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Muzaffarnagar News: तीन दिन के जानलेवा बुखार ने छीन ली युवक की जिंदगी
Thu, 21 Nov 2024 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 21 Nov 2024 12:30 AM IST
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मुजफ्फरनगर, चरथावल। जानलेवा बुखार से युवक की मौत हो गई। मौत से परिवार में कहर टूट गया। तीन दिन से युवक बुखार के पीड़ित था। चरथावल के अलावा मुजफ्फरनगर और मेरठ के निजी हॉस्पिटलों में उसका उपचार कराया। लेकिन जान नहीं बच सकी।
कस्बे के छिपीयान निवासी दीपक (28) को तीन दिन पहले बुखार चढ़ा। परिजनों ने कस्बे में एक चिकित्सक के यहां दो दिन उपचार कराया। उसके बाद एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बताया कि युवक की प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थी। यहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया।
युवक को उपचार के लिए मंगलवार को परिजन जिला मुख्यालय एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। लेकिन नाजुक हालत के चलते उसे मेरठ रेफर का दिया गया। परिजन बाईपास मेरठ पर एक निजी हॉस्पिटल में उपचार को ले गए। लेकिन भर्ती कराने के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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युवक की प्लेटलेट्स कम होने के साथ बीपी घटता गया। इसी वजह से उसकी हालत में सुधार नहीं हो पाया। अंतत: उसकी मौत हो गई। गमजदा परिजनों का कहना है बुखार के कहर से तीन दिन के अंदर के बेटा सदा के लिए उनसे अलविदा हो गया।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं दिखाया। परिजनों उसे सिर्फ निजी चिकित्सकों को दिखाया। मौत के कारणों के बारे में मृतक की केस हिस्ट्री देखी जाएगी। मृतक के दो छोटे बच्चे है। वह बस स्टैंड पर कंप्यूटर केंद्र चलाकर आजीविका चलाता था।
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कस्बे के छिपीयान निवासी दीपक (28) को तीन दिन पहले बुखार चढ़ा। परिजनों ने कस्बे में एक चिकित्सक के यहां दो दिन उपचार कराया। उसके बाद एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बताया कि युवक की प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थी। यहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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युवक को उपचार के लिए मंगलवार को परिजन जिला मुख्यालय एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। लेकिन नाजुक हालत के चलते उसे मेरठ रेफर का दिया गया। परिजन बाईपास मेरठ पर एक निजी हॉस्पिटल में उपचार को ले गए। लेकिन भर्ती कराने के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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युवक की प्लेटलेट्स कम होने के साथ बीपी घटता गया। इसी वजह से उसकी हालत में सुधार नहीं हो पाया। अंतत: उसकी मौत हो गई। गमजदा परिजनों का कहना है बुखार के कहर से तीन दिन के अंदर के बेटा सदा के लिए उनसे अलविदा हो गया।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं दिखाया। परिजनों उसे सिर्फ निजी चिकित्सकों को दिखाया। मौत के कारणों के बारे में मृतक की केस हिस्ट्री देखी जाएगी। मृतक के दो छोटे बच्चे है। वह बस स्टैंड पर कंप्यूटर केंद्र चलाकर आजीविका चलाता था।