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Muzaffarnagar News: ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाया अस्थायी रास्ता
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3 पुरकाजी खादर क्षेत्र में अस्थाई रास्ता बनाते ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण
- फोटो : mathura
पुरकाजी। लोकनिर्माण विभाग के सहयोग करने से ग्रामीणों ने श्रमदान कर शेरपुर नंगला और अन्य गांवों में जाने के लिए अस्थायी रास्ता बना लिया है। खेतों के रास्ते दो किलोमीटर का चक्कर काटकर जाने वाले ग्रामीणों की राह अब आसान हो गई है। पुरकाजी के खादर क्षेत्र में लगातार भारी बारिश होने व उत्तराखंड से बार-बार पानी छोड़े जाने से सोलानी नदी उफनाई हुई है। पानी नदी से बाहर निकलकर गांवों के रास्तों व घरों तक पहुंच गया है।
रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नगला, धुममनपुरी, रतन पुरी, अल्मावाला, जिंदावाला आदि गांवों के रास्ते बुरी तरह टूट जाने से रास्तों पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। छात्र छात्राओं व ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाव में बैठकर ही नदी पार करनी पड़ रही है।
शेरपुर नंगला से धुम्मनपुरी जाने वाला मुख्य रास्ता करीब दो सप्ताह से करीब 30 फीट टूटा पड़ा है। ग्रामीण दो बार गांव से चंदा इकट्ठा कर खम्बे रखकर अस्थायी रास्ता बना चुके हैं। मगर पानी के तेज बहाव से खंभे गिर जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।
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डॉ. गुलशन प्रजापति, शेखर पॉल, परमल सिंह, यादराम प्रजापति, राहुल कुमार, अंकित कुमार, राजा, ओमपाल, सोमपाल, बीरपाल, अर्जुन आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में आए लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के समक्ष समस्या रखी थी। जिस पर उन्होंने अस्थाई रास्ता बनाने के लिए सामान देने का आश्वासन दिया था।
रविवार को उन्होंने सामान भेज दिया और ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर अस्थाई बना लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस रास्ते से केवल पैदल निकलने वाले ग्रामीण ही गुजर सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अगर उत्तराखंड से ज्यादा पानी नहीं आया तो अस्थाई रास्ते से ग्रामीणों का आवागमन चालू रहेगा। ज्यादा पानी आने से रास्ते का सामान पानी में बह जाने से रास्ता फिर बंद हो जाएगा।
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रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नगला, धुममनपुरी, रतन पुरी, अल्मावाला, जिंदावाला आदि गांवों के रास्ते बुरी तरह टूट जाने से रास्तों पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। छात्र छात्राओं व ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाव में बैठकर ही नदी पार करनी पड़ रही है।
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शेरपुर नंगला से धुम्मनपुरी जाने वाला मुख्य रास्ता करीब दो सप्ताह से करीब 30 फीट टूटा पड़ा है। ग्रामीण दो बार गांव से चंदा इकट्ठा कर खम्बे रखकर अस्थायी रास्ता बना चुके हैं। मगर पानी के तेज बहाव से खंभे गिर जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।
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डॉ. गुलशन प्रजापति, शेखर पॉल, परमल सिंह, यादराम प्रजापति, राहुल कुमार, अंकित कुमार, राजा, ओमपाल, सोमपाल, बीरपाल, अर्जुन आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में आए लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के समक्ष समस्या रखी थी। जिस पर उन्होंने अस्थाई रास्ता बनाने के लिए सामान देने का आश्वासन दिया था।
रविवार को उन्होंने सामान भेज दिया और ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर अस्थाई बना लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस रास्ते से केवल पैदल निकलने वाले ग्रामीण ही गुजर सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अगर उत्तराखंड से ज्यादा पानी नहीं आया तो अस्थाई रास्ते से ग्रामीणों का आवागमन चालू रहेगा। ज्यादा पानी आने से रास्ते का सामान पानी में बह जाने से रास्ता फिर बंद हो जाएगा।