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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   The witness of the three generations of 'Hindustan'

म्हारी तीन पीढ़ी का गवाह ‘हिंदुस्तान’

Tue, 27 Mar 2018 11:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर। Updated Tue, 27 Mar 2018 11:46 PM IST
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The witness of the three generations of 'Hindustan'
farmer - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। ...म्हारी तीन पीढ़ी का गवाह ‘हिंदुस्तान’ ट्रैक्टर काम के साथ भावना से जुड़ा है। कलक्ट्रेट में विरोध के रूप में आए कई ट्रैक्टर आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शन में किसानों ने वर्ष 1960 से लेकर 1980, 85 तक के मॉडल खड़े कर दिए। इस दौरान वर्ष 1971 मॉडल का ट्रैक्टर मुख्य रहा। यह ट्रैक्टर पूरी तरह से री-मॉडल किया गया है।
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आक्रोशित किसान बोले कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल शहरों के प्रदूषण के जिम्मेदार बड़ी औद्योगिक इकाईयों, वाहनों का अधिक दबाव और कारणों को बंद करने के बजाए किसानों का शोषण करने पर उतारू है। किसानों के ट्रैक्टर खेत में चलते हैं, वह सड़क-हाइवे पर दौड़ नहीं लगाते हैं।
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गांव बधाईकलां के किसान चौधरी बलवीर सिंह अपने हिंदुस्तान ट्रैक्टर को लेकर पहुंचे। वर्ष 1971 का यह ट्रैक्टर नए मॉडल को टक्कर देता दिखाई दिया। कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय में इस खड़ा कर विरोध प्रकट किया गया। किसानों ने ट्रैक्टर को चलाकर साफ किया कि इसका प्रदूषण यहीं मापा जाए। ट्रैक्टर स्वामी कृषक कृष्णपाल मलिक बोले कि ...म्हारी तीसरी पीढ़ी का गवाह यह हिंदुस्तान उनकी खेती के साथ भावनाओं से जुड़ा है। यह परिवार का मुख्य सदस्य बन चुका है।
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एनजीटी के नियमों के बाद सहारनपुर में ट्रैक्टर को री-मॉडल कराया गया। करीब ढाई लाख रुपये लगाकर ट्रैक्टर के अनेक कलपुर्जे बदले गए। इसका प्रदूषण पूर्ण रूप से मानक अनुरूप हैं। इस दौरान हिंदुस्तान ट्रैक्टर अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ अनेक लोगों के लिए सेल्फी हब बन गया।

फिटनेस पर नवीनीकरण जरूरी
मुजफ्फरनगर। एनजीटी ने 10 वर्ष पुराना डीजल और 15 वर्ष पुराना पेट्रोल वाहन के एनसीआर में संचालन पर रोक लगाई है। ऐसे में ट्रैक्टर भी इसकी जद में आए हैं। हालांकि पुराने वाहन का समय खत्म होने के बाद नए सिरे से नवीनीकरण कराना होता है। इसके लिए पांच साल का नया पंजीकरण होता है। इससे पहले वाहन की फिटनेस, प्रदूषण स्थिति, कलपुर्जों की ताकत आदि का परीक्षण होता है।


बोले अधिकारी...
नियम और कानून भावना से नहीं चल सकते हैं। एक वाहन का 15 साल के लिए पंजीकरण होता है। डीजल में दस साल मियाद है। उसके बाद जांच होने पर पांच-पांच साल के लिए आगे पंजीकरण बढ़ता है। उसके लिए फिटनेस पर वाहन खरा उतरना जरूरी है।
सुरेंद्र सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन, मुजफ्फरनगर।
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