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शहीद चौक मामले में आरोपी ने वारंट रिकॉल कराए
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शहीद चौक मामले में आरोपी ने वारंट रिकॉल कराए
मुजफ्फरनगर। शहीद चौक की सभा में भड़काऊ भाषण देने के मामले में आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी होने पर एक आरोपी असद जमा एडवोकेट ने एडीजे-चार कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल करा लिए। उन्हें 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत मिली है। इस मामले में आरोप तय होने के लिए 10 जनवरी की तारीख निर्धारित है। इससे पहले इस मामले में नामजद पूर्व सांसदों और विधायकों समेत नौ आरोपियों को भी कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल कराना होगा।
कवाल कांड को लेकर छह साल पहले 30 अगस्त 2013 को शहर के खालापार स्थित शहीद चौक पर एक वर्ग की सभा हुई थी, जिसमें राजनेता भी शामिल हुए थे। जिले में दंगा भड़काने पर इस सभा का मुकदमा भी शहर कोतवाली में दर्ज किया गया, जिसमें तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, तत्कालीन चरथावल विधायक नूरसलीम राना, मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी, पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं पूर्व सांसद सईदुज्जमां, उनके बेटे सलमान सईद, असद जमां, सुल्तान मुशीर, अहसान कुरैशी, नौशाद कुरैशी और मुशर्रफ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज हुआ था। भड़काऊ भाषण के मामले में शासन से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी, जिस कारण यह फाइल अलग हो गई थी। अदालत ने एक मार्च 2019 को उक्त आरोपियों के कोर्ट में पेश नहीं होने पर सभी के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे, तभी से ये वारंट लगातार जारी है। इस मामले में न तो आरोपी कोर्ट में पेश हुए और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई है। अब इस मामले की सुनवाई एडीजे- चार कोर्ट में चल रही है। जिसमें आरोप तय करने के लिए 10 जनवरी की तारीख लगी है। बुधवार को एक आरोपी असद जमा एडवोकेट ने अदालत के समक्ष पेश होकर अपने वारंट रिकॉल कराए हैं। अब बाकी नौ आरोपियों को भी 10 जनवरी से पहले कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल कराना होगा।
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मुजफ्फरनगर। शहीद चौक की सभा में भड़काऊ भाषण देने के मामले में आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी होने पर एक आरोपी असद जमा एडवोकेट ने एडीजे-चार कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल करा लिए। उन्हें 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत मिली है। इस मामले में आरोप तय होने के लिए 10 जनवरी की तारीख निर्धारित है। इससे पहले इस मामले में नामजद पूर्व सांसदों और विधायकों समेत नौ आरोपियों को भी कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल कराना होगा।
कवाल कांड को लेकर छह साल पहले 30 अगस्त 2013 को शहर के खालापार स्थित शहीद चौक पर एक वर्ग की सभा हुई थी, जिसमें राजनेता भी शामिल हुए थे। जिले में दंगा भड़काने पर इस सभा का मुकदमा भी शहर कोतवाली में दर्ज किया गया, जिसमें तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, तत्कालीन चरथावल विधायक नूरसलीम राना, मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी, पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं पूर्व सांसद सईदुज्जमां, उनके बेटे सलमान सईद, असद जमां, सुल्तान मुशीर, अहसान कुरैशी, नौशाद कुरैशी और मुशर्रफ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज हुआ था। भड़काऊ भाषण के मामले में शासन से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी, जिस कारण यह फाइल अलग हो गई थी। अदालत ने एक मार्च 2019 को उक्त आरोपियों के कोर्ट में पेश नहीं होने पर सभी के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे, तभी से ये वारंट लगातार जारी है। इस मामले में न तो आरोपी कोर्ट में पेश हुए और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई है। अब इस मामले की सुनवाई एडीजे- चार कोर्ट में चल रही है। जिसमें आरोप तय करने के लिए 10 जनवरी की तारीख लगी है। बुधवार को एक आरोपी असद जमा एडवोकेट ने अदालत के समक्ष पेश होकर अपने वारंट रिकॉल कराए हैं। अब बाकी नौ आरोपियों को भी 10 जनवरी से पहले कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल कराना होगा।
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