{"_id":"6227aafdb3fce5293f350c08","slug":"two-accused-were-sentenced-to-five-years-each-muzaffarnagar-news-mrt579764162","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो अभियुक्तों को सुनाई पांच-पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो अभियुक्तों को सुनाई पांच-पांच साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो अभियुक्तों को सुनाई पांच-पांच साल की सजा
मुजफ्फरनगर। गैंगेस्टर एक्ट के 25 साल पुराने मुकदमे में दो अभियुक्तों को अदालत ने पांच-पांच साल और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-5 विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) बाबूराम ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर ने बताया कि 1997 में पुरकाजी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष महिपाल सिंह पुरकाजी के मोहल्ला झोझगान निवासी महबूब पुत्र छोटा, इकबाल पुत्र सद्दीक, इकबाल पुत्र नजीर और फरमान पुत्र मन्नू के खिलाफ धारा 3 (1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम 1968 का मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का कहना था कि आरोपी गिरोह बनाकर लोगों को डराते धमकाते हैं। उन पर कई मुकदमे दर्ज हैं। अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। 30 नवंबर 1999 को अभियुक्त इकबाल पुत्र नजीर और फरमान पुत्र मन्नू को अदालत ने दो-दो साल की सजा सुनाई थी।
अन्य दोनों अभियुक्तों के प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-5 विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) बाबूराम ने की। मंगलवार को अदालत ने अभियुक्त महबूब पुत्र छोटा, इकबाल पुत्र सद्दीक को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। गैंगेस्टर एक्ट के 25 साल पुराने मुकदमे में दो अभियुक्तों को अदालत ने पांच-पांच साल और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-5 विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) बाबूराम ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक दिनेश सिंह पुंडीर ने बताया कि 1997 में पुरकाजी थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष महिपाल सिंह पुरकाजी के मोहल्ला झोझगान निवासी महबूब पुत्र छोटा, इकबाल पुत्र सद्दीक, इकबाल पुत्र नजीर और फरमान पुत्र मन्नू के खिलाफ धारा 3 (1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम 1968 का मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का कहना था कि आरोपी गिरोह बनाकर लोगों को डराते धमकाते हैं। उन पर कई मुकदमे दर्ज हैं। अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। 30 नवंबर 1999 को अभियुक्त इकबाल पुत्र नजीर और फरमान पुत्र मन्नू को अदालत ने दो-दो साल की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
अन्य दोनों अभियुक्तों के प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-5 विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) बाबूराम ने की। मंगलवार को अदालत ने अभियुक्त महबूब पुत्र छोटा, इकबाल पुत्र सद्दीक को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया।
विज्ञापन