फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   The team engaged to recover the remains of reindeer

गंगा खादर में सीमा को चिन्हित करने को राजस्व टीम पैमाइश में जुटी

Thu, 21 Nov 2019 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
The team engaged to recover the remains of reindeer
बारहसिंघा के अवशेषों को बरामद करने में जुटी टीम
विज्ञापन

मोरना (मुजफ्फरनगर)। गंगा खादर में जिला मुजफ्फरनगर और बिजनौर की सीमा को चिह्नित करने के लिए राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश आरंभ कर दी है। शासन प्रशासन अब गोवंश पालकों की शिकायत को लेकर गंभीर कार्रवाई करने का मन बना चुका है। राजस्व विभाग के साथ वन विभाग और सर्वे अधिकारी समय से पहले गांव बिहारगढ़ से जमीन की पैमाइश में लगे दिखाई दिए। वहीं, बाहरसिंघा के शिकार किए जाने के बाद बचे अवशेष को बरामद करने के लिए वन विभाग कर्मचारी टीम खोजने मेें लगी हुई है।
शुकतीर्थ गंगा खादर के गांव बिहारगढ़, जलालपुर बेहड़ा, शिवपुरी, रणजीतपुर, नरुलपुर, धारीवाला, अखाखेड़ी आदि गेर आबाद गांवों के मजरों सहित जमीन के रकबे की पैमाइश राजस्व विभाग जानसठ ने आरंभ कर दी है। जानसठ तहसील से कानूनगो ऋषिपाल राठी ने बताया कि गंगा खादर में उपजिलाधिकारी जानसठ के निर्देश पर जलालपुर बेहड़ा के रकबे को कायम करने के लिए उत्तर दिशा की पैमाइश का कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए राजस्व विभाग के लेखपाल पंकज कुमार, अमित, मनोज कुमार, सर्वे लेखपाल अमित धामा और वन विभाग कर्मचारी सुनील कुमार, रोहित काला आदि टीम जमीन की पैमाइश कराने में लगी हुई है।
विज्ञापन

जीव जंतुओं का शिकार करने वालों पर होगी कार्रवाई
हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य के लिए गंगा बैराज के खादर का जीव जंतुओं के लिए संरक्षित किया हुआ है। गंगा बैराज से यह क्षेत्र गंगा खादर में 10 किलोमीटर तक फैला हुआ है। गंगा खादर में बाहरसिंघा और अन्य जीव जंतुओं का शिकार खुलेआम किया जा रहा है। इस कारण गोचर भूमि पर बाहरसिंघा के अवशेष जगह-जगह बिखरे पड़े हैं। वन क्षेत्राधिकारी सिंह राजसिंह पुण्डीर ने बताया कि बाहरसिंघों के अवशेष को तलाशने के लिए वन कर्मचारियों को लगाया गया है। जो भी इस कार्य में दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन विभाग के डीएफओ सूरज कुमार ने बताया कि उपजिलाधिकारी जानसठ अनुज मलिक के द्वारा गोवंश पालकों की शिकायत पर सर्वे टीम का गठन किया गया है, वन विभाग की टीम भी इसमें शामिल है। यह पूरा प्रकरण पिछले वर्ष से चला आ रहा है। टीम द्वारा सर्वे कर सीमांकन होगा। जल्द ही वन विभाग द्वारा वन्य जीव अभ्यारण्य के गश्त अभियान को चलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed