फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Utkal Express Incident

उत्कल एक्सप्रेस हादसा - जानबूझकर किया गया यात्रियों की जान से खिलवाड़      

Wed, 06 Sep 2017 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 06 Sep 2017 12:41 AM IST
विज्ञापन
Utkal Express Incident
खतौली में ट्रैक की मरम्मत करते रेलवे कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन में सवार यात्रियों की जिंदगी से जानबूझकर खिलवाड़ किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस कदर लापरवाही बरती कि चंद मिनटों में 26 जिंदगी मौत के आगोश में समा गईं। जीआरपी एसआई की थाने में दर्ज रिपोर्ट में काफी हद तक हादसे की तस्वीर साफ हो रही है, जिसमें सीधे रूप से पटरी बदलने वालों के साथ स्टेशन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रथमदृष्टया दोषी बनाया गया है। हादसे की जांच में फाइनल रिपोर्ट लगते ही गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू किया जाएगा।  
विज्ञापन


दिल्ली डिवीजन के दिल्ली-टपरी रेल मार्ग पर 19 अगस्त को 17.45 बजे खतौली के किलोमीटर के खंभा 101/4 पर पुरी-हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे का शिकार हुई थी। हादसा इतना भयावह था कि उत्कल के 13 डिब्बों के पटरी से उतरने के साथ परखचे उड़ गए। हादसे में 26 यात्रियों की मौत हुई है, जबकि 200 से अधिक घायल हुए। हादसे की खतौली जीआरपी चौकी इंचार्ज एसआई अजय कुमार ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन


रिपोर्ट में जो तथ्य दर्शाए गए हैं, वह काफी चौंकाने वाला खुलासा कर रहे हैं। एफआईआर में साफ है कि 19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जाने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस खतौली रनथ्रो तेज स्पीड से गुजरी। इससे पहले पटरी पर बदलने का लापरवाही से कार्य किया जा रहा था। रेलवे विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाते हुए ब्लॉक और कॉशन तक नहीं लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया है कि पटरी बदलने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही घटना के दिन रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर नियुक्त अधिकारियों, कर्मचारियों ने लापरवाही बरती,
 जिसके कारण ट्रेन हादसे का शिकार हुुई। ऐसे में साफ है कि रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्कल ट्रेन में सवार यात्रियों की जिंदगी से जानबूझकर खिलवाड़ किया, जिसके चलते यात्री अकाल मौत का शिकार हो गए। हादसे में रेलवे स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी गाज गिरना तय है। फाइनल रिपोर्ट बनने के बाद मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू होगा। सीओ जीआरपी गाजियाबाद रणधीर सिंह ने बताया कि अभी जांच में वक्त लगेगा। विवेचना जारी है, दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होगी।  

मृतकों के रखे गए डीएनए अवशेष 
मुजफ्फरनगर। रेलवे बोर्ड और जीआरपी के आला अधिकारियों ने सभी मृतकों के डीएनए अवशेष सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। पीएम के बाद मृतक के शरीर के किसी भी अंग की एक हड्डी, (हाथ, पैर, जबड़ा या सिर के बाल) आदि डीएनए के रूप में रखा गया है। ताकि नियम विरुद्ध दावा नहीं कर सकें। मृतक को जिंदा या अज्ञात बताने पर उसकी डीएनए से ही जांच-पड़ताल की जाएगी।  

ट्रैक-ट्रेन पर रखी जा रही कड़ी निगाहें 
मुजफ्फरनगर। खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के डिरेलमेंट होने के बाद ट्रैक और ट्रेनों पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के कोच में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। 16 दिन बीतने के बाद भी रेलवे बोर्ड खतौली में उत्कल हादसे के मलबे को नहीं उठा सका है। पटरी के किनारे ट्रेन का मलबा पड़ा है, जिसकी सुरक्षा में  आरपीएफ के जवान तैनात हैं।  

 रेलवे स्टेशन और ट्रैक का निरीक्षण किया
खतौली। रेलवे विभाग के डिप्टी सीएसई रवि त्रिवेदी ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान गैंगमैनों को रेलवे ट्रैक को ठीक करने के साथ कर्मचारियों को ओएचई वायरों को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 

जगत कॉलोनी के सामने 19 अगस्त को हुई कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद से रेलवे विभाग के अधिकारी लगातार दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करते चले आ रहे हैं। ट्रेन के हादसे के बाद से रेलवे विभाग पूरी तरह से सतर्क है। मंगलवार को विभाग के डिप्टी सीएसई रवि त्रिवेदी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इन्होंने सबसे पहले नए निर्माणाधीन अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।

डिप्टी सीएसई ने कर्मचारियों को नए निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का अतिशीघ्र काम पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रेलवे ट्रैक और ओएचई वायरों का बारीकी के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रैक और ओएचई वायरों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।


उधर, ट्रेन हादसे के बाद तैयार कराए गए नया रेलवे ट्रैक भी अभी तक पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हो सका है। अब रेलवे ट्रैक के हादसे के दौरान टूट चुके सिमेंट के स्लीपरों को बदलवाया जा रहा है। हालांकि ट्रेनों का इस ट्रैक से संचालन धीमी गति से चालू है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed