{"_id":"62b2127d7d8b2778c23dad7e","slug":"the-life-of-the-sage-was-dedicated-to-humanity-swami-omanand-muzaffarnagar-news-mrt5938446111","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानवता को समर्पित रहा शिक्षा ऋषि का जीवन : स्वामी ओमानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानवता को समर्पित रहा शिक्षा ऋषि का जीवन : स्वामी ओमानंद
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर ::::::: शुकतीर्थ में स्वामी कल्याण देव की प्रतिमा के समक्ष पूजा अर्चना करते ओमानंद महारा?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
तीन सदी के युगदृष्टा स्वामी कल्याण देव जी महाराज की 147वीं जयंती मनाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ के जीर्णोद्धारक और तीन सदी के युगदृष्टा स्वामी कल्याण देव जी महाराज की 147वीं जयंती भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ स्थित उनके समाधि मंदिर में मनाई गई। परम शिष्य भागवत पीठ पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद जी ने आचार्य और विद्यार्थियों के साथ विधिविधान से चरण पादुका पूजन कर आरती की।
पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि पूज्य गुरुदेव स्वामी कल्याण देव जी का जीवन मानवता को समर्पित पवित्र जीवन था। वह परोपकार के नैष्ठिक साधक थे। उनका समाज और राष्ट्र को समर्पित जीवन अभिनंदनीय, वंदनीय तथा प्रेरणा का स्रोत है। वह संत समाज के गौरव और मुकुट मणि थे। गुरुदेव जी का जीवन तीन सदी का इतिहास है। वह संत जगत के प्रकाश स्तंभ थे। जगत की सेवा को उन्होंने सदैव जगदीश की सेवा माना। गुरुदेव जी का असाधारण व्यक्तित्व मानव मूल्यों के प्रति आस्था का संचार उत्पन्न करता है। इस अवसर पर स्वामी भरत देव महाराज, पूर्व प्रधानाचार्य ज्ञान प्रसाद, प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र उप्रेती, कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री, आचार्य अरुण, धीरेंद्र ,ठाकुर प्रसाद, युवराज एवं छात्रगण आदि उपस्थित रहे। विशाल भंडारे का आयोजन कर प्रसाद दक्षिणा वितरित की गई। विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने वीतराग संत की पावन स्मृति को नमन किया।
कल्याण देव का जीवन पवित्रता का प्रतीक
(फोटो समाचार)
मुजफ्फरनगर। शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज की 1जयंती पर भोपा रोड स्थित गांधी पॉलिटेक्निक में संत प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर महान संत की पावन स्मृति को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद गांव-गांव में शिक्षा की ज्योति जगाकर वीतराग संत ने राष्ट्र और समाज के उत्थान का अतुलनीय कार्य किया था। इस दौरान रुपम शर्मा , दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, मीरापुर के स्वामी कल्याणदेव डिग्री कालेज किथौडा में प्रबंधक आकाश कुमार, शिक्षक सनोज कुमार, विनीत, रूबी आदि ने शिक्षा ऋषि के चित्र पर माल्यार्पण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। शुकतीर्थ के जीर्णोद्धारक और तीन सदी के युगदृष्टा स्वामी कल्याण देव जी महाराज की 147वीं जयंती भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ स्थित उनके समाधि मंदिर में मनाई गई। परम शिष्य भागवत पीठ पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद जी ने आचार्य और विद्यार्थियों के साथ विधिविधान से चरण पादुका पूजन कर आरती की।
पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि पूज्य गुरुदेव स्वामी कल्याण देव जी का जीवन मानवता को समर्पित पवित्र जीवन था। वह परोपकार के नैष्ठिक साधक थे। उनका समाज और राष्ट्र को समर्पित जीवन अभिनंदनीय, वंदनीय तथा प्रेरणा का स्रोत है। वह संत समाज के गौरव और मुकुट मणि थे। गुरुदेव जी का जीवन तीन सदी का इतिहास है। वह संत जगत के प्रकाश स्तंभ थे। जगत की सेवा को उन्होंने सदैव जगदीश की सेवा माना। गुरुदेव जी का असाधारण व्यक्तित्व मानव मूल्यों के प्रति आस्था का संचार उत्पन्न करता है। इस अवसर पर स्वामी भरत देव महाराज, पूर्व प्रधानाचार्य ज्ञान प्रसाद, प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र उप्रेती, कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री, आचार्य अरुण, धीरेंद्र ,ठाकुर प्रसाद, युवराज एवं छात्रगण आदि उपस्थित रहे। विशाल भंडारे का आयोजन कर प्रसाद दक्षिणा वितरित की गई। विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने वीतराग संत की पावन स्मृति को नमन किया।
विज्ञापन
कल्याण देव का जीवन पवित्रता का प्रतीक
(फोटो समाचार)
मुजफ्फरनगर। शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव जी महाराज की 1जयंती पर भोपा रोड स्थित गांधी पॉलिटेक्निक में संत प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर महान संत की पावन स्मृति को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद गांव-गांव में शिक्षा की ज्योति जगाकर वीतराग संत ने राष्ट्र और समाज के उत्थान का अतुलनीय कार्य किया था। इस दौरान रुपम शर्मा , दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, मीरापुर के स्वामी कल्याणदेव डिग्री कालेज किथौडा में प्रबंधक आकाश कुमार, शिक्षक सनोज कुमार, विनीत, रूबी आदि ने शिक्षा ऋषि के चित्र पर माल्यार्पण किया।
विज्ञापन