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एकजुटता की माला में अमन के मोती पिरोती रही फतवों की नगरी
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर देवबंद में गश्त करते पुलिस व प्रशासन के अधिकारी
- फोटो : DEVBAND
एकजुटता की माला में पिरोये सद्भावना के मोती
देवबंद (सहारनपुर)। अयोध्या मसले पर शनिवार को आए फैसले को लेकर फतवों की नगरी सामान्य रही। लोग आम दिनों की तरह एकजुटता की माला में अमन के मोती पिरोते दिखाई दिए। हिंदू-मुस्लिम सभी ने एकसुर में कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए संतुष्टि जताई। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर डीआईजी और कमिश्नर ने देवबंद का दौरा किया।
पुलिस-प्रशासन समेत खुफिया विभाग की इकाइयां पूरी तरह अलर्ट थीं। किसी भी अप्रिय घटना के मद्देनजर शुक्रवार देर रात तक विभिन्न चौक चौराहों पर खुलने वाली दुकानों को 12 बजे बंद करा दिया गया। रात के समय केवल पुलिस के सायरन सुनाई दे रहे थे। देश के सबसे बड़े मुकदमे का फैसला आने पर अनहोनी की आशंका के चलते लोगों ने बाजारों में जाकर राशन की खरीदारी की। हालांकि सभी का कहना था कि यह अमन का शहर है, यहां कुछ होने वाला नहीं है। शनिवार सुबह 10.30 बजे बाजारों में दुकानें तो खुली थीं, मगर ग्राहक गायब थे। हर कोई टीवी के सामने बैठकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा था। फैसला आने के बाद लोग दूसरे जनपदों और राज्यों में परिचितों से हाल जानते रहे। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और कमिश्नर संजय कुमार समेत एडीएम और एसपी देहात डा. विद्यासागर मिश्र फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने देवबंद पहुंचे। सब कुछ सामान्य देख अधिकारियों के चेहरे पर सुकून दिखाई दिया। हालांकि दोपहर के समय प्राइवेट मोबाइल कंपनियों से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। दिनभर नगर क्षेत्र में शांति समितियों की बैठकों का दौर चला। जिम्मेदार लोगों ने पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। वहीं रेलवे स्टेशन पर भी जीआरपी मुस्तैद दिखी। पुलिस ने स्टेशन परिसर और ट्रेनों में चेकिंग अभियान चलाया। यात्रियों का सामान भी चेक किया।
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देवबंद (सहारनपुर)। अयोध्या मसले पर शनिवार को आए फैसले को लेकर फतवों की नगरी सामान्य रही। लोग आम दिनों की तरह एकजुटता की माला में अमन के मोती पिरोते दिखाई दिए। हिंदू-मुस्लिम सभी ने एकसुर में कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए संतुष्टि जताई। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर डीआईजी और कमिश्नर ने देवबंद का दौरा किया।
पुलिस-प्रशासन समेत खुफिया विभाग की इकाइयां पूरी तरह अलर्ट थीं। किसी भी अप्रिय घटना के मद्देनजर शुक्रवार देर रात तक विभिन्न चौक चौराहों पर खुलने वाली दुकानों को 12 बजे बंद करा दिया गया। रात के समय केवल पुलिस के सायरन सुनाई दे रहे थे। देश के सबसे बड़े मुकदमे का फैसला आने पर अनहोनी की आशंका के चलते लोगों ने बाजारों में जाकर राशन की खरीदारी की। हालांकि सभी का कहना था कि यह अमन का शहर है, यहां कुछ होने वाला नहीं है। शनिवार सुबह 10.30 बजे बाजारों में दुकानें तो खुली थीं, मगर ग्राहक गायब थे। हर कोई टीवी के सामने बैठकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा था। फैसला आने के बाद लोग दूसरे जनपदों और राज्यों में परिचितों से हाल जानते रहे। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और कमिश्नर संजय कुमार समेत एडीएम और एसपी देहात डा. विद्यासागर मिश्र फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने देवबंद पहुंचे। सब कुछ सामान्य देख अधिकारियों के चेहरे पर सुकून दिखाई दिया। हालांकि दोपहर के समय प्राइवेट मोबाइल कंपनियों से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। दिनभर नगर क्षेत्र में शांति समितियों की बैठकों का दौर चला। जिम्मेदार लोगों ने पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। वहीं रेलवे स्टेशन पर भी जीआरपी मुस्तैद दिखी। पुलिस ने स्टेशन परिसर और ट्रेनों में चेकिंग अभियान चलाया। यात्रियों का सामान भी चेक किया।

अयोध्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर मुस्तैद पुलिस बल- फोटो : DEVBAND

अयोध्या फैसले के मद्देनजर देवबंद में पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश देते डीआईजी उपेंद्र अग्र?- फोटो : DEVBAND
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