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महिलाओं ने एसडीएम की कार रोकी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव नरा में एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र ने रेलवे लाइन पर बनने वाले अंडरपास का स्थलीय निरीक्षण किया। गांव के दोनों पक्षों ने एसडीएम के सामने अपनी मांग रखी। एक पक्ष के लोग मौजूदा रेलवे फाटक पर अंडरपास का निर्माण कराना चाहते हैं, जबकि दूसरा पक्ष रेलवे फाटक से 300 मीटर दूर जहां रेलवे मंत्रालय ने अंडरपास के लिए खुदाई का काम शुरू किया था, वे वहीं पर अंडरपास बनवाना चाहता है। इस दौरान महिलाओं ने एसडीएम की कार का घेराव करते हुए विरोध जताया। विरोध के चलते दोनों पक्षों के आमने सामने आने पर कोई निर्णय नहीं हो सका। विरोध को देखते हुए एसडीएम लौट गए।
रेलवे मंत्रालय ने गांव नरा में रेलवे लाइन पर अंडरपास बनाने के लिए खुदाई का काम प्रारंभ कराया था। गांव के एक पक्ष ने खुदाई का कार्य यह कह कर रुकवा दिया था कि इस जगह अंडरपास बनाने का कोई औचित्य नहीं है। अंडरपास रेलवे फाटक पर ही
बनना चाहिए। यदि इस जगह पर अंडरपास बनाया गया, तो ग्रामीणों को काफी लंबा रास्ता चलकर गांव में आना पड़ेगा। गांव का दूसरा पक्ष रेलवे फाटक से 300 मीटर दूर दक्षिणी दिशा में जहां रेलवे मंत्रालय ने खुदाई का कार्य शुरू किया हुआ है, वहीं पर अंडरपास का निर्माण चाहता है।
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इनका कहना है कि यदि रेलवे फाटक पर अंडरपास बनाया गया, तो उनके काफी मकान व दुकानें टूट जाएंगी। शुक्रवार को एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्ष अपने बातों को लेकर आमने-सामने आ गए। इस दौरान एक पक्ष की महिलाओं ने एसडीएम की गाड़ी का घेराव कर चेतावनी दी कि यदि रेलवे फाटक पर अंडरपास का कार्य प्रारंभ किया गया तो वे प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान दोनों पक्षों से काफी ग्रामीण आमने सामने आ गए। विरोध को देखते हुए एसडीएम चले गए। उन्होंने दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों को सोमवार के दिन वार्ता के लिए अपने दफ्तर मुजफ्फरनगर बुलाया है।
भाकियू जिला महामंत्री विनय भारद्वाज, ग्राम प्रधान वीरेंद्र सैनी का कहना है कि जहां ग्रामीण के मकानों व दुकानों को कम से कम नुकसान पहुंचता हो, रेल मंत्रालय को वहीं अंडरपास या फ्लाईओवर का निर्माण करना चाहिए। उनका कहना है कि रेलवे फाटक पर अंडरपास बनने से काफी लोगों के मकानों व दुकानों को तोड़ना पड़ेगा। इससे बहुत से लोग बेघर हो जाएंगे।
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रेलवे मंत्रालय ने गांव नरा में रेलवे लाइन पर अंडरपास बनाने के लिए खुदाई का काम प्रारंभ कराया था। गांव के एक पक्ष ने खुदाई का कार्य यह कह कर रुकवा दिया था कि इस जगह अंडरपास बनाने का कोई औचित्य नहीं है। अंडरपास रेलवे फाटक पर ही
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बनना चाहिए। यदि इस जगह पर अंडरपास बनाया गया, तो ग्रामीणों को काफी लंबा रास्ता चलकर गांव में आना पड़ेगा। गांव का दूसरा पक्ष रेलवे फाटक से 300 मीटर दूर दक्षिणी दिशा में जहां रेलवे मंत्रालय ने खुदाई का कार्य शुरू किया हुआ है, वहीं पर अंडरपास का निर्माण चाहता है।
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इनका कहना है कि यदि रेलवे फाटक पर अंडरपास बनाया गया, तो उनके काफी मकान व दुकानें टूट जाएंगी। शुक्रवार को एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्ष अपने बातों को लेकर आमने-सामने आ गए। इस दौरान एक पक्ष की महिलाओं ने एसडीएम की गाड़ी का घेराव कर चेतावनी दी कि यदि रेलवे फाटक पर अंडरपास का कार्य प्रारंभ किया गया तो वे प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान दोनों पक्षों से काफी ग्रामीण आमने सामने आ गए। विरोध को देखते हुए एसडीएम चले गए। उन्होंने दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों को सोमवार के दिन वार्ता के लिए अपने दफ्तर मुजफ्फरनगर बुलाया है।
भाकियू जिला महामंत्री विनय भारद्वाज, ग्राम प्रधान वीरेंद्र सैनी का कहना है कि जहां ग्रामीण के मकानों व दुकानों को कम से कम नुकसान पहुंचता हो, रेल मंत्रालय को वहीं अंडरपास या फ्लाईओवर का निर्माण करना चाहिए। उनका कहना है कि रेलवे फाटक पर अंडरपास बनने से काफी लोगों के मकानों व दुकानों को तोड़ना पड़ेगा। इससे बहुत से लोग बेघर हो जाएंगे।