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Muzaffarnagar News: 35 साल से पालिका की सरकार में शामिल है यह परिवार
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फोटो
वासु प्रजापति
मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव के नतीजे शहर में कई रिकॉर्ड भी बना रहे हैं। पालिका के वार्डों की सियासत में पिछले 35 साल से कई परिवारों का दबदबा है। जनता का ऐसा भरपूर समर्थन मिला कि इन परिवारों ने कभी हार का सामना नहीं किया। अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों और हर वक्त जनता के लिए उपलब्धता भी एक वजह है। समीकरण और परिसीमन भी इन परिवारों की सियासत पर कोई असर नहीं डाल पाया है।
35 साल से मुन्ना के परिवार की सरकार
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निकाय चुनाव में वार्ड 42 पर एक बार फिर स्वर्गीय वीरेंद्र उर्फ मुन्ना के परिवार की जीत हुई है। साल 1995 में पहली बार सभासद बने वीरेंद्र उर्फ मुन्ना का परिवार अब तक लगातार सातवीं बार निर्वाचित हुआ है। इस बार मुन्ना सभासद के बेटे शिवम ने वार्ड 42 से जीत हासिल की है। शिवम ने बताया कि 2011 में अलग-अलग वार्ड ने उनके पिता मुन्ना और माता संगीता ने एक साथ चुनाव जीता था। हर बार वह निर्दलीय ही चुनाव लड़ते हैं।सबको साथ लेकर चलने की रणनीति और सेवाभाव के कारण परिवार केे जनता का इतना प्यार मिला है।
छह बात जीत चुका नवाब जहां का परिवार
निकाय चुनाव में वार्ड 52 से चुनाव जीतने वाली सपा प्रत्याशी नवाब जहां का परिवार लगातार छह बार से सभासद का चुनाव जीतते आ रहे हैं। पहली बार नवाब जहां के ससुर शरीफ अहमद ने 1995 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने 565 मतों से निर्दलीय प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की थी। उसके बाद उनके जेठ जाकिर ने लगातार दो बार चुनाव जीता। 2011 में नवाब जहां के पति वाजिद ने खुद निर्दलीय चुनाव लड़ा और विजयी हासिल की। उसके बाद दो बार से फिर लगातार नवाब जहां निर्वाचित होती रही हैं। इस बार भी नवाब जहां ने सपा के टिकट पर 1377 मत हासिल कर निर्दलीय प्रत्याशी को पराजित किया।
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(फोटो)
वार्ड सभासद के पद पर 25 सालों से काबिज पाल दंपती वार्ड 40 से निर्वाचित होने वाली सभासद कुसुमलता और उनके पति बिजेंद्र पिछले 25 सालों से सभासद पद पर काबिज है। कुसुमलता ने पहली बार भाजपा के टिकट पर 1999 में चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने विजयी हासिल की थी। इसके बाद लगातार दो बार बिजेंद्र वार्ड सभासद के लिए निर्वाचित हुए। अब पिछले दो योजनाओं में फिर से भाजपा के टिकट पर ही नवनिर्वाचित सभासद कुसुमलता ने ही विजयी हासिल की। उन्होंने बताया कि वह पांचों योजनाओं में भाजपा के टिकट पर ही जीती हैं। इस बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को 379 मतों से हराया है।
(फोटो)
20 सालों से लगातार परचम लहरा रहे अन्नू कुरैशी
निकाय चुनाव की पिछली चार योजनाओं में नवनिर्वाचित सभासद अन्नू कुरैशी लगातार परचम लहरा रहे हैं। इस बार भी उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और 1377 मत हासिल किए। निर्दलीय प्रत्याशी जीशान को 364 मतों से पराजित किया। सभासद अन्नू कुरैशी ने बताया कि उन्होंने पहली बार 2006 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने सपा प्रत्याशी को हराया था। दूसरे बार भी ऐसा ही हुआ। अब पिछली दो योजनाओं में वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और विजयी भी हुए है। इस बार वह लगातार चौथी बार सभासद बने हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगे भी ऐसे ही जनता का प्यार मिलता रहेगा।
(फोटो)
लगातार तीन योजनाओं में मां और बेटे हुए निर्वाचित
भाजपा के टिकट पर वार्ड 11 से चुनाव लड़कर सपा प्रत्याशी को पराजित करने वाले नवनिर्वाचित सभासद प्रशांत चौधरी का परिवार लगातार तीसरी बार बोर्ड में पहुंचा है। प्रशांत चौधरी ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने 2011 में चुनाव लड़ा था और निर्दलीय प्रत्याशी को हराया था। इसके बाद उनकी माता सुशीला ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और विजयी हासिल की। अब तीसरी बार उन्होंने खुद चुनाव लड़ा और सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र को 148 मतों से हरा दिया। पिछले 15 सालों से मां-बेटे दोनों सभासद पद पर काबिज है।
(फोटो)
तीसरी बार भी निर्वाचित हुए राजीव शर्मा
सभासद राजीव शर्मा लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए। इस बार वह भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते हैं। नवनिर्वाचित सभासद राजीव शर्मा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 2006 में चुनाव लड़ा था। इस बार वह तीसरी बार वार्ड 25 से सभासद चुने गए है। पहला और दूसरा चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा था। दोनों में उन्होंने जीत हासिल की थी। इस बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी मनीष को 999 मतों के अंदर से हराया हैं।
