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हर स्तर पर हो मातृभाषा का उपयोग
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हर स्तर पर हो मातृभाषा का उपयोग
मुजफ्फरनगर। डीएवी कॉलेज में अध्यापक शिक्षा विभाग में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हर स्तर पर मातृभाषा के उपयोग पर जोर दिया गया।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा शिवा शर्मा, अंजलि पुंडीर, अंजलि अहलावत, पूनम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। बीएड द्वितीय वर्ष के छात्र अमित ने कहा कि विद्यालयीय शिक्षा में मातृभाषा की अवहेलना हो रही है। छात्रा रश्मि सैनी ने निज भाषा की उन्नति को ही मानव की उन्नति का मूल बताया। मनीष चंदेल, शिवा शर्मा, आरती ने मातृभाषा के अधिकतम प्रयोग पर जोर दिया। प्रवक्ता डा. रेखा रानी ने कहा कि अंग्रेजी की मानसिक दस्ता से मुक्त होकर हर स्तर पर देशज का उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में प्राचार्या डा. शशि शर्मा ने डीएम सेल्वा कुमारी जे का उदाहरण देते हुए अन्य प्रादेशिक भाषाओं का भी सम्मान करने तथा उन्हें सीखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डा. सुनीता शर्मा, डा. कल्पना आदि ने विचार रखे। संचालन छात्र आशुतोष सिंह ने किया।
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मुजफ्फरनगर। डीएवी कॉलेज में अध्यापक शिक्षा विभाग में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हर स्तर पर मातृभाषा के उपयोग पर जोर दिया गया।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा शिवा शर्मा, अंजलि पुंडीर, अंजलि अहलावत, पूनम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। बीएड द्वितीय वर्ष के छात्र अमित ने कहा कि विद्यालयीय शिक्षा में मातृभाषा की अवहेलना हो रही है। छात्रा रश्मि सैनी ने निज भाषा की उन्नति को ही मानव की उन्नति का मूल बताया। मनीष चंदेल, शिवा शर्मा, आरती ने मातृभाषा के अधिकतम प्रयोग पर जोर दिया। प्रवक्ता डा. रेखा रानी ने कहा कि अंग्रेजी की मानसिक दस्ता से मुक्त होकर हर स्तर पर देशज का उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में प्राचार्या डा. शशि शर्मा ने डीएम सेल्वा कुमारी जे का उदाहरण देते हुए अन्य प्रादेशिक भाषाओं का भी सम्मान करने तथा उन्हें सीखने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डा. सुनीता शर्मा, डा. कल्पना आदि ने विचार रखे। संचालन छात्र आशुतोष सिंह ने किया।
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