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कोरोना कहर में साइबर के शातिरों का ‘अटैक’
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स्कूल के मैनेजर के खाते से उड़ाए ढाई लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। कोरोना के कहर में साइबर के शातिरों से बचना मुश्किल हो गया है। मोबाइल फोन पर आई अनजान कॉल के खेल में उलझे तो आपका बैंक एकाउंट खाली हो सकता है। शहर के एक प्रमुख स्कूल के मैनेजर को मोबाइल फोन पर ऐसे ही जाल में फंसाकर उसके खाते से 2.50 लाख रुपये निकाल लिए।
लॉकडाउन की लंबी अवधि में जिंदगी से जद्दोजहद के बीच ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ गए हैं। फिलहाल साइबर जालसाजों का नेटवर्क बेहद सक्रिय है। मोबाइल फोन पर नए नंबर की कॉल जरा संभलकर उठाएं, वरना लाखों रुपये की चपत लग सकती है। शहर के एक नामी स्कूल के मैनेजर के खाते से साइबर शातिरों ने 2.50 लाख रुपया उड़ा दिए है। जिस दिन सीबीएसई हाईस्कूल का रिजल्ट आया, वह व्यस्त थे। तभी मोबाइल फोन पर एक कॉल आयी। उधर से बोला गया कि आपने सिम की ऑन लाइन कंप्लेन कराई थी। जैसे-जैसे उनसे कहा गया, उन्होंने वैसे ही ऑनलाइन कर दिया। साइबर के ‘मास्टरमाइंड’ अपराधियों ने उनके बैंक खाते को खाली कर दिया।
ऐसा ही दूसरा मामला नई मंडी थाना क्षेत्र के गांधी नगर निवासी पिंकी के साथ हुआ है। अनजान नंबर से कॉल आयी। जैसे पुराने परिचित हों, वैसे शातिर ने बात की। कहा कि मेरे बीस हजार रुपया का ट्रांसफर होना है, आपके खाते में करा देता हूं। मैंने आपको व्हाट्सअप पर लिंक भेजा है, मुझे अपने एकाउंट से पांच रुपया भेज दीजिये। उसके बाद आपके खाते में बीस हजार आ जाएंगे। उसने लिंक दूसरे मोबाइल नंबर से सेंड किया। जालसाज के फेर में पीड़िता पिंकी के खाते से एक झटके में 37000 की रकम निकल गई। मामले की एफआईआर यूपी कॉप तथा साइबर क्राइम पोर्टल पर कराई गई है।
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ऑन लाइन ‘फ्राड’ के मामले लगातार बढ़ रहे है। शातिरों ने आपके बैंक खातों की रकम निकालने के नए-नए तरीके ईजाद कर लिए हैं। कोई बैंक के हैड आफिस से तो कोई बीमा कंपनी से, बोलने की बातों में उलझा कर लोगों को ठगी का शिकार बना लेते हैं। सरकार की योजनाओं को लेकर भी फ्राड कॉल आने की शिकायतें मिली हैं। अनजाने नंबरों से मोबाइल पर आई कॉल पर चौकसी बरतें, क्योंकि शातिर ऐसे सॉफ्टवेयर का यूज करते है, जिससे उनके नंबर टोल फ्री नजर आए।
शातिर बोला, आज तक तो पुलिस पकड़ नहीं पाई
मुजफ्फरनगर। खाते से ऑनलाइन ठगी के एक मामले में जब पड़ताल की गई है। अब तक जालसाजों के आठ मोबाइल नंबर जांच में सामने आ चुके है। शातिरों के असली नाम पता नहीं चलते है। पीड़ित के मुताबिक जब उन नंबरों पर बात की गई तो जालसाज ने कहा कि आज तक तो पुलिस पकड़ नहीं पाई। मामला दर्ज करा कर क्या मिलेगा? इन गिरोह के नेटवर्क में ऑफिस की तर्ज पर वर्क होता है। हर दिन सैकड़ों मोबाइल धारकों को कॉल की जाती है, जो फंस गया, तो उसका खाता खाली।
बीमा पॉलिसी के फेर में खातों में ट्रांसफर कराते थे रकम
