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एक बाइक पर तीन-तीन बैठकर करते हैं सफर
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बाइक पर बैठकर सफर करते तीन-तीन युवक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
बुढ़ाना। सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत प्रतिवर्ष परिवहन व पुलिस विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर जनता को जागरूक किया जाता है। इसके बावजूद युवक कायदे-कानून ताक पर रखकर फर्राटे से बाइक चलाते हैं। एक बाइक पर तीन-तीन युवक बैठकर सफर करते हैं। हेलमेट हाथ में टांगकर स्टाइल में बाइक चलाते है। पुलिस प्रशासन का कोई खौफ युवकों में नजर नही आता।
पुलिस- प्रशासन द्वारा सड़क हादसों पर नियंत्रण पाने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। जनता को जागरूक करने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जाता है। पुलिस भी वाहन चेकिंग अभियान चलाकर हेलमेट न पहनने तथा सीट बेेल्ट न लगाने पर चालान करती है। उसके बाद भी युवक नियम तोड़ने से बाज नहीं आते। नवयुवक पत्नी, बहन अथवा माता को साथ लेकर चलता है तो हेलमेट उनके हाथ में पकड़ा देता है। पुलिस सामने दिखाई देने पर हेलमेट पहनकर वहां से गुजरते ही हेलमेट फिर उतार देते हैं। एक बाइक पर तीन-तीन युवक बैठकर सफर करते है। खास बात यह है कि किसी के पास हेलमेट नहीं होता। सड़कों पर हादसे में मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन युवा इससे कोई सीख नहीं ले रहे।
गांव फुगाना निवासी पूर्व प्रधान चौ. थामसिंह का कहना है कि वे रोजाना गांव के युवकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करते है। चौ. मुकेश ने बताया कि माता-पिता के ड़र से युवक हेलमेट तो लेकर जाते है, घर व गांव से बाहर निकलते ही सिर का हेलमेट हाथ में टंग जाता है। शाम के समय कस्बे के युवक बाइक लेकर तेज रफ्तार में सड़कों पर गुजरते है। पुलिस प्रशासन को इस पर सख्ती से लगाम लगाना चाहिए।
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तेजी व तीन सवारी के बाइक पर चलने से होती है दुर्घटनाएं
बुढ़ाना। सड़क पर ज्यादातर दुर्घटनाएं तेजी से बाइक चलाने अथवा तीन सवारी के एक साथ बैठकर चलने पर होती हैं। बाइक पर तीन सवारियों के बैठने से चालक का संतुलन नहीं बन पाता और हादसा हो जाता है। पति-पत्नी अपने दो-तीन बच्चों को बाइक पर बैठाकर चलते हैं। बाइक की स्पीड देखते ही बनती है। हेलमेट पहनकर बाइक चालक स्पीड पर नियंत्रण कर हादसों से बच सकता है।
दो दिन पहले तीन लोगों की हुई थी मौत
बुढ़ाना। दो दिन पहले गांव कल्याणपुर निवासी युवक खालिद (25) भाभी नगमा (20) व नगमा की मां शहनाज के साथ बाइक से अपने गांव कल्याणपुर जा रहा था। बुढ़ाना-खतौली मार्ग पर अलीपुर अटेरना गांव से पहले भट्टे के पास बाइक सवार तीनों ट्रक की चपेट में आ गए। तीनों की मौत हो गई। नगमा का निकाह मुर्तजा के साथ पांच माह पहले हुआ था जबकि खालिद का निकाह डेड़ वर्ष पहले हुआ था। घटना से सात दिन पहले उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। शहनाज अपनी बेटी से मिलने के लिए बुढ़ाना आई थी। वह खुद हादसे का शिकार हो गई। हमें इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए।
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पुलिस- प्रशासन द्वारा सड़क हादसों पर नियंत्रण पाने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। जनता को जागरूक करने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जाता है। पुलिस भी वाहन चेकिंग अभियान चलाकर हेलमेट न पहनने तथा सीट बेेल्ट न लगाने पर चालान करती है। उसके बाद भी युवक नियम तोड़ने से बाज नहीं आते। नवयुवक पत्नी, बहन अथवा माता को साथ लेकर चलता है तो हेलमेट उनके हाथ में पकड़ा देता है। पुलिस सामने दिखाई देने पर हेलमेट पहनकर वहां से गुजरते ही हेलमेट फिर उतार देते हैं। एक बाइक पर तीन-तीन युवक बैठकर सफर करते है। खास बात यह है कि किसी के पास हेलमेट नहीं होता। सड़कों पर हादसे में मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन युवा इससे कोई सीख नहीं ले रहे।
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गांव फुगाना निवासी पूर्व प्रधान चौ. थामसिंह का कहना है कि वे रोजाना गांव के युवकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करते है। चौ. मुकेश ने बताया कि माता-पिता के ड़र से युवक हेलमेट तो लेकर जाते है, घर व गांव से बाहर निकलते ही सिर का हेलमेट हाथ में टंग जाता है। शाम के समय कस्बे के युवक बाइक लेकर तेज रफ्तार में सड़कों पर गुजरते है। पुलिस प्रशासन को इस पर सख्ती से लगाम लगाना चाहिए।
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तेजी व तीन सवारी के बाइक पर चलने से होती है दुर्घटनाएं
बुढ़ाना। सड़क पर ज्यादातर दुर्घटनाएं तेजी से बाइक चलाने अथवा तीन सवारी के एक साथ बैठकर चलने पर होती हैं। बाइक पर तीन सवारियों के बैठने से चालक का संतुलन नहीं बन पाता और हादसा हो जाता है। पति-पत्नी अपने दो-तीन बच्चों को बाइक पर बैठाकर चलते हैं। बाइक की स्पीड देखते ही बनती है। हेलमेट पहनकर बाइक चालक स्पीड पर नियंत्रण कर हादसों से बच सकता है।
दो दिन पहले तीन लोगों की हुई थी मौत
बुढ़ाना। दो दिन पहले गांव कल्याणपुर निवासी युवक खालिद (25) भाभी नगमा (20) व नगमा की मां शहनाज के साथ बाइक से अपने गांव कल्याणपुर जा रहा था। बुढ़ाना-खतौली मार्ग पर अलीपुर अटेरना गांव से पहले भट्टे के पास बाइक सवार तीनों ट्रक की चपेट में आ गए। तीनों की मौत हो गई। नगमा का निकाह मुर्तजा के साथ पांच माह पहले हुआ था जबकि खालिद का निकाह डेड़ वर्ष पहले हुआ था। घटना से सात दिन पहले उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। शहनाज अपनी बेटी से मिलने के लिए बुढ़ाना आई थी। वह खुद हादसे का शिकार हो गई। हमें इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए।