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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   UP: 'Don't have money, can't come to collect son's body', mother watched the last rites on video call

UP: 'पैसे नहीं हैं, बेटे का शव लेने नहीं आ सकते', 1700 किमी दूर से वीडियो कॉल पर मां ने देखा अंतिम संस्कार

Mon, 20 Apr 2026 11:47 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 20 Apr 2026 11:47 PM IST
सार

Muzaffarnagar News: हॉक कमांडोस प्रोटेक्शन ग्रुप के सुपरवाइजर निवास शील की मुजफ्फरनर में हादसे में मौत हो गई। मां ने चिट्ठी भेजकर बताया कि परिवार की आर्थिक स्थित खराब है। इसके बाद शुकतीर्थ में अंतिम संस्कार किया गया। 

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UP: 'Don't have money, can't come to collect son's body', mother watched the last rites on video call
निवास शील की फाइल फोटो और त्रिपुरा में बेबस मां। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगनहर पटरी पर सिक्योरिटी कंपनी के सुपरवाइजर निवास शील (38) की हादसे में मौत के मामले में भावनाओं के ज्वार फूटे। त्रिपुरा के जिला सिपाहीजला के गांव पूर्व दुर्लभ नारायण से मां कल्पना शील ने चिट्ठी भेजी कि आर्थिक स्थिति के कारण वह शव को नहीं ले जा सकते। इसके बाद कंपनी ने शुकतीर्थ में सुपरवाइजर का अंतिम संस्कार किया। मां और परिवार के अन्य लोगों को वीडियो कॉल के जरिये अंतिम संस्कार दिखाया गया।
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शुक्रवार को देहरादून की हॉक कमांडोस प्रोटेक्शन ग्रुप कंपनी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर निवास शील को धमात गंगनहर पटरी पर अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें पुरकाजी पीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया था। पुलिस ने मृतक के पास से मिले पते के आधार पर परिजनों को सूचना दी।
 
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मृतक की मां ने बेटे की देहरादून की कंपनी को भावुक कर देने वाला पत्र लिखा। आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा गया कि आर्थिक स्थिति के कारण वह बेटे के शव को गांव लाने में असमर्थ है। यही नहीं परिवार के सदस्य भी देहरादून नहीं पहुंच सकते। कंपनी के माध्यम से ही बेटे के अंतिम संस्कार का अनुरोध किया गया था। इसके बाद कंपनी के अधिकारी पुरकाजी थाने पहुंचे। मां के पत्र की कॉपी थाने में दी और शव को लेकर शुकतीर्थ चले गए।
 
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यहां से करीब 1700 किमी दूर त्रिपुरा के गांव में वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार को लाइव दिखाया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य भी देखते रहे। बेटे के अंतिम संस्कार के दौरान मां भावुक हो गई। कंपनी के मैनेजर गोपाल सिंह ने बताया कि परिवार की सहमति के बाद ही शुकतीर्थ में अंतिम संस्कार किया गया है। परिवार ने आर्थिक स्थिति और दूरी का हवाला देकर पत्र भेजा था। मृतक की तैनाती कंपनी की ओर से हरिद्वार में की गई थी।

 
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