मुजफ्फरनगर। बीमा पॉलिसी से अधिक धन प्राप्त होने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का शाहपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार साइबर ठगों सुमित उर्फ रवि निवासी अशोक नगर दिल्ली तथा सिद्धार्थ निवासी मालीवाड़ा थाना सिंहानी गेट जिला गाजियाबाद से पूछताछ में उनके ठगी करने का ये तरीका सामने आया है। आरोपी जस्ट डायल कंपनी से मोबाइल नंबर हासिल करते थे। खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर व्यक्तियों को अपने जाल में फंसा कर खातों में ऑनलाइन लाखों की रकम ट्रांसफर कर लेते थे। पीड़ित से 15 लाख की रकम हड़पने के मुकदमे में पुलिस ने इन्हें अब पकड़ा है।
आनलाइन ठगी-प्रकरण-1
- पुरकाजी के चेयरमैन जहीर फारुकी के फेसबुक पेज को शातिरों ने हैक करके उनके परिचितों से मुसीबत में बता कर मदद मांग कर ठगी की थी। चेयरमैन की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया, मगर आज तक कोई पकड़ा नहीं गया।
प्रकरण-2
- शहर के गांधी कालोनी निवासी रिटायर शिक्षक वीके वर्मा से शातिरों ने फोन पर खुद को बैंक अफसर बता कर एटीएम की डिटेल जानी। कुछ ही देर में मैसेज आया कि खाते से 34 हजार रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग मुंबई में हुई है।
साइबर सेल का पुनर्गठन किया : एसएसपी
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि लॉकडाउन में साइबर क्राइम बढ़ा है। एटीएम की डिटेल लेने, एफबी हैक करने, एलआईसी एजेंट बताकर, मैसेज भेजकर अन्य तरीकों से ठगी के मामले आए है। साइबर सेल का पुनर्गठन किया गया है। टीम को लगाया गया है। फिलहाल जो जानकारी जुटाई गई है, उसमें ऐसे अपराध करने वाले झारखंड और वेस्ट बंगाल के निकले हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए टीम भी भेजी जाएगी। पुलिस ऐसे मामलों को खुलासे करने में लगी है।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना के कहर में साइबर के शातिरों से बचना मुश्किल हो गया है। मोबाइल फोन पर आई अनजान कॉल के खेल में उलझे तो आपका बैंक एकाउंट खाली हो सकता है। शहर के एक प्रमुख स्कूल के मैनेजर को मोबाइल फोन पर ऐसे ही जाल में फंसाकर उसके खाते से 2.50 लाख रुपये निकाल लिए।
लॉकडाउन की लंबी अवधि में जिंदगी से जद्दोजहद के बीच ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ गए हैं। फिलहाल साइबर जालसाजों का नेटवर्क बेहद सक्रिय है। मोबाइल फोन पर नए नंबर की कॉल जरा संभलकर उठाएं, वरना लाखों रुपये की चपत लग सकती है। शहर के एक नामी स्कूल के मैनेजर के खाते से साइबर शातिरों ने 2.50 लाख रुपया उड़ा दिए है। जिस दिन सीबीएसई हाईस्कूल का रिजल्ट आया, वह व्यस्त थे। तभी मोबाइल फोन पर एक कॉल आयी। उधर से बोला गया कि आपने सिम की ऑन लाइन कंप्लेन कराई थी। जैसे-जैसे उनसे कहा गया, उन्होंने वैसे ही ऑनलाइन कर दिया। साइबर के ‘मास्टरमाइंड’ अपराधियों ने उनके बैंक खाते को खाली कर दिया।
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ऐसा ही दूसरा मामला नई मंडी थाना क्षेत्र के गांधी नगर निवासी पिंकी के साथ हुआ है। अनजान नंबर से कॉल आयी। जैसे पुराने परिचित हों, वैसे शातिर ने बात की। कहा कि मेरे बीस हजार रुपया का ट्रांसफर होना है, आपके खाते में करा देता हूं। मैंने आपको व्हाट्सअप पर लिंक भेजा है, मुझे अपने एकाउंट से पांच रुपया भेज दीजिये। उसके बाद आपके खाते में बीस हजार आ जाएंगे। उसने लिंक दूसरे मोबाइल नंबर से सेंड किया। जालसाज के फेर में पीड़िता पिंकी के खाते से एक झटके में 37000 की रकम निकल गई। मामले की एफआईआर यूपी कॉप तथा साइबर क्राइम पोर्टल पर कराई गई है।
