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लॉकडाउन को ‘पॉजिटिव’ ले विद्यार्थी, स्किल बढ़ाने पर दे ध्यान
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...ये देश के लिए मुश्किल वक्त है, ये जल्दी बीत जाएगा
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में पढ़ाई बाधित होने से अभिभावक चिंतित है और विद्यार्थी भी। मौजूदा परिस्थितियों में बोर्ड स्टूडेंट को छोड़कर सभी छात्र-छात्राओं को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत कर दिया गया है। सुबह छह से नौ बजे तक स्टेशनरी की दुकानें खोल दी गई हैं, ताकि पाठ्य सामग्री की दिक्कतें न हो। लॉकडाउन की मुश्किलों में स्कूल, कालेजों के प्राचार्य और प्रधानाचार्य ने दिया है संकट की घड़ी में धैर्य बनाए रखने का संदेश।
कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। लॉकडाउन में कुछ घंटे की मिली रियायत को हल्के में मत लीजिए। विद्यार्थी पढ़ाई को लेकर घबराए मत, यूनिवर्सिटी के निर्देशों पर ध्यान रखें।
- नरेश मलिक, प्राचार्य, चौधरी छोटूराम डिग्री कालेज
-ये मुश्किल वक्त है, ये जल्दी बीत जाएगा। केवल हम सभी को लॉकडाउन की गाइडलाइन के नियमों को निभाने में चूक नहीं करनी है। कोर्स को गंभीरता से तैयार कर लें।- सीमा जैन, प्राचार्य, जैन कन्या पी.जी. कालेज
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एकजुटता से डटे रहिए, कोरोना पर नियंत्रण में हम सफल होंगे। छात्र-छात्राएं अपने घरों, आस-पड़ोस को स्वच्छ बनाने में नित्य सहयोग करें।
शिव कुमार यादव, प्रधानाचार्य, डी.ए.वी.इंटर कालेज
-लॉकडाउन में बेवजह घरों से बाहर मत निकलिए। वक्त का सदुपयोग कीजिए। बोर्ड परीक्षा दे चुके विद्यार्थी कॅरियर को लेकर काउंसलिंग ले सकते हैं। विनीत चौहान, प्रधानाचार्य, एमएम इंटर कॉलेज
- कोरोना के खिलाफ जिस जज्बे से भारत लड़ रहा है, उसी हौसले से लॉकडाउन का समय बिताएं। विद्यार्थी पढ़ाई के साथ सनातन साहित्य और महापुरुषों को पढ़ते रहे। - सतीश उपाध्याय, प्रधानाचार्य, लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज
- लॉकडाउन की लंबी अवधि में ध्यान रखे, कोई आपके इर्द-गिर्द कोई जरूरतमंद कष्ट में तो नहीं है। बेजुबान पशु-पक्षियों को अवश्य आहार दीजिए। विद्यार्थी रुचि के अनुरूप अपना कौशल बढ़ा सकते हैं।- राकेश कुमार, प्रधानाचार्य जनता इंटर कालेज भोपा
-कोरोना आपदा ने घर-परिवार के महत्व का पुन: अहसास कराया है। जिंदगी अनमोल है, लॉकडाउन की कीमत समझिए। सेवा में जुटे डॉक्टरों, पुलिस और सफाईकर्मियों के प्रति कृतज्ञ रहिए, जो अपना जीवन दांव पर लगाकर फर्ज निभा रहे हैं।- जितेंद्र कुमार वर्मा, प्रधानाचार्य कल्याणकारी इंटर कालेज बघरा
-घर रहिए, स्वस्थ रहिए और सुरक्षित रहिए। छात्र-छात्राएं इस वक्त को पॉजिटिव लें, अभिभावक बच्चों से जीवन के अनुभव साझा करें। - चंचल सक्सेना, प्रधानाचार्य, एसडी पब्लिक स्कूल
- संक्रमण के रण में जीत अवश्य मिलेगी, बस सचेत और जागरूक रहिए। स्वच्छता जिंदगी को निरोगी तथा खुशनुमा बनाती है। बच्चें ऑनलाइन स्टडी का लाभ उठाएं।- धारा रत्न, प्रधानाचार्य शारदेन पब्लिक स्कूल
- सुखी और सुरक्षित राष्ट्र की भावना सबसे बड़ी है। लॉकडाउन अपनी संस्कृति की जड़ों में लौटने का मंथन है। बुजुर्गों की देखभाल मत भूलिए, साथ ही कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें। विद्यार्थी सद्गुणों का चिंतन कर आहार, व्यवहार की शुद्धता पर ध्यान दें।
