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Muzaffarnagar News: आजादी मिलने तक दूधली में धधकती रही क्रांति की ज्वाला

Tue, 15 Aug 2023 01:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Aug 2023 01:15 AM IST
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The flame of revolution kept burning in Doodhli till independence
वयोवृद्ध वेदप्रकाश शर्मा दूधली
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। स्वतंत्रता संग्राम में जनपद के सेनानियों का गौरवमयी इतिहास रहा है। दूधली गांव के क्रांतिकारियों से अंग्रेज खौफ खाते थे। देशभक्त आशाराम शर्मा को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए ब्रिटिश सरकार ने 500 रुपये का इनाम रखा था।
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दूधली गांव की मिट्टी ने जिले में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी पैदा किए। सत्याग्रह आंदोलन ही क्यों न रहा हो, जेलों में दूधली के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जज्बे की धूम मचती थी। बरेली, शाहजहांपुर और चुनार कैम्प की जेलों में बेफिक्र होकर सजा काटी। आजादी की लड़ाई के लिए आशाराम शर्मा ने सरकारी नौकरी तक छोड़ दी थी। आशाराम के वयोवृद्ध पुत्र वेदप्रकाश शर्मा (88) बताते हैं कि पिता पर अंग्रेजों ने सात मुकदमे दर्ज किए थे। चार में बरी हुए और तीन में सजा हुई। बरेली और उन्नाव जेल में कैद काटी।
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मुजफ्फरनगर कारागार में मां मनोहारी देवी के साथ मिलने जाते थे, तो वह अंग्रेजों के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष को स्वाभिमान मानते थे। आशाराम शर्मा के पौत्र सुबोध कुमार अपने बाबा के संघर्ष के अनेक किस्से बताते हैं। स्वतंत्रता संग्राम के रिकार्ड में जेल की सजा पाए 32 क्रांतिकारियों का जिक्र है। वे गांव के युवाओं में जोश भरते थे। स्वतंत्रता सेनानियों का जज्बा बेमिसाल रहा।
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- आर्य समाज में बनती थी आंदोलन की रणनीति
दूधली के पूर्व प्रधान रहे बुजुर्ग महेंद्र सिंह बताते हैं कि आर्य समाज भवन में आंदोलन की गुपचुप योजना बनती थी। कलक्टर पीडब्लू मार्श हर महीने गांव के बाग में कैम्प लगाकर समस्याएं सुनते थे, मगर दूधली में क्रांति की मशाल नहीं बुझा पाए। व्यक्तिगत सत्याग्रह में दूधली के वीरों को कड़ी कैद की सजा मिली और नकद जुर्माना भी लगा। रोहाना रेलवे स्टेशन पर आग लगाने, टेलीफोन लाइन काटने और पटरी उखाड़ने पर आत्माराम गुप्ता को नौ मार्च, 1943 को एक साल छह माह की सजा सुनाई गई थी। उन्हें वर्ष 1941 में भी 7 माह की कैद और 40 रुपया जुर्माना लगा था।

- हैदराबाद सत्याग्रह में गए थे 11 स्वतंत्रता सेनानी

(फोटो)
फोटो। ओमवीर आर्य बताते हैं कि महाशय महावीर सिंह के नेतृत्व में कुल 11 सत्याग्रहियों को हैदराबाद भेजा था। ठाकुर निरंजन सिंह, नानक सिंह, महावीर सिंह, टीका सिंह, घिस्सा सिंह, ब्रहमजीत, टीका, पंडित कालूराम, लाला मुरारी लाल, नानू सिंह और दाताराम ने जेल की सजा भुगती थी। दूधली आर्य समाज में हैदराबाद सत्याग्रह में गए सेनानियों के नाम का शिलापट लगा है।

वयोवृद्ध वेदप्रकाश शर्मा दूधली

वयोवृद्ध वेदप्रकाश शर्मा दूधली

वयोवृद्ध वेदप्रकाश शर्मा दूधली

वयोवृद्ध वेदप्रकाश शर्मा दूधली

वयोवृद्ध वेदप्रकाश शर्मा दूधली

वयोवृद्ध वेदप्रकाश शर्मा दूधली

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