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ऑन लाइन ‘फ्राड’ के मामले लगातार बढ़ रहे है। शातिरों ने आपके बैंक खातों की रकम निकालने के नए-नए तरीके ईजाद कर लिए हैं। कोई बैंक के हैड आफिस से तो कोई बीमा कंपनी से, बोलने की बातों में उलझा कर लोगों को ठगी का शिकार बना लेते हैं। सरकार की योजनाओं को लेकर भी फ्राड कॉल आने की शिकायतें मिली हैं। अनजाने नंबरों से मोबाइल पर आई कॉल पर चौकसी बरतें, क्योंकि शातिर ऐसे सॉफ्टवेयर का यूज करते है, जिससे उनके नंबर टोल फ्री नजर आए।
शातिर बोला, आज तक तो पुलिस पकड़ नहीं पाई
मुजफ्फरनगर। खाते से ऑनलाइन ठगी के एक मामले में जब पड़ताल की गई है। अब तक जालसाजों के आठ मोबाइल नंबर जांच में सामने आ चुके है। शातिरों के असली नाम पता नहीं चलते है। पीड़ित के मुताबिक जब उन नंबरों पर बात की गई तो जालसाज ने कहा कि आज तक तो पुलिस पकड़ नहीं पाई। मामला दर्ज करा कर क्या मिलेगा? इन गिरोह के नेटवर्क में ऑफिस की तर्ज पर वर्क होता है। हर दिन सैकड़ों मोबाइल धारकों को कॉल की जाती है, जो फंस गया, तो उसका खाता खाली।
बीमा पॉलिसी के फेर में खातों में ट्रांसफर कराते थे रकम
मुजफ्फरनगर। बीमा पॉलिसी से अधिक धन प्राप्त होने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का शाहपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार साइबर ठगों सुमित उर्फ रवि निवासी अशोक नगर दिल्ली तथा सिद्धार्थ निवासी मालीवाड़ा थाना सिंहानी गेट जिला गाजियाबाद से पूछताछ में उनके ठगी करने का ये तरीका सामने आया है। आरोपी जस्ट डायल कंपनी से मोबाइल नंबर हासिल करते थे। खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर व्यक्तियों को अपने जाल में फंसा कर खातों में ऑनलाइन लाखों की रकम ट्रांसफर कर लेते थे। पीड़ित से 15 लाख की रकम हड़पने के मुकदमे में पुलिस ने इन्हें अब पकड़ा है।
आनलाइन ठगी-प्रकरण-1
- पुरकाजी के चेयरमैन जहीर फारुकी के फेसबुक पेज को शातिरों ने हैक करके उनके परिचितों से मुसीबत में बता कर मदद मांग कर ठगी की थी। चेयरमैन की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया, मगर आज तक कोई पकड़ा नहीं गया।
प्रकरण-2
- शहर के गांधी कालोनी निवासी रिटायर शिक्षक वीके वर्मा से शातिरों ने फोन पर खुद को बैंक अफसर बता कर एटीएम की डिटेल जानी। कुछ ही देर में मैसेज आया कि खाते से 34 हजार रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग मुंबई में हुई है।
साइबर सेल का पुनर्गठन किया : एसएसपी
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि लॉकडाउन में साइबर क्राइम बढ़ा है। एटीएम की डिटेल लेने, एफबी हैक करने, एलआईसी एजेंट बताकर, मैसेज भेजकर अन्य तरीकों से ठगी के मामले आए है। साइबर सेल का पुनर्गठन किया गया है। टीम को लगाया गया है। फिलहाल जो जानकारी जुटाई गई है, उसमें ऐसे अपराध करने वाले झारखंड और वेस्ट बंगाल के निकले हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए टीम भी भेजी जाएगी। पुलिस ऐसे मामलों को खुलासे करने में लगी है।