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Muzaffarnagar News: मुरादाबाद, बरेली के लिए ... विकेश ने 11 घंटे लड़ी मौत से लड़ाई, मलबे में दबा पैर और पेट में घुस था सरिया
Tue, 16 Apr 2024 04:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 16 Apr 2024 04:36 AM IST
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जानसठ में लेंटर के मलबे में दबा मजदूर सुबह के चार बजे घायल अवस्था में बिकेश को ले जाती एनडीआरएफ
- एनडीआरएफ व एसडीआरएफ ने रातभर चलाया रेस्क्यू अभियान, सुबह चार बजे मलबे से निकाला
(फोटो समाचार)
संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। तालड़ा मोड़ पर हुए हादसे में मजदूर विकेश 11 घंटे जिंदगी और मौत के बीच फंसा रहा, लेकिन हौसला नहीं हारा। एनडीआरएफ की टीम रात तक उसकी तलाश करती रही। जब विकेश मिला तो उसका पैर मलबे में बुरी तरह दबा था और पेट में सरिया घुसा था। रेस्क्यू टीम ने किसी तरह उसे बचाया और प्राथमिक उपचार देकर उसे मेरठ अस्पताल भेजा। 11 घंटे बाद बाहर निकाले गए विकेश ने विजय का अंगूठा दिखाया तो खुशियां छा गईं।
हादसा होने के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की बचाव टीमों ने रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया। मलबे में दबा मजदूर विकेश भी मौत से जंग लड़ रहा था। वह 11 घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा। उसने बचाव के दौरान एनडीआरएफ टीम को हाथ से इशारे भी किए और बात भी की। मशक्कत कर एनडीआरएफ टीम ने सोमवार सुबह चार बजे जिला रामपुर के गांव सराय माजरा निवासी मजदूर विकेश पुत्र कृपाल को घायल अवस्था में बाहर निकाल लिया। उसने बचाने के लिए लिंटर काटना पड़ा। टीम ने उसे इंजेक्शन लगाया, ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई। मेरठ अस्पताल में घायल विकेश का उपचार चल रहा है। उसकी हालत में सुधार है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान रातभर मौके पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर, एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र सिंह, एसडीएम सुबोध कुमार, एएसपी विनायक भोसले, सीओ राम आशीष यादव सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
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विकेश और विक्की दोनों भाई मजदूरी करने आए थे
जिला रामपुर के गांव सराय माजरा निवासी विकेश व विक्की पुत्रगण कृपाल दोनों भाई मजदूरी करने के लिए आए थे। लिंटर गिरने के दौरान एक भाई विक्की बाल-बाल बच गया था। जबकि विकेश मलबे में दबा रह गया था।
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(फोटो समाचार)
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। तालड़ा मोड़ पर हुए हादसे में मजदूर विकेश 11 घंटे जिंदगी और मौत के बीच फंसा रहा, लेकिन हौसला नहीं हारा। एनडीआरएफ की टीम रात तक उसकी तलाश करती रही। जब विकेश मिला तो उसका पैर मलबे में बुरी तरह दबा था और पेट में सरिया घुसा था। रेस्क्यू टीम ने किसी तरह उसे बचाया और प्राथमिक उपचार देकर उसे मेरठ अस्पताल भेजा। 11 घंटे बाद बाहर निकाले गए विकेश ने विजय का अंगूठा दिखाया तो खुशियां छा गईं।
हादसा होने के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की बचाव टीमों ने रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया। मलबे में दबा मजदूर विकेश भी मौत से जंग लड़ रहा था। वह 11 घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ता रहा। उसने बचाव के दौरान एनडीआरएफ टीम को हाथ से इशारे भी किए और बात भी की। मशक्कत कर एनडीआरएफ टीम ने सोमवार सुबह चार बजे जिला रामपुर के गांव सराय माजरा निवासी मजदूर विकेश पुत्र कृपाल को घायल अवस्था में बाहर निकाल लिया। उसने बचाने के लिए लिंटर काटना पड़ा। टीम ने उसे इंजेक्शन लगाया, ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई। मेरठ अस्पताल में घायल विकेश का उपचार चल रहा है। उसकी हालत में सुधार है।
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रेस्क्यू अभियान के दौरान रातभर मौके पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर, एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र सिंह, एसडीएम सुबोध कुमार, एएसपी विनायक भोसले, सीओ राम आशीष यादव सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
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विकेश और विक्की दोनों भाई मजदूरी करने आए थे
जिला रामपुर के गांव सराय माजरा निवासी विकेश व विक्की पुत्रगण कृपाल दोनों भाई मजदूरी करने के लिए आए थे। लिंटर गिरने के दौरान एक भाई विक्की बाल-बाल बच गया था। जबकि विकेश मलबे में दबा रह गया था।