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देवबंद में सैनी समाज के शिव मंदिर को करेंगे जागृत : यशवीर महाराज
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-1992 के बाद से शिव मंदिर में नहीं हुई पूजा, नौ मार्च को करेंगे कार्यक्रम
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। योग साधना यशवीर आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि सहारनपुर के देवबंद में 33 साल से बंद सैनी समाज के शिव मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू कराई जाएगी। नौ मार्च को मंदिर को जागृत किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को जारी किए गए बयान में उन्होंने कहा कि देवबंद के कोटला मोहल्ले को पुरानी सैनी कॉलोनी और सैनी सराय नाम से जाना जाता था। यहां सैनी समाज के लोग रहते थे। इसके बाद यहां मुस्लिम आबादी बढ़नी शुरू हुई। आरोप लगाया कि सैनी समाज ने परेशान होकर पलायन कर दिया।
साल 1992 में सैनी समाज पूरी तरह पलायन कर गया। इस बस्ती में ही सैंकड़ों साल पुराना प्राचीन शिव मंदिर था, जिसमें सैनी समाज के पलायन के बाद से पूजा बंद है। उन्होंने कहा कि यह चिंतन करने की आवश्यकता है कि मंदिर बंद और खंडहर क्यों हो जाते हैं। वहीं हिंदू आबादी में दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थल बेहद सुरक्षित हैं। नौ मार्च को सुबह 10 बजे बैरून कोटला में बंद शिव मंदिर को हवन पूजन करके जागृत किया जाएगा। मंदिर के संचालन के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा।
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इनसेट
अब तक इन मंदिरों में कराई पूजा
स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि मुजफ्फरनगर के लद्दावाला और मीरापुर के प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कराई है। दोनों जगह के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। योग साधना यशवीर आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि सहारनपुर के देवबंद में 33 साल से बंद सैनी समाज के शिव मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू कराई जाएगी। नौ मार्च को मंदिर को जागृत किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को जारी किए गए बयान में उन्होंने कहा कि देवबंद के कोटला मोहल्ले को पुरानी सैनी कॉलोनी और सैनी सराय नाम से जाना जाता था। यहां सैनी समाज के लोग रहते थे। इसके बाद यहां मुस्लिम आबादी बढ़नी शुरू हुई। आरोप लगाया कि सैनी समाज ने परेशान होकर पलायन कर दिया।
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साल 1992 में सैनी समाज पूरी तरह पलायन कर गया। इस बस्ती में ही सैंकड़ों साल पुराना प्राचीन शिव मंदिर था, जिसमें सैनी समाज के पलायन के बाद से पूजा बंद है। उन्होंने कहा कि यह चिंतन करने की आवश्यकता है कि मंदिर बंद और खंडहर क्यों हो जाते हैं। वहीं हिंदू आबादी में दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थल बेहद सुरक्षित हैं। नौ मार्च को सुबह 10 बजे बैरून कोटला में बंद शिव मंदिर को हवन पूजन करके जागृत किया जाएगा। मंदिर के संचालन के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा।
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अब तक इन मंदिरों में कराई पूजा
स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि मुजफ्फरनगर के लद्दावाला और मीरापुर के प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कराई है। दोनों जगह के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।