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Pilibhit News: सभी ब्लॉकों के 100 तालाब बनेंगे माॅडल, कवायद शुरू
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5000 से अधिक आबादी वाले गांवों का किया जाएगा चयन
पीलीभीत। जिले के सभी सात ब्लॉकों के 100 तालाबों को मॉडल तालाब की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों के तालाब को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन से आदेश आने के बाद अफसरों ने कवायद शुरू कर दी है।
जिले के पूरनपुर, बिलसंडा समेत सात ब्लॉकों में 720 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों में विकास कार्याें के साथ ही तालाबों का भी संरक्षण करने के प्रयास हो रहे हैं। गांवों के अधिकांश तालाबों में गंदा पानी पहुंच रहा है तो कहीं तालाब के चारों ओर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। शासन ने इन तालाबों को दोबारा से विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा गया कि तालाबों को मॉडल तालाब के तौर पर विकसित किया जाए। ''मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी'' की तर्ज पर प्लास्टिक कचरे का निपटान कर तालाबों को संरक्षित किया जाएगा। अफसरों ने तालाबों को विकसित करने के लिए प्रधान, पंचायत सचिव व कंसल्टिंग इंजीनियर को जिम्मेदारी सौंपी है और कहा कि वे जल्द ही अपनी ग्राम पंचायतों का एस्टीमेट तैयार करें। इससे तय समय में चिह्नित तालाबों की सूचना और एस्टीमेट शासन को भेजा जा सके। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि तालाबों को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाना है। संवाद
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पीलीभीत। जिले के सभी सात ब्लॉकों के 100 तालाबों को मॉडल तालाब की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके तहत पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों के तालाब को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन से आदेश आने के बाद अफसरों ने कवायद शुरू कर दी है।
जिले के पूरनपुर, बिलसंडा समेत सात ब्लॉकों में 720 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों में विकास कार्याें के साथ ही तालाबों का भी संरक्षण करने के प्रयास हो रहे हैं। गांवों के अधिकांश तालाबों में गंदा पानी पहुंच रहा है तो कहीं तालाब के चारों ओर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। शासन ने इन तालाबों को दोबारा से विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा गया कि तालाबों को मॉडल तालाब के तौर पर विकसित किया जाए। ''मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी'' की तर्ज पर प्लास्टिक कचरे का निपटान कर तालाबों को संरक्षित किया जाएगा। अफसरों ने तालाबों को विकसित करने के लिए प्रधान, पंचायत सचिव व कंसल्टिंग इंजीनियर को जिम्मेदारी सौंपी है और कहा कि वे जल्द ही अपनी ग्राम पंचायतों का एस्टीमेट तैयार करें। इससे तय समय में चिह्नित तालाबों की सूचना और एस्टीमेट शासन को भेजा जा सके। डीपीआरओ रोहित भारती ने बताया कि तालाबों को मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया जाना है। संवाद
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