फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   The honorables stood on the front of respect with revised letters

Muzaffarnagar News: चिट्ठियां लेकर सम्मान के मोर्चे पर खड़े हुए माननीय

Fri, 18 Jul 2025 01:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Fri, 18 Jul 2025 01:00 AM IST
विज्ञापन
The honorables stood on the front of respect with revised letters
मुजफ्फरनगर। जनता ने चुनकर जिन माननीयों को विधानसभा और संसद भेजा था, उनके सम्मान पर सवाल खड़ा होने लगा है। आरोप लग रहे हैं कि अधिकारी और कर्मचारी सम्मान नहीं देते। एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। पहले कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार का पत्र चर्चा में रहा और अब सहारनपुर के प्रकरण में सपा की सांसद इकरा हसन की चिट्ठी चर्चा में आ गई है।
विज्ञापन

जनप्रतिनिधियों का तक है कि वह जनता के काम के लिए कॉल करते हैं, लेकिन कोई समाधान होता नहीं दिखाई देता। दिलचस्प बात यह है कि नाराजगी सिर्फ विपक्ष में नहीं, बल्कि एनडीए गठबंधन में भी दिखाई पड़ रही है। रालोद के खेमे में इस बात की बेचैनी झलक रही है कि जिस सम्मान के वह हकदार है, अभी तक वह हासिल होता नहीं दिखा।
विज्ञापन

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार का मामला इसका उदाहरण है। शिकायतों को जांच में उलझाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। खतौली में एक अधिकारी पर शत्रु संपत्ति के मामले में सवाल उठ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
केस-1
जनता के लिए कैबिनेट मंत्री की चिट्ठी
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार से क्षेत्र के लोगों ने एसडीएम सदर निकिता शर्मा की शिकायतें की। मंत्री ने एसडीएम के खिलाफ लखनऊ से मोर्चा खोला। शासन से चिट्ठी जिले में लौटी, लेकिन अभी तक एडीएम प्रशासन को दी गई जांच का नतीजा सिफर रहा। उधर, रालोद संगठन में नाराजगी पनप रही है। सपा सांसद हरेंद्र मलिक कह चुके हैं कि एसडीएम के पक्ष में जिस तरह जातीय माहौल बनाने की कोशिश की गई, वह सेवा नियमावली का उल्लंघन है।
---------

केस-2
सांसद की कॉल की अनदेखी पर नाराजगी
फोटो
सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने पिछले दिनों डीएम उमेश मिश्रा को चिट्ठी लिखी थी। आरोप लगाया गया था कि एसडीएम सदर जनता के लिए की जाने वाली उनकी कॉल को रिसीव नहीं करतीं। लोग अपनी समस्या को लेकर आते हैं। इसके बाद एसडीएम को कॉल की जाती है, लेकिन जवाब नहीं दिया जाता। बाद में इस प्रकरण का निपटारा हो गया।
---------

केस-3
राजपाल बालियान को खोलना पड़ा मोर्चा
फोटो
रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान ने पिछले साल बुढ़ाना के एसडीएम पद पर रहीं मोनालिसा जौहरी के खिलाफ पत्र लिख दिया था। गंभीर आरोप लगाए गए थे। एसडीएम की कुछ दिन के लिए तहसील बदल दी गई थी, अब दोबारा जौहरी को बुढ़ाना की ही जिम्मेदारी दी गई है।
---------

केस-4
बागपत पहुंचे अनिल, प्रशासन की अनदेखी
फोटो
कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार रालोद कार्यकर्ताओं के साथ बागपत बैठक लेने पहुंच गए। रालोद के गढ़ में डीएम और एसपी बैठक में ही नहीं पहुंचे। मंत्री ने कहा कि उन्हें सम्मान नहीं दिया गया। बाद में यह मामला भी रफा-दफा हो गया।

---------

केस-5
इकरा हसन को लिखना पड़ा पत्र
फोटो
कैराना की सपा सांसद इकरा हसन सहारनपुर में एडीएम से मिलने गई थीं। सम्मान को ठेस पहुंची तो उन्होंने चिट्ठी लिखी। सांसद के अपमान का मुद्दा अब तूल पकड़ने लगा है। कांवड़ यात्रा के बाद हंगामे प्रदर्शन होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed