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प्रदूषण फैलने के लिए आमजन ही दोषी
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:26 AM IST
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खेकड़ा (बागपत)।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा प्रदूषण फैलने के लिए आम जन ही दोषी है। उन्होंने कहा समाज के हर व्यक्ति को प्रदूषण के प्रति जागरूक कर अधिक से अधिक पौधरोपण कर पुआल आदि जलाने पर अंकुश लगाने की जरूरत है।
सोमवार को एमएम डिग्री कॉलेज में प्रदूषण को लेकर गोष्ठी हुई। इसमें छात्र और छात्राओं ने कहा वर्तमान समय में तेजी के साथ बढ़ रहे प्रदूषण से हर व्यक्ति परेशान हैं। बढ़ते प्रदूषण के लिए आम जन ही दोषी है। सभी को बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जागरूक होना जरूरी है। सभी को अधिक से अधिक पौधरोपण करने के साथ ही पेड़ों के कटान पर रोक लगानी चाहिए। साथ ही उनकी देखभाल करनी चाहिए। चारों तरफ वातावरण हरा भरा होना चाहिए। साथ ही पुआल लकड़ी आदि न जलाए, क्योंकि धुएं से वातावरण पूरी तरह दूषित हो जाता है। जो सृष्टि पर जीवन के लिए नुकसान दायक है। साथ ही मकान निर्माण आदि के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दे कि धूल न उडे़। धूल के कण हवा में पहुंच स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इससे दमा आदि बीमारी से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। इसलिए स्वयं जागरूक होने के साथ सभी को जागरूक कर बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाए। इसमें प्राचार्य डॉ. जगदीश कुमार, छात्र, शिवम, अजय, रोहित शर्मा, रवि, प्रियंका, मीनाक्षी, निधि धामा, राखी, मनीषा, वर्षा, आशू, अंशू आदि रहे।
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गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा प्रदूषण फैलने के लिए आम जन ही दोषी है। उन्होंने कहा समाज के हर व्यक्ति को प्रदूषण के प्रति जागरूक कर अधिक से अधिक पौधरोपण कर पुआल आदि जलाने पर अंकुश लगाने की जरूरत है।
सोमवार को एमएम डिग्री कॉलेज में प्रदूषण को लेकर गोष्ठी हुई। इसमें छात्र और छात्राओं ने कहा वर्तमान समय में तेजी के साथ बढ़ रहे प्रदूषण से हर व्यक्ति परेशान हैं। बढ़ते प्रदूषण के लिए आम जन ही दोषी है। सभी को बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जागरूक होना जरूरी है। सभी को अधिक से अधिक पौधरोपण करने के साथ ही पेड़ों के कटान पर रोक लगानी चाहिए। साथ ही उनकी देखभाल करनी चाहिए। चारों तरफ वातावरण हरा भरा होना चाहिए। साथ ही पुआल लकड़ी आदि न जलाए, क्योंकि धुएं से वातावरण पूरी तरह दूषित हो जाता है। जो सृष्टि पर जीवन के लिए नुकसान दायक है। साथ ही मकान निर्माण आदि के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दे कि धूल न उडे़। धूल के कण हवा में पहुंच स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। इससे दमा आदि बीमारी से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। इसलिए स्वयं जागरूक होने के साथ सभी को जागरूक कर बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाए। इसमें प्राचार्य डॉ. जगदीश कुमार, छात्र, शिवम, अजय, रोहित शर्मा, रवि, प्रियंका, मीनाक्षी, निधि धामा, राखी, मनीषा, वर्षा, आशू, अंशू आदि रहे।
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