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Muzaffarnagar News: उत्तराखंड से आया पानी, भूराहेड़ी और धमात के बीच तनाव
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पुरकाजी। उत्तराखंड के गांव सकौती के खेतों से निकाले गए पानी को लेकर क्षेत्र के भूराहेड़ी और धमात गांव के बीच तनाव बना हुआ है। धमात के ग्रामीणों ने मिट्टी डालने का विरोध किया और मौके पर एकत्र हो गए। उधर, भाकियू नेता और भूराहेड़ी की प्रधान के पति मोनू पंवार ने थाने पहुंचकर आरोप लगाया कि धमात के युवकों ने धमकी दी है। सदर तहसील के कानूनगो पवन कुमार और लेखपाल कृष्णपाल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है ।
गांव धमात के ग्रामीणों का आरोप है कि भाकियू नेता एवं ग्राम प्रधान के पति मोनू पंवार ने उनके 70 साल पुराने रास्ते पर मिट्टी डाली है। सोमवार रात और मंगलवार को मौके पर धमात के ग्रामीण पहुंचे गए और विरोध किया।
मंगलवार को भी धमात ग्राम प्रधान सचिन गुर्जर, रतन सिंह चेयरमैन, जशवीर सिंह व बबलू कुमार ग्रामीणों के साथ मिट्टी डाले गए रास्ते पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि रास्ता रोकना गलत है। इसे किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दिया जाएगा। उत्तराखंड के मंगलौर थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ देर रुककर वापस लौट गई।
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उधर, मोनू पंवार अपने समर्थकों के साथ पुरकाजी थाने पहुंचकर एसओ डॉ. मानवेंद्र सिंह भाटी से मिले। उन्होंने धमात के कुछ युवकों पर अपने परिवार के लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने व धमकी देने का आरोप लगाया है।
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क्या है मामला
पहाड़ी क्षेत्र में बरसात के कारण मंगलौर के सकौती गांव के खेतों में पानी भर गया था। सकौती के ग्रामीणों ने रास्ता तोड़कर पानी यूपी की सीमा के गांव भूराहेड़ी की तरफ निकाल दिया। इसके बाद भूराहेड़ी के ग्रामीण पहुंचे और जेसीबी से मिट्टी डलवाकर पानी रोक दिया लेकिन धमात का रास्ता भी रुक गया। अब धमात और भूराहेड़ी गांव के ग्रामीणों के बीच तनाव बना हुआ है।
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सात दशक से हमारा रास्ता : सचिन गुर्जर
धमात के प्रधान सचिन गुर्जर और ग्रामीण रतन चेयरमैन ने बताया कि यह रास्ता उत्तराखंड से हमारे गांव में आता है। गुरुकुल और आसपास अन्य गांवों से धमात व आसपास गांवों में जाने वाले लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। पिछले करीब 70 वर्षों से यह रास्ता बना हुआ है। मिट्टी डालने से यह रास्ता बंद हो जाएगा।
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वर्जन
मौके पर तहसील कर्मियों को भेजा गया था, उनकी जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों गांव के ग्रामीणों से बातचीत की जा रही है। दोनों गांवों के जिम्मेदार ग्रामीणों को बुलाकर समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
- राजू साव, सीओ सदर
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गांव धमात के ग्रामीणों का आरोप है कि भाकियू नेता एवं ग्राम प्रधान के पति मोनू पंवार ने उनके 70 साल पुराने रास्ते पर मिट्टी डाली है। सोमवार रात और मंगलवार को मौके पर धमात के ग्रामीण पहुंचे गए और विरोध किया।
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मंगलवार को भी धमात ग्राम प्रधान सचिन गुर्जर, रतन सिंह चेयरमैन, जशवीर सिंह व बबलू कुमार ग्रामीणों के साथ मिट्टी डाले गए रास्ते पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि रास्ता रोकना गलत है। इसे किसी भी सूरत में बंद नहीं होने दिया जाएगा। उत्तराखंड के मंगलौर थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ देर रुककर वापस लौट गई।
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उधर, मोनू पंवार अपने समर्थकों के साथ पुरकाजी थाने पहुंचकर एसओ डॉ. मानवेंद्र सिंह भाटी से मिले। उन्होंने धमात के कुछ युवकों पर अपने परिवार के लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने व धमकी देने का आरोप लगाया है।
क्या है मामला
पहाड़ी क्षेत्र में बरसात के कारण मंगलौर के सकौती गांव के खेतों में पानी भर गया था। सकौती के ग्रामीणों ने रास्ता तोड़कर पानी यूपी की सीमा के गांव भूराहेड़ी की तरफ निकाल दिया। इसके बाद भूराहेड़ी के ग्रामीण पहुंचे और जेसीबी से मिट्टी डलवाकर पानी रोक दिया लेकिन धमात का रास्ता भी रुक गया। अब धमात और भूराहेड़ी गांव के ग्रामीणों के बीच तनाव बना हुआ है।
सात दशक से हमारा रास्ता : सचिन गुर्जर
धमात के प्रधान सचिन गुर्जर और ग्रामीण रतन चेयरमैन ने बताया कि यह रास्ता उत्तराखंड से हमारे गांव में आता है। गुरुकुल और आसपास अन्य गांवों से धमात व आसपास गांवों में जाने वाले लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं। पिछले करीब 70 वर्षों से यह रास्ता बना हुआ है। मिट्टी डालने से यह रास्ता बंद हो जाएगा।
वर्जन
मौके पर तहसील कर्मियों को भेजा गया था, उनकी जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों गांव के ग्रामीणों से बातचीत की जा रही है। दोनों गांवों के जिम्मेदार ग्रामीणों को बुलाकर समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
- राजू साव, सीओ सदर