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UP News: धर्मांतरण मामला... कलीम सिद्दीकी ने मेरठ कालेज से बीएससी की, एमबीबीएस छोड़ बना मौलाना
Thu, 12 Sep 2024 12:30 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 12 Sep 2024 12:30 AM IST
सार
कलीम सिद्दीकी ने मेरठ कालेज से बीएससी की और एमबीबीएस डाक्टर बनने के लिए सीपीएमटी में 57वीं रैंक हासिल की, लेकिन डॉक्टर की बजाय मौलाना बनकर दीनी तालीम देने लगा।
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मौलाना कलीम सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी ने मेरठ कालेज से बीएससी की और एमबीबीएस डाक्टर बनने के लिए सीपीएमटी में 57वीं रैंक हासिल की, लेकिन डॉक्टर की बजाय मौलाना बनकर दीनी तालीम देने लगा। अपना मदरसा बनाया और उसके ट्रस्ट को खाड़ी देशों से तीन करोड़ रुपये की फंडिंग के साथ ही हवाला के जरिए भी खूब धन मिला। ढाई दशक में ही फुलत के मदरसे का नाम विदेशों तक पहुंचा।
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किसान अमीन सिद्दीकी का बेटा कलीम सिद्दीकी (67) पढ़ने में तेज तर्रार था। उसके भतीजे हकीम जफर महमूद के मुताबिक प्रारंभिक शिक्षा फुलत गांव के मदरसे में ही हुई थी। पिकेट इंटर कॉलेज खतौली से विज्ञान वर्ग में इंटर की। मेरठ कॉलेज मेरठ से बीएससी के बाद एमबीबीएस डाक्टर बनने की बजाय लखनऊ के मदरसे में दीनी तालीम हासिल की और गांव में ही पुराने मदरसे फैजुल इस्लाम में दीनी तालीम देने की शुरुआत कर मौलाना बन गया। साल 1998 में जामिया इमाम शाह वलीउल्लाह इस्लामिया की नींव रखी तो मौलाना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस बीच मौलाना पर धर्मांतरण के मामले भी सामने आए। कई बार आरोप लगे, जिसके बाद सितंबर 2021 में कलीम को पकड़ा गया था।
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लखनऊ के नदवतुल उलमा में की थी पढ़ाई
मौलाना कलीम ने सीपीएमटी उत्तीर्ण करने के बाद इस्लामी संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा लखनऊ में दाखिला लेकर दीनी तालीम हासिल की।
जन्नत और जहन्नुम की बातों में उलझाता था कलीम
यूपी एटीएस की जांच में सामने आया था कि मौलाना कलीम सिद्दीकी शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण का कार्य करता है। मदरसों की आड़ में इंसानियत के संदेश के नाम पर लोगों को जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों में उलझाता था। धर्मांतरण के बाद यहां लाए जाने वाले लोगों को मजहबी तौर तरीके भी सिखाए जाते थे।
मौलाना कलीम ने सीपीएमटी उत्तीर्ण करने के बाद इस्लामी संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा लखनऊ में दाखिला लेकर दीनी तालीम हासिल की।
जन्नत और जहन्नुम की बातों में उलझाता था कलीम
यूपी एटीएस की जांच में सामने आया था कि मौलाना कलीम सिद्दीकी शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण का कार्य करता है। मदरसों की आड़ में इंसानियत के संदेश के नाम पर लोगों को जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों में उलझाता था। धर्मांतरण के बाद यहां लाए जाने वाले लोगों को मजहबी तौर तरीके भी सिखाए जाते थे।