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डेढ़ करोड़ से दूर होगी एटूजेड प्लांट की बदहाली
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डेढ़ करोड़ से दूर होगी एटूजेड प्लांट की बदहाली
मुजफ्फरनगर। शहर की कूड़ा निस्तारण व्यवस्था में मुख्य कड़ी के रूप में काम करने वाले किदवईनगर में स्थित एटूजेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बदहाली दूर करने के लिए 15 वें वित्त आयोग से डेढ़ करोड़ रुपये की धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों को आखिरकार डीएम ने स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके साथ ही इस प्लांट को चालू कराने के लिए पालिका प्रशासन ने भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। ईओ ने प्लांट का निरीक्षण किया और मशीन ब्लॉक मेें भरे पानी को निकालने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है।
एटूजेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पूर्व में बंद होने के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करते हुए इस प्लांट को पुन: चालू कराया था, लेकिन यह फिलहाल बंद होने के कारण कूड़ा निस्तारण में समस्या बनी हुई है। बारिश के कारण प्लांट के मशीन ब्लॉक में जलभराव होने और अन्य समस्याओं के कारण प्लांट को चलाने का अनुबंध करने वाली कंपनी रोल्ज इंडिया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेेंट प्राइवेट लिमिटेड गाजियाबाद ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
इसके बाद, इस मामले का संज्ञान लेकर डीएम चंद्रभूषण सिंह ने गत दिवस ईओ पालिका हेमराज सिंह और कंपनी के प्लांट मैनेजर अंकित कुमार का अपने कार्यालय बुलाकर वार्ता की और प्लांट को चालू कराने के निर्देश दिए। इसमें लापरवाही बरतने पर उन्होंने ईओ और कंपनी मैनेजर को सख्त हिदायत दी थी।
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डीएम के आदेश पर ईओ पालिका हेमराज सिंह ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार के साथ प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कंपनी के मैनेजर के साथ मिलकर वहां पर पालिका से पंप लगाए गए हैं। कर्मचारी प्लांट के मशीन ब्लॉक में भरे पानी को निकालने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि पालिका के स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15वें वित्त आयोग में प्लांट के संचालन के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल किए गए थे। पिछले दिनों हुई मीटिंग में इन प्रस्तावों को अस्वीकृत कर दिया गया था, जबकि प्लांट का संचालन कराने के लिए यह आवश्यक है। इसी को लेकर डीएम से वार्ता की गई, जिसमें उन्होंने इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब डेढ़ करोड़ की लागत से प्लांट पर मशीन ब्लॉक के टीन शेड बदलवाने, बाउंड्री वाल और फाउंडेशन आदि कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बारिश में प्लांट संचालन मेें पानी भराव के कारण दिक्कत पैदा हो रही हैं।
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मुजफ्फरनगर। शहर की कूड़ा निस्तारण व्यवस्था में मुख्य कड़ी के रूप में काम करने वाले किदवईनगर में स्थित एटूजेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बदहाली दूर करने के लिए 15 वें वित्त आयोग से डेढ़ करोड़ रुपये की धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों को आखिरकार डीएम ने स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके साथ ही इस प्लांट को चालू कराने के लिए पालिका प्रशासन ने भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। ईओ ने प्लांट का निरीक्षण किया और मशीन ब्लॉक मेें भरे पानी को निकालने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है।
एटूजेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पूर्व में बंद होने के बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि खर्च करते हुए इस प्लांट को पुन: चालू कराया था, लेकिन यह फिलहाल बंद होने के कारण कूड़ा निस्तारण में समस्या बनी हुई है। बारिश के कारण प्लांट के मशीन ब्लॉक में जलभराव होने और अन्य समस्याओं के कारण प्लांट को चलाने का अनुबंध करने वाली कंपनी रोल्ज इंडिया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेेंट प्राइवेट लिमिटेड गाजियाबाद ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
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इसके बाद, इस मामले का संज्ञान लेकर डीएम चंद्रभूषण सिंह ने गत दिवस ईओ पालिका हेमराज सिंह और कंपनी के प्लांट मैनेजर अंकित कुमार का अपने कार्यालय बुलाकर वार्ता की और प्लांट को चालू कराने के निर्देश दिए। इसमें लापरवाही बरतने पर उन्होंने ईओ और कंपनी मैनेजर को सख्त हिदायत दी थी।
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डीएम के आदेश पर ईओ पालिका हेमराज सिंह ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार के साथ प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि कंपनी के मैनेजर के साथ मिलकर वहां पर पालिका से पंप लगाए गए हैं। कर्मचारी प्लांट के मशीन ब्लॉक में भरे पानी को निकालने में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि पालिका के स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15वें वित्त आयोग में प्लांट के संचालन के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल किए गए थे। पिछले दिनों हुई मीटिंग में इन प्रस्तावों को अस्वीकृत कर दिया गया था, जबकि प्लांट का संचालन कराने के लिए यह आवश्यक है। इसी को लेकर डीएम से वार्ता की गई, जिसमें उन्होंने इन प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब डेढ़ करोड़ की लागत से प्लांट पर मशीन ब्लॉक के टीन शेड बदलवाने, बाउंड्री वाल और फाउंडेशन आदि कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बारिश में प्लांट संचालन मेें पानी भराव के कारण दिक्कत पैदा हो रही हैं।