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वेव के निवेशक सकते में
Noida
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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नोएडा। शराब के बड़े कारोबारी और वेव साम्राज्य के मालिकों की असमय मौत से इसके निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है। वेव सिटी सेंटर सहित देश के दर्जनों बड़े प्रोजेक्ट्स में आवासीय व व्यावसायिक प्रॉपर्टी में धन लगा चुके देश-विदेश के लोग पता करने में जुटे रहे कि एंपायर को आगे चला पाने में उनका तीसरा भाई या परिवार में कोई और सक्षम है या नहीं। इनके बीच चर्चा यह भी रही कि भाइयों का विवाद क्या उनके बच्चों में भी कायम रहेगा। सूत्रों के अनुसार, इसके अलावा बेनामी धन का लेन-देन किसी को बड़ी चोट पहुंचाएगा तो किसी के वारे-न्यारे करेगा।
मुरादाबाद निवासी कुलवंत चड्ढा ने करीब तीन दशक पूर्व शराब व केन क्रेशर से व्यापार शुरू किया। पिता की मौत के बाद उनके दो पुत्रों पोंटी व हरप्रीत के बीच कुलवंत के फार्म हाउस व प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो गया। इस बीच, तीसरे भाई इंद्रजीत भी पिता के व्यापार को आगे बढ़ाने में जुटे और आज वेव का साम्राज्य करीब 50,000 करोड़ का है। इसके बाद भी संपत्ति को लेकर विवाद चलता रहा। पोंटी व इंद्रजीत की आपस में बनती थी, लेकिन हरप्रीत का भाइयों से विवाद बढ़ता गया।
गुरदीप सिंह उर्फ पोंटी के एक पुत्र मनप्रीत उर्फ मोंटी व दो बेटियां हैं, जबकि हरप्रीत के दो बेटे व एक बेटी हैं। पोंटी ने दोनों बेटियों की शादी दुबई में हुई है। दुबई में कारोबार फैलाने के अलावा उनका वहां आना-जाना भी था। पोंटी का बेटा मनप्रीत व इंद्रजीत का बेटा जिम्मी भी कारोबार में हाथ बंटा रहे हैं, जबकि हरप्रीत के बच्चे अभी कारोबार में शामिल नहीं हुए हैं। बताया जाता है कि बीती रात पोंटी दुबई में थे।
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वेव के साम्राज्य में चीनी मिलों, पेपर मिलों के अलावा सेंटर स्टेज मॉल-नोएडा, वेव मॉल-गाजियाबाद, वेव मॉल-लखनऊ, वेव मॉल-लुधियाना, वेव मॉल-मुरादाबाद, वेव सिनेमा राजौरी गार्डन के अलावा हजारों एकड़ जमीन में रिहायशी प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें 152 एकड़ में मिक्सड़ लैंड यूज का अत्याधुनिक वेव सिटी सेंटर, गाजियाबाद में 4800 एकड़ में वेव सिटी, मोहाली में 264 एकड़ में फेयरलेक्स प्रोजेक्ट, मुरादाबाद में 52 एकड़ में वेव ग्रीन प्रोजेक्ट, ग्रेटर नोएडा में ल्यूमेरिया गार्डन व दादरी में हजारों एकड़ में प्रस्तावित हाईटेक सिटी प्रमुख हैं। वेव के इसी साम्राज्य में नए व पुराने हजारों निवेशक ऐसे हैं, जिनका हजारों करोड़ रुपया लगा हुआ है। नोएडा सिटी सेंटर में ही एक से लेकर करीब चार करोड़ कीमत तक के फ्लैट लोगों ने बुक किए हुए हैं। ऐसे में निवेशकों में बेचैनी लाजमी है।
