत में भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान अजय शर्मा, विपिन कुमार, संदीप, महेश कुमार, देवेंद्र, बिटटू, अंकित, दिनेश, राजकुमार, सचिन, बंटी आदि मौजूद रहे।
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बाल साध्वी राधा देवी ने कहा कि जीवन में कभी भी धर्म मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। धर्म के लिए जीना और धर्म के लिए मरना ही सर्वोपरि लक्ष्य होना चाहिए।
क्षेत्र के ग्राम डूंडाहैडा स्थित बालाजी आश्रम में महामंडलेश्वर भैया दास महाराज के सानिध्य में चल रही नर्मदा कथा का मंगलवार को नौवें दिन समापन हो गया। इसमें बाल साध्वी राधा देवी ने कहा कि दया धर्म का मूल होता है। पाप का मूल अभिमान होता है। धर्म कोई विशेष समुदाय के लिए नहीं होता है। हमारे पास चाहे किसी भी समुदाय का मनुष्य क्यों न आए, सभी के लिए भलाई का कार्य करना चाहिए। मनुष्य को हमेशा धर्म एवं परोपकार के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। तभी मानव कल्याण संभव है। समापन पर हवन किया। अंत में भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान अजय शर्मा, विपिन कुमार, संदीप, महेश कुमार, देवेंद्र, बिटटू, अंकित, दिनेश, राजकुमार, सचिन, बंटी आदि मौजूद रहे।