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विश्व टीबी दिवस : कोरोना के साथ टीबी से भी बचाएगा मास्क
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मुजफ्फरनगर। क्षय रोग से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग मास्क लगाने को लेकर भी जागरूक कर रहा है। मास्क से कोरोना संक्रमण के साथ टीबी जैसी अन्य संक्रामक बीमारियों को फैलने से भी रोका जा सकता है।
जिले में टीबी के सिसौली टीबी यूनिट पर सबसे कम 71 और बुढ़ाना यूनिट पर 541 मरीज उपचार करा रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित डॉट सेंटर पर 1304 मरीज हैं। 2022 में घर-घर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अभी तक सात मरीज मिल चुके हैं। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर टीबी कार्यक्रम को बेहतर तरह से लागू करने के लिए जिले को कांस्य पदक मिला है।
टीबी से कहां कितने बीमार
टीबी सेंटर मरीज
डॉट सेंटर 1304
बुढ़ाना 546
जानसठ 501
चरथावल 494
बघरा 479
मखियाली 478
रोहाना 431
मोरना 425
खतौली 412
पुरकाजी 404
जिला अस्पताल 400
शाहपुर 352
गालिबपुर 273
मीरापुर 181
भोपा 138
सिसौली 71
सर्वे में मिले सात मरीज
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि टीबी खोज के लिए अभियान चलाया गया था। जिले में 10 हजार 55 घरों और 30 हजार आबादी का सर्वे किया गया। इनमें सात व्यस्क टीबी से पीड़ित मिले हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है।
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ये लक्षण दिखें, तो हो जाएं सावधान
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि टीबी के शुरूआत लक्षण दिखते ही सावधान हो जाना चाहिए। थकान, बुखार, तीन हफ्तों से अधिक खांसी, सांस लेने के दौरान सांस लेने में दर्द और कमजोरी महसूस होना। इन लक्षणों के दिखाई देते ही तुरंत ही टीबी की जांच करा लेनी चाहिए। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और उपचार निशुल्क उपलब्ध है। उपचार के बाद व्यक्ति बिल्कुल ठीक हो जाता है।
अब टीबी को भी हराएंगे टीके से : डॉ. सूर्यकांत
मुजफ्फरनगर। यूपी स्टेट टीबी टास्क फोर्स (क्षय नियंत्रण) के चेयरमैन व किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत का कहना ने सूचना विभाग के माध्यम से जारी किए बयान में कहा कि पूर्व में पोलियो व चेचक जैसी गंभीर बीमारियों को वैक्सीन के बल पर ही खत्म किया जा सका है। कोविड पर भी नियंत्रण टीके के बल पर ही पाया जा सका है । इसी को देखते हुए अब टीबी के खात्मे के लिए भी कारगर वैक्सीन लाने पर तेजी के साथ काम चल रहा है । दो वैक्सीन पर देश में काम चल रहा है। टीके के बल पर ही कई संक्रामक बीमारियों पर विजय पाई है।
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जिले में टीबी के सिसौली टीबी यूनिट पर सबसे कम 71 और बुढ़ाना यूनिट पर 541 मरीज उपचार करा रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित डॉट सेंटर पर 1304 मरीज हैं। 2022 में घर-घर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अभी तक सात मरीज मिल चुके हैं। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर टीबी कार्यक्रम को बेहतर तरह से लागू करने के लिए जिले को कांस्य पदक मिला है।
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टीबी से कहां कितने बीमार
टीबी सेंटर मरीज
डॉट सेंटर 1304
बुढ़ाना 546
जानसठ 501
चरथावल 494
बघरा 479
मखियाली 478
रोहाना 431
मोरना 425
खतौली 412
पुरकाजी 404
जिला अस्पताल 400
शाहपुर 352
गालिबपुर 273
मीरापुर 181
भोपा 138
सिसौली 71
सर्वे में मिले सात मरीज
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि टीबी खोज के लिए अभियान चलाया गया था। जिले में 10 हजार 55 घरों और 30 हजार आबादी का सर्वे किया गया। इनमें सात व्यस्क टीबी से पीड़ित मिले हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है।
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ये लक्षण दिखें, तो हो जाएं सावधान
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि टीबी के शुरूआत लक्षण दिखते ही सावधान हो जाना चाहिए। थकान, बुखार, तीन हफ्तों से अधिक खांसी, सांस लेने के दौरान सांस लेने में दर्द और कमजोरी महसूस होना। इन लक्षणों के दिखाई देते ही तुरंत ही टीबी की जांच करा लेनी चाहिए। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और उपचार निशुल्क उपलब्ध है। उपचार के बाद व्यक्ति बिल्कुल ठीक हो जाता है।
अब टीबी को भी हराएंगे टीके से : डॉ. सूर्यकांत
मुजफ्फरनगर। यूपी स्टेट टीबी टास्क फोर्स (क्षय नियंत्रण) के चेयरमैन व किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत का कहना ने सूचना विभाग के माध्यम से जारी किए बयान में कहा कि पूर्व में पोलियो व चेचक जैसी गंभीर बीमारियों को वैक्सीन के बल पर ही खत्म किया जा सका है। कोविड पर भी नियंत्रण टीके के बल पर ही पाया जा सका है । इसी को देखते हुए अब टीबी के खात्मे के लिए भी कारगर वैक्सीन लाने पर तेजी के साथ काम चल रहा है । दो वैक्सीन पर देश में काम चल रहा है। टीके के बल पर ही कई संक्रामक बीमारियों पर विजय पाई है।