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ईओ ने बदल दिए चेयरपर्सन के दिए प्रस्ताव
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फिर चेयरपर्सन और ईओ के बीच ठनी
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में एक बार फिर चेयरपर्सन और ईओ के बीच ठन गई है। इस बार 14वें वित्त की तीन करोड़ 92 लाख रुपये की राशि से विकास कार्य कराने को लेकर विवाद हुआ है। चेयरपर्सन ने जो कार्य सुझाते हुए सूची तैयार कराई थी ईओ ने उसे बदल दिए। इस पर नाराज पालिकाध्यक्ष ने ईओ को सुझाई गई सूची के अनुसार ही प्रस्ताव तैयार करने तथा डीएम से अनुमोदन कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी को लिखे पत्र में चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा है कि उन्होंने चार दिसंबर को 14वें वित्त की 3.93 करोड़ की लागत से उन वार्डों में कार्य कराने के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश दिए थे, जिनमें नितांत आवश्यकता है। इसके बावजूद उनकी सूची को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनके समक्ष विकास कार्यों की जो सूची प्रस्तुत की गई, उनमें वे प्रस्ताव शामिल नहीं थे, जिन्हें शहर का निरीक्षण कर सुझाया था। उन्होंने एटूजेड प्लांट को शुरू कराने का 15 लाख रुपये का प्रस्ताव भी शामिल था। शहर की सफाई व्यवस्था एवं कूड़ा प्रबंधन हितों के लिए यह प्रस्ताव काफी अहम है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने भी इस प्लांट का संचालन कराने के लिए कहा था। उनकी सूची में उन वार्डों के काम शामिल थे, जिनकी नितांत आवश्यकता है, ताकि शहर का संतुलित विकास हो सके। ईओ को निर्देश दिए थे कि वह चेयरपर्सन द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों की सूची को डीएम के सामने प्रस्तुत करे, लेकिन इसका भी अनुपालन नहीं हुआ। इससे प्रतीत होता है कि ईओ जान बूझकर विकास कार्यों में विलंब चाहते हैं। यदि उनकी बिना अनुमति के विकास कार्यों की सूची प्रेषित की जाती है तो इसके लिए ईओ उत्तरदायी होंगे तथा उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इन्होंने कहा...
ईओ ने मेरे द्वारा दी गई विकास कार्यों की सूची बदल दी है। यह निर्वाचित चेयरपर्सन के अधिकारों का हनन है।
- अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन।
- प्रस्ताव बदलने जैसी कोई बात नहीं है। सूची तैयार हो गई है और डीएम के अनुमोदन के लिए जा चुकी है।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ।
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में एक बार फिर चेयरपर्सन और ईओ के बीच ठन गई है। इस बार 14वें वित्त की तीन करोड़ 92 लाख रुपये की राशि से विकास कार्य कराने को लेकर विवाद हुआ है। चेयरपर्सन ने जो कार्य सुझाते हुए सूची तैयार कराई थी ईओ ने उसे बदल दिए। इस पर नाराज पालिकाध्यक्ष ने ईओ को सुझाई गई सूची के अनुसार ही प्रस्ताव तैयार करने तथा डीएम से अनुमोदन कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी को लिखे पत्र में चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा है कि उन्होंने चार दिसंबर को 14वें वित्त की 3.93 करोड़ की लागत से उन वार्डों में कार्य कराने के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश दिए थे, जिनमें नितांत आवश्यकता है। इसके बावजूद उनकी सूची को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनके समक्ष विकास कार्यों की जो सूची प्रस्तुत की गई, उनमें वे प्रस्ताव शामिल नहीं थे, जिन्हें शहर का निरीक्षण कर सुझाया था। उन्होंने एटूजेड प्लांट को शुरू कराने का 15 लाख रुपये का प्रस्ताव भी शामिल था। शहर की सफाई व्यवस्था एवं कूड़ा प्रबंधन हितों के लिए यह प्रस्ताव काफी अहम है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने भी इस प्लांट का संचालन कराने के लिए कहा था। उनकी सूची में उन वार्डों के काम शामिल थे, जिनकी नितांत आवश्यकता है, ताकि शहर का संतुलित विकास हो सके। ईओ को निर्देश दिए थे कि वह चेयरपर्सन द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों की सूची को डीएम के सामने प्रस्तुत करे, लेकिन इसका भी अनुपालन नहीं हुआ। इससे प्रतीत होता है कि ईओ जान बूझकर विकास कार्यों में विलंब चाहते हैं। यदि उनकी बिना अनुमति के विकास कार्यों की सूची प्रेषित की जाती है तो इसके लिए ईओ उत्तरदायी होंगे तथा उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इन्होंने कहा...
ईओ ने मेरे द्वारा दी गई विकास कार्यों की सूची बदल दी है। यह निर्वाचित चेयरपर्सन के अधिकारों का हनन है।
- अंजू अग्रवाल, चेयरपर्सन।
- प्रस्ताव बदलने जैसी कोई बात नहीं है। सूची तैयार हो गई है और डीएम के अनुमोदन के लिए जा चुकी है।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ।