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बरतेंगे सावधानी, जीवन में खुशियां भरेगी दिवाली
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मुजफ्फरनगर। दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन यह सुखद तभी होगा, जब तक आप सावधानी के साथ मनाते हैं। अक्सर लोग आतिशबाजी करते समय लापरवाही करते हैं, जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाता है। अग्निशमन विभाग और पुलिस अधिकारियों ने सभी से सावधानी बरतते हुए पटाखों का जलाने की अपील की है।
इस बार आतिशबाजी का बाजार नहीं लगा है, लेकिन गली मोहल्लों में पटाखे चोरी छिपे खूब बेचे जा रहे हैं। वहां से लोगों ने आतिशबाजी के लिए बडे़ पैमाने पर पटाखे खरीदे हैं। पटाखे जलाते समय अक्सर हादसे हो जाते हैं और उसके बाद अस्पताल भागने तक की नौबत आ जाती हैं। यदि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो अस्पताल जाने के बजाय दीपावली खुशियों भरी हो सकती है।
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ये बरतें सुरक्षा
- दुकान पर समुचित मात्रा में पानी और रेत रखें।
- दीपावली पर मोटे और चुस्त कपडे़ पहने तथा ढीले लहरदार सिंथेटिक कपड़ों को न पहनें।
- घर में पटाखे चलाते समय अग्नि दुर्घटना से तुरंत निबटने के लिए दो बाल्टी पानी भर कर रखें।
- पटाखों में आग लगने पर बुझाने के लिए पानी का प्रयोग करें।
-
ये बिल्कुल न करें
- हाथ में पकड़कर पटाखे न रखें। पहले नीचे रखें फिर उन्हें सुलगाएं तथा पीछे हट जाएं।
- किसी भी ऐसे स्थान पर हवाई आतिशबाजी न छुटाएं जहां रुकावट हो जैसे पेड़, तार आदि।
- खुली इमारत के पास आतिशबाजी न छुड़ाएं।
- घरों के भीतर आतिशबाजी का प्रयोग न करें।
- सार्वजनिक आने जाने के रास्ते पर पटाखे न जलाएं।
- बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें।
- बुझे पटाखों को पुन: जलाने की कोशिश न करें। उसे पानी से भरी बाल्टी में डाल दें।
- रात दस के बाद आतिशबाजी न करें।
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इस बार आतिशबाजी का बाजार नहीं लगा है, लेकिन गली मोहल्लों में पटाखे चोरी छिपे खूब बेचे जा रहे हैं। वहां से लोगों ने आतिशबाजी के लिए बडे़ पैमाने पर पटाखे खरीदे हैं। पटाखे जलाते समय अक्सर हादसे हो जाते हैं और उसके बाद अस्पताल भागने तक की नौबत आ जाती हैं। यदि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो अस्पताल जाने के बजाय दीपावली खुशियों भरी हो सकती है।
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ये बरतें सुरक्षा
- दुकान पर समुचित मात्रा में पानी और रेत रखें।
- दीपावली पर मोटे और चुस्त कपडे़ पहने तथा ढीले लहरदार सिंथेटिक कपड़ों को न पहनें।
- घर में पटाखे चलाते समय अग्नि दुर्घटना से तुरंत निबटने के लिए दो बाल्टी पानी भर कर रखें।
- पटाखों में आग लगने पर बुझाने के लिए पानी का प्रयोग करें।
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ये बिल्कुल न करें
- हाथ में पकड़कर पटाखे न रखें। पहले नीचे रखें फिर उन्हें सुलगाएं तथा पीछे हट जाएं।
- किसी भी ऐसे स्थान पर हवाई आतिशबाजी न छुटाएं जहां रुकावट हो जैसे पेड़, तार आदि।
- खुली इमारत के पास आतिशबाजी न छुड़ाएं।
- घरों के भीतर आतिशबाजी का प्रयोग न करें।
- सार्वजनिक आने जाने के रास्ते पर पटाखे न जलाएं।
- बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें।
- बुझे पटाखों को पुन: जलाने की कोशिश न करें। उसे पानी से भरी बाल्टी में डाल दें।
- रात दस के बाद आतिशबाजी न करें।