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वासु प्रजापति
मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव के नतीजे शहर में कई रिकॉर्ड भी बना रहे हैं। पालिका के वार्डों की सियासत में पिछले 35 साल से कई परिवारों का दबदबा है। जनता का ऐसा भरपूर समर्थन मिला कि इन परिवारों ने कभी हार का सामना नहीं किया। अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों और हर वक्त जनता के लिए उपलब्धता भी एक वजह है। समीकरण और परिसीमन भी इन परिवारों की सियासत पर कोई असर नहीं डाल पाया है।
35 साल से मुन्ना के परिवार की सरकार
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निकाय चुनाव में वार्ड 42 पर एक बार फिर स्वर्गीय वीरेंद्र उर्फ मुन्ना के परिवार की जीत हुई है। साल 1995 में पहली बार सभासद बने वीरेंद्र उर्फ मुन्ना का परिवार अब तक लगातार सातवीं बार निर्वाचित हुआ है। इस बार मुन्ना सभासद के बेटे शिवम ने वार्ड 42 से जीत हासिल की है। शिवम ने बताया कि 2011 में अलग-अलग वार्ड ने उनके पिता मुन्ना और माता संगीता ने एक साथ चुनाव जीता था। हर बार वह निर्दलीय ही चुनाव लड़ते हैं।सबको साथ लेकर चलने की रणनीति और सेवाभाव के कारण परिवार केे जनता का इतना प्यार मिला है।
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छह बात जीत चुका नवाब जहां का परिवार
निकाय चुनाव में वार्ड 52 से चुनाव जीतने वाली सपा प्रत्याशी नवाब जहां का परिवार लगातार छह बार से सभासद का चुनाव जीतते आ रहे हैं। पहली बार नवाब जहां के ससुर शरीफ अहमद ने 1995 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने 565 मतों से निर्दलीय प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की थी। उसके बाद उनके जेठ जाकिर ने लगातार दो बार चुनाव जीता। 2011 में नवाब जहां के पति वाजिद ने खुद निर्दलीय चुनाव लड़ा और विजयी हासिल की। उसके बाद दो बार से फिर लगातार नवाब जहां निर्वाचित होती रही हैं। इस बार भी नवाब जहां ने सपा के टिकट पर 1377 मत हासिल कर निर्दलीय प्रत्याशी को पराजित किया।
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वार्ड सभासद के पद पर 25 सालों से काबिज पाल दंपती वार्ड 40 से निर्वाचित होने वाली सभासद कुसुमलता और उनके पति बिजेंद्र पिछले 25 सालों से सभासद पद पर काबिज है। कुसुमलता ने पहली बार भाजपा के टिकट पर 1999 में चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने विजयी हासिल की थी। इसके बाद लगातार दो बार बिजेंद्र वार्ड सभासद के लिए निर्वाचित हुए। अब पिछले दो योजनाओं में फिर से भाजपा के टिकट पर ही नवनिर्वाचित सभासद कुसुमलता ने ही विजयी हासिल की। उन्होंने बताया कि वह पांचों योजनाओं में भाजपा के टिकट पर ही जीती हैं। इस बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को 379 मतों से हराया है।
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20 सालों से लगातार परचम लहरा रहे अन्नू कुरैशी
निकाय चुनाव की पिछली चार योजनाओं में नवनिर्वाचित सभासद अन्नू कुरैशी लगातार परचम लहरा रहे हैं। इस बार भी उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और 1377 मत हासिल किए। निर्दलीय प्रत्याशी जीशान को 364 मतों से पराजित किया। सभासद अन्नू कुरैशी ने बताया कि उन्होंने पहली बार 2006 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने सपा प्रत्याशी को हराया था। दूसरे बार भी ऐसा ही हुआ। अब पिछली दो योजनाओं में वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और विजयी भी हुए है। इस बार वह लगातार चौथी बार सभासद बने हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगे भी ऐसे ही जनता का प्यार मिलता रहेगा।
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लगातार तीन योजनाओं में मां और बेटे हुए निर्वाचित
भाजपा के टिकट पर वार्ड 11 से चुनाव लड़कर सपा प्रत्याशी को पराजित करने वाले नवनिर्वाचित सभासद प्रशांत चौधरी का परिवार लगातार तीसरी बार बोर्ड में पहुंचा है। प्रशांत चौधरी ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने 2011 में चुनाव लड़ा था और निर्दलीय प्रत्याशी को हराया था। इसके बाद उनकी माता सुशीला ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और विजयी हासिल की। अब तीसरी बार उन्होंने खुद चुनाव लड़ा और सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र को 148 मतों से हरा दिया। पिछले 15 सालों से मां-बेटे दोनों सभासद पद पर काबिज है।
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तीसरी बार भी निर्वाचित हुए राजीव शर्मा
सभासद राजीव शर्मा लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए। इस बार वह भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते हैं। नवनिर्वाचित सभासद राजीव शर्मा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले 2006 में चुनाव लड़ा था। इस बार वह तीसरी बार वार्ड 25 से सभासद चुने गए है। पहला और दूसरा चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा था। दोनों में उन्होंने जीत हासिल की थी। इस बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी मनीष को 999 मतों के अंदर से हराया हैं।