{"_id":"5c606a2fbdec22738f51fbf0","slug":"two-villagers-die-from-poisonous-liquor","type":"story","status":"publish","title_hn":"जहरीली शराब से दो ग्रामीणों की मौत, छह और लोगों की हालत गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहरीली शराब से दो ग्रामीणों की मौत, छह और लोगों की हालत गंभीर
Sun, 10 Feb 2019 11:45 PM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Sun, 10 Feb 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
मृतकों के घर के बाहर बैठे गमगीन लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों से यह जिला भी अछूता नहीं रहा। इसी कड़ी में उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र के बिंडू मानकपुर में ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले गांव नंगला दुहेली के आठ ग्रामीणों की जहरीली शराब पीने से हालत बिगड़ गई। इनमें से दो ग्रामीणों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य का एम्स ऋषिकेश और जौली ग्रांट देहरादून में उपचार चल रहा है। पुरकाजी के नंगला दुहेली में दो ग्रामीणों की मौत से कोहराम मच गया है। परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। उधर, रविवार को गांव में ही गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव नंगला दुहेली निवासी बालिंदर (35) पुत्र रघुबीर और चरणसिंह (40) पुत्र गरीबा सिंह गांव के ही राजेंद्र, फौजी, तेजपाल, जनेश्वर, सुनील व रॉकी के साथ अपने-अपने परिवार के साथ करीब तीन माह पूर्व झबरेड़ा थाना क्षेत्र के गांव बिंडू मानकपुर में ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक सभी लोगों ने सात फरवरी को ईंट-भट्ठे के पास ही अवैध रूप से बेची जा रही शराब खरीदकर पी थी, जिसके बाद ही उक्त सभी आठों लोगों की हालत बिगड़ गई थी।
ईंट-भट्ठा मालिकों द्वारा उन्हें उत्तराखंड के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें गंभीर हालत के चलते एम्स ऋषिकेश और जौली ग्रांट देहरादून के लिए रेफर कर दिया गया था। वहां नौ फरवरी की शाम पहले बालिंदर और देर रात चरणसिंह की मौत हो गई। उत्तराखंड में ही पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों को रविवार सुबह गांव नंगला दुहेली लाया गया, जहां उनके शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं, उक्त दोनों के साथ ही शराब पीने वाले अन्य लोगों की हालत को लेकर आशंकित ग्रामीण व परिजन उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए हैं।
विज्ञापन
उपचार के बाद लौटे रॉकी की फिर बिगड़ी हालत
पुरकाजी। गांव बिंडू मानकपुर स्थित ईंट-भट्ठे पर काम करने के दौरान जहरीली शराब पीने वाले लोगों में शामिल रॉकी नामक युवक की भी हालत बिगड़ने पर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह तबीयत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जिसे परिजन लेकर गांव लौट आए थे। यहां दोपहर के समय बालिंदर व चरणसिंह के शवों का अंतिम संस्कार किए जाने के कुछ ही देर बाद रॉकी की हालत अचानक फिर से बिगड़ गई। इस पर उसे एंबुलेंस से पीएचसी पुरकाजी ले जाया गया, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
खादर के माफिया से खरीदी गई थी शराब
पुरकाजी। जहरीली शराब पीने वाले गांव नंगला दुहेली के आठ लोग अपने-अपने परिवारों के साथ करीब तीन माह पूर्व ही गांव बिंडू मानकपुर में ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए गए थे। बालिंदर व चरणसिंह के शव लेकर लौटे उनके परिजनों ने बताया कि उक्त सभी लोगों ने सात फरवरी की रात ईंट-भट्ठे के पास ही अवैध रूप से बिकने वाली शराब की पन्नियां खरीदकर पी थी। उक्त शराब पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई थी। आशंका जताई जा रही है कि उक्त शराब या तो मिथाइल रेक्टीफाइड थी या फिर जहरीली।
विज्ञापन
पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव नंगला दुहेली निवासी बालिंदर (35) पुत्र रघुबीर और चरणसिंह (40) पुत्र गरीबा सिंह गांव के ही राजेंद्र, फौजी, तेजपाल, जनेश्वर, सुनील व रॉकी के साथ अपने-अपने परिवार के साथ करीब तीन माह पूर्व झबरेड़ा थाना क्षेत्र के गांव बिंडू मानकपुर में ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक सभी लोगों ने सात फरवरी को ईंट-भट्ठे के पास ही अवैध रूप से बेची जा रही शराब खरीदकर पी थी, जिसके बाद ही उक्त सभी आठों लोगों की हालत बिगड़ गई थी।
विज्ञापन
ईंट-भट्ठा मालिकों द्वारा उन्हें उत्तराखंड के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें गंभीर हालत के चलते एम्स ऋषिकेश और जौली ग्रांट देहरादून के लिए रेफर कर दिया गया था। वहां नौ फरवरी की शाम पहले बालिंदर और देर रात चरणसिंह की मौत हो गई। उत्तराखंड में ही पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों को रविवार सुबह गांव नंगला दुहेली लाया गया, जहां उनके शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं, उक्त दोनों के साथ ही शराब पीने वाले अन्य लोगों की हालत को लेकर आशंकित ग्रामीण व परिजन उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए हैं।
विज्ञापन
उपचार के बाद लौटे रॉकी की फिर बिगड़ी हालत
पुरकाजी। गांव बिंडू मानकपुर स्थित ईंट-भट्ठे पर काम करने के दौरान जहरीली शराब पीने वाले लोगों में शामिल रॉकी नामक युवक की भी हालत बिगड़ने पर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह तबीयत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जिसे परिजन लेकर गांव लौट आए थे। यहां दोपहर के समय बालिंदर व चरणसिंह के शवों का अंतिम संस्कार किए जाने के कुछ ही देर बाद रॉकी की हालत अचानक फिर से बिगड़ गई। इस पर उसे एंबुलेंस से पीएचसी पुरकाजी ले जाया गया, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
खादर के माफिया से खरीदी गई थी शराब
पुरकाजी। जहरीली शराब पीने वाले गांव नंगला दुहेली के आठ लोग अपने-अपने परिवारों के साथ करीब तीन माह पूर्व ही गांव बिंडू मानकपुर में ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए गए थे। बालिंदर व चरणसिंह के शव लेकर लौटे उनके परिजनों ने बताया कि उक्त सभी लोगों ने सात फरवरी की रात ईंट-भट्ठे के पास ही अवैध रूप से बिकने वाली शराब की पन्नियां खरीदकर पी थी। उक्त शराब पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई थी। आशंका जताई जा रही है कि उक्त शराब या तो मिथाइल रेक्टीफाइड थी या फिर जहरीली।