तीनों भाइयों में पोंटी के रसूख का लोहा सब मानते थे। सत्ता किसी की भी हो पोंटी को अपने काम कराने व साम्राज्य फैलाने में कभी कोई दिक्कत नहीं आई। ऐसे में अगर भाइयों के बीच पनपी दुश्मनी उनके बच्चों में भी जारी रही तो निवेशकाें का क्या होगा। सूत्राें का कहना है कि बड़े एंपायर में बेनामी संपत्ति का भी बड़ा खेल होता है। ऐसे में नेताओं से लेकर धन्ना सेठों का कितना पैसा वेव में लगा है, इसकी जानकारी शायद ही हो पाए।
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मुरादाबाद निवासी कुलवंत चड्ढा ने करीब तीन दशक पूर्व शराब व केन क्रेशर से व्यापार शुरू किया। पिता की मौत के बाद उनके दो पुत्रों पोंटी व हरप्रीत के बीच कुलवंत के फार्म हाउस व प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो गया। इस बीच, तीसरे भाई इंद्रजीत भी पिता के व्यापार को आगे बढ़ाने में जुटे और आज वेव का साम्राज्य करीब 50,000 करोड़ का है। इसके बाद भी संपत्ति को लेकर विवाद चलता रहा। पोंटी व इंद्रजीत की आपस में बनती थी, लेकिन हरप्रीत का भाइयों से विवाद बढ़ता गया।
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गुरदीप सिंह उर्फ पोंटी के एक पुत्र मनप्रीत उर्फ मोंटी व दो बेटियां हैं, जबकि हरप्रीत के दो बेटे व एक बेटी हैं। पोंटी ने दोनों बेटियों की शादी दुबई में हुई है। दुबई में कारोबार फैलाने के अलावा उनका वहां आना-जाना भी था। पोंटी का बेटा मनप्रीत व इंद्रजीत का बेटा जिम्मी भी कारोबार में हाथ बंटा रहे हैं, जबकि हरप्रीत के बच्चे अभी कारोबार में शामिल नहीं हुए हैं। बताया जाता है कि बीती रात पोंटी दुबई में थे।
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वेव के साम्राज्य में चीनी मिलों, पेपर मिलों के अलावा सेंटर स्टेज मॉल-नोएडा, वेव मॉल-गाजियाबाद, वेव मॉल-लखनऊ, वेव मॉल-लुधियाना, वेव मॉल-मुरादाबाद, वेव सिनेमा राजौरी गार्डन के अलावा हजारों एकड़ जमीन में रिहायशी प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें 152 एकड़ में मिक्सड़ लैंड यूज का अत्याधुनिक वेव सिटी सेंटर, गाजियाबाद में 4800 एकड़ में वेव सिटी, मोहाली में 264 एकड़ में फेयरलेक्स प्रोजेक्ट, मुरादाबाद में 52 एकड़ में वेव ग्रीन प्रोजेक्ट, ग्रेटर नोएडा में ल्यूमेरिया गार्डन व दादरी में हजारों एकड़ में प्रस्तावित हाईटेक सिटी प्रमुख हैं। वेव के इसी साम्राज्य में नए व पुराने हजारों निवेशक ऐसे हैं, जिनका हजारों करोड़ रुपया लगा हुआ है। नोएडा सिटी सेंटर में ही एक से लेकर करीब चार करोड़ कीमत तक के फ्लैट लोगों ने बुक किए हुए हैं। ऐसे में निवेशकों में बेचैनी लाजमी है।
तीनों भाइयों में पोंटी के रसूख का लोहा सब मानते थे। सत्ता किसी की भी हो पोंटी को अपने काम कराने व साम्राज्य फैलाने में कभी कोई दिक्कत नहीं आई। ऐसे में अगर भाइयों के बीच पनपी दुश्मनी उनके बच्चों में भी जारी रही तो निवेशकाें का क्या होगा। सूत्राें का कहना है कि बड़े एंपायर में बेनामी संपत्ति का भी बड़ा खेल होता है। ऐसे में नेताओं से लेकर धन्ना सेठों का कितना पैसा वेव में लगा है, इसकी जानकारी शायद ही हो पाए।