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दहेज उत्पीड़न में महिला समेत तीन को सजा
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दहेज उत्पीड़न में महिला सहित तीन को सजा
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी में दहेज उत्पीड़न के 27 साल पुराने मामले में एसीजेएम प्रथम प्रशांत कुमार सिंह की कोर्ट ने महिला समेत तीन लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें तीन-तीन साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुरकाजी निवासी शमशीदा का निकाह करीब 28 साल पूर्व गांव भौजाहेड़ी निवासी लियाकत से हुआ था। आरोप है कि निकाह के बाद से ही ससुराल में शमशीदा से मारपीट करते हुए उसका उत्पीड़न किया जाता था। जनवरी 1994 में आरोपियों ने शमशीदा के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था, जिसके चलते पीड़िता ने शौहर लियाकत, ससुर घसीटा, चचिया ससुर बाबू, ननद मुन्नी व एक अन्य परिजन जुल्फिकार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सेशन सुपुर्द होने के बाद मामले की सुनवाई एसीजेएम (प्रथम )कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान ही दो आरोपियों घसीटा व जुल्फिकार की मौत हो गई थी। अभियोजन अधिकारी रामअवतार सिंह ने अन्य तीन आरोपियों लियाकत, मुन्नी व बाबू के खिलाफ घटना के संबंध में पुख्ता सुबूत व गवाह पेश किए, जिसके चलते न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह ने तीनों को दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दिया। अभियोजन अधिकारी रामअवतार सिंह ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट ने तीनों दोषियों को तीन-तीन साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। पुरकाजी में दहेज उत्पीड़न के 27 साल पुराने मामले में एसीजेएम प्रथम प्रशांत कुमार सिंह की कोर्ट ने महिला समेत तीन लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें तीन-तीन साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुरकाजी निवासी शमशीदा का निकाह करीब 28 साल पूर्व गांव भौजाहेड़ी निवासी लियाकत से हुआ था। आरोप है कि निकाह के बाद से ही ससुराल में शमशीदा से मारपीट करते हुए उसका उत्पीड़न किया जाता था। जनवरी 1994 में आरोपियों ने शमशीदा के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था, जिसके चलते पीड़िता ने शौहर लियाकत, ससुर घसीटा, चचिया ससुर बाबू, ननद मुन्नी व एक अन्य परिजन जुल्फिकार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सेशन सुपुर्द होने के बाद मामले की सुनवाई एसीजेएम (प्रथम )कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान ही दो आरोपियों घसीटा व जुल्फिकार की मौत हो गई थी। अभियोजन अधिकारी रामअवतार सिंह ने अन्य तीन आरोपियों लियाकत, मुन्नी व बाबू के खिलाफ घटना के संबंध में पुख्ता सुबूत व गवाह पेश किए, जिसके चलते न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह ने तीनों को दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दिया। अभियोजन अधिकारी रामअवतार सिंह ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट ने तीनों दोषियों को तीन-तीन साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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