फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   The movement will not end until the return of CAA

सरकार का प्रतिनिधिमंडल वार्ता करे तो निकल सकता है समाधान

Sun, 23 Feb 2020 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 12:54 AM IST
विज्ञापन
The movement will not end until the return of CAA
सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन करती महिलाएं - फोटो : DEVBAND
देवबंद(सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन के 27वें दिन महिलाओं ने कहा कि जिस तरह सुप्रीम कोर्ट का प्रतिनिधिमंडल शाहीन बाग में जाकर वार्ता कर रहा है उसी तरह सरकार अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजकर वार्ता करे तो इसका समाधान निकल सकता है, लेकिन सरकार ने हठधर्मिता पर अड़े रहने की कसम खाई हुईं हैं।
विज्ञापन

मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले ईदगाह मैदान में चल रहे सत्याग्रह में शनिवार को आंदोलनकारी फरीहा और रुबीना ने संयुक्त रुप से कहा कि केंद्र सरकार के गलत फैसलों और गलत नीतियों से आज पूरा देश प्रभावित है। नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक के सरकार के गलत फैसलों ने देश की अर्थव्यवस्था को बरबाद करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता सरकार ने इन मुद्दों पर सवाल न पूछे इसलिए सरकार संविधान विरोधी बिल लाई है ताकि धर्म के नाम पर लोगों को बांटा जा सके और सरकार अपनी मनमानी करती रहे। शीबा नाज ने कहा कि संविधान को बचाने के लिए सर्वसमाज के लोग एकजुट हैं, देश में तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी। आयशा और तसलीमा ने कहा कि सरकार इस बात को अच्छे से समझ ले कि संविधान की शपथ लेकर सरकार कहलाने वाले लोगों को किसी कीमत पर संविधान की धज्जियां नहीं उड़ाने दी जाएगी। इनके अलावा अन्य महिला वक्ताओं ने एनपीआर को एनआरसी का प्रथम कदम बताते हुए इसका बायकाट करने और कागज न दिखाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed