फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   UP: SP MP Raises Issue in Parliament, Says People Being Targeted Based on Caste, Language and Attire

UP: संसद में बरसे सपा सांसद हरेंद्र मलिक, कहा-जाति जुबान और लिबास देखकर किया जा रहा लंगड़ा

Wed, 01 Apr 2026 10:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 01 Apr 2026 10:43 PM IST
सार

सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने संसद में कहा कि उत्तर प्रदेश में जाति, जुबान और लिबास देखकर लोगों को लंगड़ा किया जा रहा है। मजदूरों और पर्यावरण के मुद्दे भी उठाए।

 

विज्ञापन
UP: SP MP Raises Issue in Parliament, Says People Being Targeted Based on Caste, Language and Attire
सपा सांसद हरेंद्र मलिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर से सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने संसद में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और मजदूरों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जाति, जुबान और लिबास देखकर लोगों को लंगड़ा किया जा रहा है और युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है।

विज्ञापन


जाति और लिबास के आधार पर कार्रवाई का आरोप
संसद में बोलते हुए हरेंद्र मलिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोगों के साथ भेदभावपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना था कि जाति, जुबान और लिबास देखकर लोगों को लंगड़ा किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि युवाओं का भविष्य खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाकर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामला: सुप्रीम कोर्ट सख्त, आवास विकास चेयरमैन को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब

विज्ञापन
विज्ञापन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाज की कमी का मुद्दा
सपा सांसद ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंभीर बीमारियों के इलाज की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के इलाज की पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। साथ ही उन्होंने पर्यावरण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और सरकार को उद्योगों पर सख्ती करनी चाहिए।
 

मजदूरों की स्थिति पर भी उठाए सवाल
लोकसभा में जन विश्वास विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान हरेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में जमीनी हकीकत दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि मजदूरों को न्यूनतम धनराशि नहीं मिलती और उन्हें सुरक्षा के उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते।

उन्होंने कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्योगों के मालिक सरकार से कई तरह की छूट लेने के बावजूद भी श्रमिकों को राहत नहीं देते। उनके अनुसार सरकार की नीतियां मजदूरों के शोषण को बढ़ावा दे रही हैं। इस विधेयक में सूक्ष्म और लघु उद्योग तथा नए उद्यमों के लिए राहत का प्रावधान केवल दिखावटी है। सरकार को मजदूरों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed