{"_id":"68a0ea24714e03bdd207ed26","slug":"vansh-will-recover-from-injury-and-play-for-the-country-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1032-152195-2025-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: चोट से उबरकर देश के लिए खेलेंगे वंश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: चोट से उबरकर देश के लिए खेलेंगे वंश
विज्ञापन
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव जंधेड़ी के रहने वाले किसान कपिल देव के 17 वर्षीय बेटे बैडमिंटन खिलाड़ी वंश देव का चयन विश्व जूनियर चैंपियनशिप के लिए टीम इंडिया में हुआ। अक्तूबर माह में गुवाहटी में खेलों का आयोजन किया जाएगा। चोट से उबरकर शानदार प्रदर्शन करने वाले वंश ने साबित कर दिखाया कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
खिलाड़ी वंश देव दिल्ली के जीआर इंटर नेशनल स्कूल में पढ़ता है। 2020 में टूर्नामेंट खेलते हुए कमर में चोट लगने से वंश देव को छह महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा। डॉक्टरों ने सुझाव दिया कि खेल छोड़ना पड़ेगा, लेकिन वंश ने हार नहीं मानी। दोबारा एशियन चैंपियनशिप के दौरान कंधे की चोट से छह महीने बिस्तर पर रहना पड़ा। वंश ने दोबारा मेहनत की और अब गुवाहटी में होने वाले जूनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए चयन हो गया है। टीम इंडिया को चाइना के ग्रुप में रखा गया है।
वंश देव ने कई पदक जीते
वंश देव ने ऑल इंडिया/नेशनल लेवल पर आठ पदक जीते है। राज्य स्तर पर 20 से अधिक मेडल जीते। सीबीएसई नेशनल चैंपियन बने, दोनों बार अंडर 13, अंडर 15 में ऑल इंडिया नंबर वन, अंडर 17 में नंबर दो पर रहे।
विज्ञापन
कड़ी मेहनत से मिला चयन का फल
किसान कपिल दव कहते हैं कि यह चयन सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि अथक परिश्रम, अकथनीय दर्द, जबरदस्त आर्थिक बोझ और अटूट विश्वास की एक ऐसी कहानी है। मां भावना देव कहती हैं कि वह बेटे की जीत के इंतजार में है। परिवार ने आर्थिक परेशानियां झेली, लेकिन बेटे ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया है।
विज्ञापन
खिलाड़ी वंश देव दिल्ली के जीआर इंटर नेशनल स्कूल में पढ़ता है। 2020 में टूर्नामेंट खेलते हुए कमर में चोट लगने से वंश देव को छह महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा। डॉक्टरों ने सुझाव दिया कि खेल छोड़ना पड़ेगा, लेकिन वंश ने हार नहीं मानी। दोबारा एशियन चैंपियनशिप के दौरान कंधे की चोट से छह महीने बिस्तर पर रहना पड़ा। वंश ने दोबारा मेहनत की और अब गुवाहटी में होने वाले जूनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए चयन हो गया है। टीम इंडिया को चाइना के ग्रुप में रखा गया है।
विज्ञापन
वंश देव ने कई पदक जीते
वंश देव ने ऑल इंडिया/नेशनल लेवल पर आठ पदक जीते है। राज्य स्तर पर 20 से अधिक मेडल जीते। सीबीएसई नेशनल चैंपियन बने, दोनों बार अंडर 13, अंडर 15 में ऑल इंडिया नंबर वन, अंडर 17 में नंबर दो पर रहे।
विज्ञापन
कड़ी मेहनत से मिला चयन का फल
किसान कपिल दव कहते हैं कि यह चयन सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि अथक परिश्रम, अकथनीय दर्द, जबरदस्त आर्थिक बोझ और अटूट विश्वास की एक ऐसी कहानी है। मां भावना देव कहती हैं कि वह बेटे की जीत के इंतजार में है। परिवार ने आर्थिक परेशानियां झेली, लेकिन बेटे ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया है।