- आजादवीर, प्रधानाचार्य जीसी पब्लिक स्कूल
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मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन में पढ़ाई बाधित होने से अभिभावक चिंतित है और विद्यार्थी भी। मौजूदा परिस्थितियों में बोर्ड स्टूडेंट को छोड़कर सभी छात्र-छात्राओं को अगली कक्षाओं में प्रोन्नत कर दिया गया है। सुबह छह से नौ बजे तक स्टेशनरी की दुकानें खोल दी गई हैं, ताकि पाठ्य सामग्री की दिक्कतें न हो। लॉकडाउन की मुश्किलों में स्कूल, कालेजों के प्राचार्य और प्रधानाचार्य ने दिया है संकट की घड़ी में धैर्य बनाए रखने का संदेश।
कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। लॉकडाउन में कुछ घंटे की मिली रियायत को हल्के में मत लीजिए। विद्यार्थी पढ़ाई को लेकर घबराए मत, यूनिवर्सिटी के निर्देशों पर ध्यान रखें।
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- नरेश मलिक, प्राचार्य, चौधरी छोटूराम डिग्री कालेज
-ये मुश्किल वक्त है, ये जल्दी बीत जाएगा। केवल हम सभी को लॉकडाउन की गाइडलाइन के नियमों को निभाने में चूक नहीं करनी है। कोर्स को गंभीरता से तैयार कर लें।- सीमा जैन, प्राचार्य, जैन कन्या पी.जी. कालेज
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एकजुटता से डटे रहिए, कोरोना पर नियंत्रण में हम सफल होंगे। छात्र-छात्राएं अपने घरों, आस-पड़ोस को स्वच्छ बनाने में नित्य सहयोग करें।
शिव कुमार यादव, प्रधानाचार्य, डी.ए.वी.इंटर कालेज
-लॉकडाउन में बेवजह घरों से बाहर मत निकलिए। वक्त का सदुपयोग कीजिए। बोर्ड परीक्षा दे चुके विद्यार्थी कॅरियर को लेकर काउंसलिंग ले सकते हैं। विनीत चौहान, प्रधानाचार्य, एमएम इंटर कॉलेज
- कोरोना के खिलाफ जिस जज्बे से भारत लड़ रहा है, उसी हौसले से लॉकडाउन का समय बिताएं। विद्यार्थी पढ़ाई के साथ सनातन साहित्य और महापुरुषों को पढ़ते रहे। - सतीश उपाध्याय, प्रधानाचार्य, लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज
- लॉकडाउन की लंबी अवधि में ध्यान रखे, कोई आपके इर्द-गिर्द कोई जरूरतमंद कष्ट में तो नहीं है। बेजुबान पशु-पक्षियों को अवश्य आहार दीजिए। विद्यार्थी रुचि के अनुरूप अपना कौशल बढ़ा सकते हैं।- राकेश कुमार, प्रधानाचार्य जनता इंटर कालेज भोपा
-कोरोना आपदा ने घर-परिवार के महत्व का पुन: अहसास कराया है। जिंदगी अनमोल है, लॉकडाउन की कीमत समझिए। सेवा में जुटे डॉक्टरों, पुलिस और सफाईकर्मियों के प्रति कृतज्ञ रहिए, जो अपना जीवन दांव पर लगाकर फर्ज निभा रहे हैं।- जितेंद्र कुमार वर्मा, प्रधानाचार्य कल्याणकारी इंटर कालेज बघरा
-घर रहिए, स्वस्थ रहिए और सुरक्षित रहिए। छात्र-छात्राएं इस वक्त को पॉजिटिव लें, अभिभावक बच्चों से जीवन के अनुभव साझा करें। - चंचल सक्सेना, प्रधानाचार्य, एसडी पब्लिक स्कूल
- संक्रमण के रण में जीत अवश्य मिलेगी, बस सचेत और जागरूक रहिए। स्वच्छता जिंदगी को निरोगी तथा खुशनुमा बनाती है। बच्चें ऑनलाइन स्टडी का लाभ उठाएं।- धारा रत्न, प्रधानाचार्य शारदेन पब्लिक स्कूल
- सुखी और सुरक्षित राष्ट्र की भावना सबसे बड़ी है। लॉकडाउन अपनी संस्कृति की जड़ों में लौटने का मंथन है। बुजुर्गों की देखभाल मत भूलिए, साथ ही कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें। विद्यार्थी सद्गुणों का चिंतन कर आहार, व्यवहार की शुद्धता पर ध्यान दें।
- आजादवीर, प्रधानाचार्य जीसी पब्लिक स्कूल