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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में खामियां ही खामियां

Thu, 26 Jul 2018 12:49 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Thu, 26 Jul 2018 12:49 AM IST
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The flaws in Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya
विद्यालय का निरीक्षण करते एसडीएम। - फोटो : अमर उजाला
खतौली एसडीएम अतुल कुमार ने गांव मुबारिकपुर तिगाई के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई खामियां मिली। एसडीएम ने इसकी रिपोर्ट तैयार करके डीएम को भेज दी है।  
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एसडीएम ने बताया कि बुधवार को निरीक्षण के दौरान विद्यालय की वार्डन रचना मोहन उपस्थित मिलीं। वार्डन ने बताया कि विद्यालय में छह अध्यापिकाएं, एक लेखाकार, एक चपरासी, एक चौकीदार, एक रसाइयां तैनात है। विद्यालय में कुल 83 बालिका शिक्षारत हैं। वार्डन ने बताया कि विद्यालय में ग्लोब एवं नक्शा उपलब्ध नहीं है।
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मासिक व त्रैमासिक पत्रिका नहीं आती है। विद्युत मीटर लगा हुआ नहीं पाया गया। वार्डन ने बताया कि विद्यालय द्वारा कोई विद्युत बिल भी जमा नहीं किया जाता है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में वाटर कूलर लगा नहीं मिला। साथ ही टीवी खराब और कंप्यूटर नहीं मिले। सोलर प्लांट नहीं लगा पाया गया। बालिकाओं का हेल्थ कार्ड बने हुए नहीं हैं।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस माह बालिकाओं का स्वास्थ्य का परीक्षण नहीं किया गया है। दिन में कोई चौकीदार की ड्यूटी नहीं है। चौकीदार की ड्यूटी शाम के सात बजे से प्रात: 7 बजे तक की है। निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आया कि 14 मई के पश्चात न तो बीएसए और न ही एबीएसए ने निरीक्षण किया है। बालिकाओं की किट बनी हुई नहीं मिली।

बालिकाओं का परिचय पत्र भी नहीं मिला। बालिकाओं को मेन्यू के अनुसार भोजन प्रतिदिन नहीं दिया जा रहा है। विद्यालय में लगे हुए अग्निशमन सिलिंडर क्रियाशील  नहीं पाए गए। बाथरूम का गीजर भी ठीक नहीं पाया गया। बाथरूम में खूंटी एवं क्लिप आदि नहीं मिला। टंकी खराब मिली।

हाथ धोने के लिए साबुन आदि नहीं मिला। विद्यालय का इंवर्टर खराब मिला। बालिकाओं द्वारा पूछे जाने पर पढ़ाई एवं अन्य व्यवस्थाएं आदि संतोषजनक बताई गई। एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान मिली खामियों की रिपोर्ट तैयार कर डीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भेज दी है। 

बालिकाएं जमीन पर सोने को मजबूर 
जानसठ। एसडीएम विजय कुमार ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का चार बिंदुओं पर आकस्मिक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं के बारे में जांच पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान पता चला कि बालिकाएं जमीन पर बिस्तर लगाकर सोने के लिए मजबूर हैं। विद्यालयों में बालिकाएं असुरक्षित हैं। एसडीएम ने बालिकाओं की सुरक्षा के लिए चैनल लगवाने के लिए डीएम व एडीएम को रिपोर्ट भेजी है। 

बुधवार को एसडीएम विजय कुमार ने गांव सिकरेड़ा व भोपा के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सिकरेड़ा में 50 बालिकाओं के लिए 10  तख्त हैं, जो कम होने के का्रण बालिकाओं को जमीन पर ही बिस्तर लगाने के लिए सोना पड़ रहा है।

विद्यालय में 50 बालिकाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 47 बालिकाएं उपस्थित पाई गईं। शौचालय की सफाई संतोषजनक पाई गई। फ्रिज नहीं है, जनरेटर व सोलर लाइट खराब है। बाथरूम का फर्श टूटा हुआ मिला। पानी का आरो खराब मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। रसोई की व्यवस्था व सफाई  सही पाई गई।

एसडीएम ने बताया कि बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर विद्यालय की बिल्डिंग के दोनों ओर बरामदा खुला हुआ है। उन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर बिल्डिंग के दोनों ओर चैनल लगवाने की संस्तुति की है। विद्यालय की वार्डन अनीता सोलंकी ने एसडीएम को बताया कि विद्यालय में पर्याप्त मात्रा में फर्नीचर नहीं होने के कारण बालिकाओं को नीचे बैठाकर पढ़ाना पढ़ रहा है।


विद्यालय में रात के समय अंधेरा छाया रहता है। उसके बाद एसडीएम ने भोपा  में विद्यालय का निरीक्षण किया। विद्यालय ीकी वार्डन सीमा चौधरी ने फर्नीचर व अन्य समस्याओं के बारे में बताया। एसडीएम ने विद्यालय में बना खाना खाकर चेक किया। उन्होंने दोनों विद्यालयों की निरीक्षण के दौरान मिली खामियों की रिपोर्ट तैयार करके डीएम व एडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भेज दी है।
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