{"_id":"5e064f278ebc3e87cd19420c","slug":"traffic-police-engaged-in-improving-the-system-in-muzaffarnagar-muzaffarnagar-news-mrt460857056","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यवस्था को सुधारने में लगी यातायात पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यवस्था को सुधारने में लगी यातायात पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यवस्था को सुधारने में लगी यातायात पुलिस
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को हुए उपद्रव के बाद से यातायात विभाग बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने में लगा है। जिसके चलते वाहनों के चालान की कार्रवाई रुक गई है। 20 दिसंबर के बाद से शहर क्षेत्र में किसी भी वाहन का चालान नहीं काटा गया है। विभाग में कार्यरत 22 कर्मचारी फिलहाल शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में जुटे हुए हैं।
सीएए को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 दिसंबर को शहर क्षेत्र में कई स्थानों पर जमकर उपद्रव हुआ था। इस उपद्रव में लाखों की संपत्ति नष्ट होने के साथ ही शहर की तमाम ट्रैफिक व्यवस्थाएं भी ध्वस्त हो गईं थीं। उपद्रव तो अगले दिन शाम होते-होते थम गया, लेकिन इससे ध्वस्त हुई शहर की ट्रैफिक व अन्य व्यवस्थाएं एक सप्ताह बाद भी पूर्व स्थिति की भांति सुधर नहीं पाईं हैं। विभागीय कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से ही लगातार बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में लगे हुए हैं, जिसके कारण 20 से 25 दिसंबर तक की अवधि में यातायात विभाग द्वारा एक भी वाहन का चालान नहीं किया जा सका है।
टीएसआई वीर अभिमन्यु का कहना है कि शहर क्षेत्र में विभाग में 22 पुलिसकर्मी तैनात हैं। 20 दिसंबर को हुए बवाल के बाद से कई स्थानों पर विभागीय बैरियर और बेरिकेड्स को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। ऐसे में विभागीय कर्मचारी शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को ही दुरुस्त करने में लगे हुए हैं, जिसके चलते पिछले पांच दिन में शहर क्षेत्र में एक भी वाहन का चालान नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
तोड़ डाले गए थे सभी बैरियर
20 दिसंबर को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग हर जगह यातायात विभाग के बैरियर व बेरिकेड्स को ही निशाना बनाया गया था। उपद्रवियों द्वारा शहर के मदीना चौक, जिला अस्पताल चौक, कच्ची सड़क व मीनाक्षी चौक पर लगे बेरिकेड्स को तोड़कर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। डिवाइडर को भी कई जगह तोड़ दिया गया है, जिसके चलते शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को हुए उपद्रव के बाद से यातायात विभाग बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने में लगा है। जिसके चलते वाहनों के चालान की कार्रवाई रुक गई है। 20 दिसंबर के बाद से शहर क्षेत्र में किसी भी वाहन का चालान नहीं काटा गया है। विभाग में कार्यरत 22 कर्मचारी फिलहाल शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में जुटे हुए हैं।
सीएए को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 दिसंबर को शहर क्षेत्र में कई स्थानों पर जमकर उपद्रव हुआ था। इस उपद्रव में लाखों की संपत्ति नष्ट होने के साथ ही शहर की तमाम ट्रैफिक व्यवस्थाएं भी ध्वस्त हो गईं थीं। उपद्रव तो अगले दिन शाम होते-होते थम गया, लेकिन इससे ध्वस्त हुई शहर की ट्रैफिक व अन्य व्यवस्थाएं एक सप्ताह बाद भी पूर्व स्थिति की भांति सुधर नहीं पाईं हैं। विभागीय कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से ही लगातार बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में लगे हुए हैं, जिसके कारण 20 से 25 दिसंबर तक की अवधि में यातायात विभाग द्वारा एक भी वाहन का चालान नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
टीएसआई वीर अभिमन्यु का कहना है कि शहर क्षेत्र में विभाग में 22 पुलिसकर्मी तैनात हैं। 20 दिसंबर को हुए बवाल के बाद से कई स्थानों पर विभागीय बैरियर और बेरिकेड्स को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। ऐसे में विभागीय कर्मचारी शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को ही दुरुस्त करने में लगे हुए हैं, जिसके चलते पिछले पांच दिन में शहर क्षेत्र में एक भी वाहन का चालान नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
तोड़ डाले गए थे सभी बैरियर
20 दिसंबर को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान लगभग हर जगह यातायात विभाग के बैरियर व बेरिकेड्स को ही निशाना बनाया गया था। उपद्रवियों द्वारा शहर के मदीना चौक, जिला अस्पताल चौक, कच्ची सड़क व मीनाक्षी चौक पर लगे बेरिकेड्स को तोड़कर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। डिवाइडर को भी कई जगह तोड़ दिया गया है, जिसके चलते शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।