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Muzaffarnagar News: ये हुई ना बात...दूल्हे ने दहेज देखते ही जोड़ लिए हाथ
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मुजफ्फरनगर। एक तरफ दहेज जैसी सामाजिक कुरीति लाख कोशिश के बावजूद खत्म होने का नाम नहीं ले रही है वहीं दहेज की बड़ी रकम ठुकराकर जिले के युवा ने उदाहरण पेश किया है।
अवधेश राणा ने दहेज में मिलने जा रही 31 लाख रुपये की रकम लौटाकर नई मिसाल कायम की। दुल्हन पक्ष के लोग रकम लेकर पहुंचे थे लेकिन दुल्हे ने हाथ जोड़ते हुए रकम लेने से इन्कार कर दिया। घराती और बरातियों ने दूल्हे की खूब प्रशंसा की। कुटबी के प्रधान ने भी बिना दहेज के विवाह किया है। एक सप्ताह में तीन मामले सामने आए हैं।
बुढ़ाना क्षेत्र के नगवा गांव निवासी अवधेश राणा का विवाह गांव शाहबुद्दीनपुर निवासी अदिति सिंह के साथ शहर के बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुआ। दुल्हन के पिता का कोरोना काल में निधन हो गया था। इसके बाद से अदिति सिंह और उसका भाई अपने नाना के घर रहकर ही पढ़ाई कर रहे थे।
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अदिति के नाना सुखपाल सिंह किसान और उन्होंने ही कन्यादान किया जबकि दूल्हे अवधेश का परिवार बुढ़ाना में व्यापारी है। दुल्हन पक्ष के लोग शादी के रस्म के बीच 31 लाख रुपये थाल में सजाकर पहुंचे थे लेकिन दूल्हे ने सराहनीय पहल करते हुए रकम लौटा दी। हाथ जोड़कर कहा कि वह दहेज नहीं लेंगे। दूल्हे की पहल पर शादी की खुशियां दोगुनी हो गई। घरातियों और बरातियों ने खुशी मनाई और नवदंपति के लिए मंगलकामना की।
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अवधेश राणा ने दहेज में मिलने जा रही 31 लाख रुपये की रकम लौटाकर नई मिसाल कायम की। दुल्हन पक्ष के लोग रकम लेकर पहुंचे थे लेकिन दुल्हे ने हाथ जोड़ते हुए रकम लेने से इन्कार कर दिया। घराती और बरातियों ने दूल्हे की खूब प्रशंसा की। कुटबी के प्रधान ने भी बिना दहेज के विवाह किया है। एक सप्ताह में तीन मामले सामने आए हैं।
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बुढ़ाना क्षेत्र के नगवा गांव निवासी अवधेश राणा का विवाह गांव शाहबुद्दीनपुर निवासी अदिति सिंह के साथ शहर के बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुआ। दुल्हन के पिता का कोरोना काल में निधन हो गया था। इसके बाद से अदिति सिंह और उसका भाई अपने नाना के घर रहकर ही पढ़ाई कर रहे थे।
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अदिति के नाना सुखपाल सिंह किसान और उन्होंने ही कन्यादान किया जबकि दूल्हे अवधेश का परिवार बुढ़ाना में व्यापारी है। दुल्हन पक्ष के लोग शादी के रस्म के बीच 31 लाख रुपये थाल में सजाकर पहुंचे थे लेकिन दूल्हे ने सराहनीय पहल करते हुए रकम लौटा दी। हाथ जोड़कर कहा कि वह दहेज नहीं लेंगे। दूल्हे की पहल पर शादी की खुशियां दोगुनी हो गई। घरातियों और बरातियों ने खुशी मनाई और नवदंपति के लिए मंगलकामना की।