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मिनी सचिवालय में सामान रखने पहुंची टीम महिलाओं ने लौटाया
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पुरकाजी के गांव लखनोती में पंचायत घर पर जमा ग्रामीण व मौजूद पुलिस फोर्स।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। गांव लखनौती में मिनी सचिवालय (पंचायत घर) में अपना सामान रखने पहुंची टीम को महिलाओं ने विरोध किया। नायब तहसीलदार राजकुमार व बीडीओ रंजीत सिंह ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानी। इसके बाद टीम लौट गई।
गांव लखनौती में भी पंचायत घर काफी पुराना है। गांव प्रधान और पंचायत सचिव ने जुलाई में इसे मिनी सचिवालय का रूप दिया था। गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने पंचायत घर को अपना बरातघर बताकर विरोध किया था। प्रधान की ओर से पुलिस से शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भी विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया था। मगर, लोगों ने मिनी सचिवालय बनाने का विरोध कर अपना कब्जा हटाने से इंकार कर दिया था। इसकी शिकायत प्रधान ने एसडीएम सदर परमानंद झा से की थी। एसडीएम सदर के निर्देशों पर बुधवार को नायब तहसीलदार राजकुमार व बीडीओ रंजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ गांव लखनौती पहुंचे और पंचायत घर में मिनी सचिवालय से संबंधित कंप्यूटर आदि सामान रखने का प्रयास किया। यह जानकारी मिलते ही अनुसूचित जाति की दर्जनों महिलाएं मौके पर पहुंच गई और उन्होंने सामान रखने का विरोध किया। काफी समझाने के बावजूद महिलाओं के नहीं मानने पर टीम लौट आई।
शासनादेश के अनुसार हमारी टीम पंचायत घर में सामान रखने गई थी। गांव की अनुसूचित जाति की महिलाओं ने पंचायत घर को बारात घर बताकर सामान रखने का विरोध किया है। भवन सरकारी है। उस पर किसी का कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। कब्जा करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - परमानंद झा, एसडीएम सदर
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गांव लखनौती में भी पंचायत घर काफी पुराना है। गांव प्रधान और पंचायत सचिव ने जुलाई में इसे मिनी सचिवालय का रूप दिया था। गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने पंचायत घर को अपना बरातघर बताकर विरोध किया था। प्रधान की ओर से पुलिस से शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भी विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया था। मगर, लोगों ने मिनी सचिवालय बनाने का विरोध कर अपना कब्जा हटाने से इंकार कर दिया था। इसकी शिकायत प्रधान ने एसडीएम सदर परमानंद झा से की थी। एसडीएम सदर के निर्देशों पर बुधवार को नायब तहसीलदार राजकुमार व बीडीओ रंजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ गांव लखनौती पहुंचे और पंचायत घर में मिनी सचिवालय से संबंधित कंप्यूटर आदि सामान रखने का प्रयास किया। यह जानकारी मिलते ही अनुसूचित जाति की दर्जनों महिलाएं मौके पर पहुंच गई और उन्होंने सामान रखने का विरोध किया। काफी समझाने के बावजूद महिलाओं के नहीं मानने पर टीम लौट आई।
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शासनादेश के अनुसार हमारी टीम पंचायत घर में सामान रखने गई थी। गांव की अनुसूचित जाति की महिलाओं ने पंचायत घर को बारात घर बताकर सामान रखने का विरोध किया है। भवन सरकारी है। उस पर किसी का कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। कब्जा करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - परमानंद झा, एसडीएम सदर
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