UP: एसटीएफ की टीम ने पीएफआई के सदस्य मुनीर को मुजफ्फरनगर से दबोचा, पूछताछ जारी
Muzaffarnagar News : एसटीएफ की टीम ने पीएफआई के सदस्य मुनीर को मुजफ्फरनगर जिले से दबोचा है। फिलहाल एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ कर रही है।
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एसटीएफ की टीम ने पीएफआई के सदस्य मुनीर को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है। फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में अभी कई बड़े राज खुल सकते हैं। बताया गया कि मेरठ में दर्ज मुदकमे में वांछित चल रहा था।
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एटीएस ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया) के सदस्य मुनीर को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया है। एटीएस का दावा है कि वह पीएफआई की एडहॉक कमेटी का सदस्य है और उसे पश्चिमी उप्र में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी। मेरठ में दर्ज एक मामले में भी वह वांटेड चल रहा था। उधर, मुजफ्फरनगर से पीएफआई के सदस्य के पकड़े जाने की खबर से अफसरों में हलचल का माहौल है। वहीं, शहर के लोगों में भी गिरफ्तारी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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डीजीपी विशेष प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले साल मेरठ के थाना खरखौदा में देश विरोधी गतिविधियों में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी विवेचना एटीएस कर रही थी। इस प्रकरण में अभियुक्त मौलाना शादाब अजीज कासमी, मौलाना साजिद, मौलाना इस्लाम कासमी एवं मुफ्ती शहजाद को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में मुजफ्फरनगर के गांव दधेड़ कला के रहने वाला मुनीर आलम का नाम सामने आया था।
वहीं, पता चला कि मुनीर पीएफआई का सक्रिय सदस्य है। पीएफआई के प्रतिबंधित होने के बावजूद वह अपने हिडन एजेंडे पर काम कर रहा है। एटीएस यूपी सुरागरसी, इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी। मंगलवार को पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया। उससे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से उसकी 10 दिन की पुलिस रिमांड स्वीकृत कर दी गई है।
2015 में जुड़ा था पीएफआई से
एटीएस की मानें तो मुनीर इंटर करने के बाद तीन साल घर रहा। वर्ष 2015 में उसने वकालत की पढ़ाई के लिए मेरठ में दाखिल लिया। मुनीर ने पूछताछ में बताया कि मौलाना शादाब उनके गांव आया जाया करते थे। तभी से वह पीएफआई से जुड़ा और उनके कामों में भाग लेने लगा।