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जिले में हजारों गोवंश खुले में घूमने को मजबूर

Sat, 12 Jan 2019 12:06 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Published by: Deepak Kausik Updated Sat, 12 Jan 2019 12:06 AM IST
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Thousands of cattle in the district are forced to roam freely
मुजफ्फरनगर में खुले में घूमता गोवंश। - फोटो : अमर उजाला
गांवों में खेतों को उजाड़ रहे और शहरों में गंदा कूड़ा खाने को मजबूर गोवंश के लिए सुरक्षित स्थान ढूंढने के लिए प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। निकायों में कान्हा पशु योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है जबकि ग्रामीण क्षेत्र में गोसंरक्षण केंद्र बनाने के लिए चारागाह की जमीनों को खाली कराया जा रहा है। बुढ़ाना के गांव कुरथल में दस हेक्टेयर जमीन खाली कराई गई है।        
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जिले में शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर गोवंश की भरमार है। भोजन नहीं मिलने के कारण ये कूडे़ में भोजन ढूंढते दिखाई देते हैं। शहर की गुड़ मंडी के प्रांगण में सैकड़ों दूध न देने वाली गाय और गोवंश मौजूद है। मंडी की ओर से ही कुछ चारे आदि की व्यवस्था हो जाती है, अधिकतम भूखे ही रहते हैं। भूख के कारण ये सड़क पर आ जाते हैं। यहां लगने वाले कूडे़ के ढेर में घरों से आने वाले कचरे में अपनी भूख का सामान ढूंढते हैं। शहर की गोशालाओं की हालत यह है कि सभी फुल हैं, किसी में भी गाय रखने की जगह नहीं है।
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जो लोग अपनी गाय छोड़ने जाते हैं, उनको साफ मना कर दिया जाता है। मंडी की हालत यह है कि यहां गांव से जो लोग गुड़ लेकर आते हैं। अपने गायों के बछड़ों को भी साथ ले आते हैं और यहीं छोड़ देते हैं। कुछ तो भूख के कारण यहां मर भी जाते हैं। मंडी के व्यापारियों के अनुसार प्रतिदिन एक या दो बछड़ों की मौत हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा हालात खराब है। गोवंश किसानों के खेतों में घुसकर फसलों को उजाड़ रहा है। किसान इन्हें लाठी डंडों से हटाने का प्रयास करते हैं तो उन पर हमला तक कर देते हैं। गांवों में चारागाह खत्म हो चुके हैं, गोवंश के पास किसानों के खेतों के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रामीण क्षेत्रों में गोसंरक्षण केंद्र यानी चारागाह बनवाने और निकाय क्षेत्रों में कान्हा पशु योजना लागू करने के बाद जिला प्रशासन इस ओर सक्रिय हो गया है। सीडीओ अर्चना वर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चारागाह की जमीनें खाली कराई जा रही है। फिलहाल आठ गांवों को चिह्नित किया गया है, इनमें कुछ गांवों में काम शुरू हो गया है। कुरथल में चारागाह की दस हेक्टेयर जमीन खाली करा ली गई है। गोसंरक्षण केंद्र बनाने का काम तेजी के साथ चल रहा है। जल्द ही यहां पशु भेजने शुरु कर दिए जाएंगे।


इसी के साथ शिकारपुर, नगवा, जड़ौदा, फलौदा में भी चारागाह की जमीन खाली कराने का कार्य चल रहा है। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि कान्हा पशु योजना शहरी क्षेत्रों में चलाई जा रही है। सभी निकायों में गोवंश के लिए सुरक्षित स्थान बनाया जा रहा है, जहां उनके रहने खाने की समस्त व्यवस्था होगी। शहर में रुड़की चुंगी पर बाउंड्रीवाल का काम चल रहा है। जल्द ही यहां पशुओं को पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा। पुरकाजी, बुढ़ाना आदि में भी तेजी के साथ काम हो रहा है, अन्य सभी निकायों को योजना पर तत्काल अमल के लिए कहा गया है।
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