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Muzaffarnagar News: परीक्षा का डर उड़ा रहा नींद, छुड़ा रहा पसीने

Tue, 04 Mar 2025 02:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 02:33 AM IST
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The fear of exams is taking away sleep and making people sweat
संवाद न्यूज एजेंसी
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मुजफ्फरनगर। यूपी और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। कुछ परीक्षार्थियों की तनाव के कारण नींद उड़ रही है, उनसे खाना भी नहीं खाया जा रहा। ऐसे में परीक्षार्थियों को एग्जामोफोबिया होने की आशंका पैदा हो रही है। भय और कुछ न कर पाने के डर से छात्र-छात्राओं के बोर्ड परीक्षा छोड़ने के मामले में भी सामने आए हैं। जिला अस्पताल में भी ऐसे परीक्षार्थी उपचार के लिए आ रहे हैं, जिन्होने घबराहट के चलते बोर्ड परीक्षा नहीं दी।

यूपी बोर्ड की ही बात करें तो पहले ही दिन हाईस्कूल के 1502 और इंटर के 1083 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा नहीं दी थी। मनोचिकित्सकों के अनुसार ढाई हजार से अधिक बच्चों का पहले ही दिन परीक्षा छोड़ देना सामान्य नहीं माना जा सकता। परीक्षा छोड़ने के पीछे कुछ के सामने सामान्य बीमारी और परिस्थितिजन्य कारण भी हो सकते हैं। बावजूद अधिकतर परीक्षार्थियों की परीक्षा से अनुपस्थिति का बड़ा कारण एग्जामोफोबिया ही माना जा रहा है।
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-परीक्षार्थियों में क्या होता है एग्जामोफोबिया

जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन का कहना है कि एग्जामोफोबिया एक मानसिक स्थिति है। इसका मतलब परीक्षा के प्रति डर से है। इसमें परीक्षा के समय मन में घबराहट, तनाव, या डिप्रेशन महसूस होता है। इस तरह की घबराहट या तनाव आम तौर पर परीक्षा की तैयारी के समय अथवा परीक्षा करीब आने पर होती है। एग्जामोफोबिया एक प्रकार का मानसिक विकार है, जो अधिकांश छात्रों में पाया जाता है। एग्जामोफोबिया में छात्र अक्सर परीक्षा छोड़ देते हैं।
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-परीक्षा से डर के क्या हो सकते हैं लक्षण
मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन के अनुसार किसी भी बच्चे में एग्जामोफोबिया या परीक्षा के प्रति उसके मन के डर को आसानी से पहचाना जा सकता है। यदि बच्चा परीक्षा के दिनों में चिड़चिड़ा हो जाए, उसे अधिक गुस्सा आने लगे। यहां तक कि हंसी-खुशी के माहौल में भी वह गुस्सा करने लगे तो सावधान होने की जरूरत है। यह गुस्सा और चिड़चिड़ापन परीक्षा के कारण होने वाला तनाव हो सकता है। ऐसे में बच्चे को किसी मनोचिकित्सक को जरूर दिखाएं।



परीक्षा का भय दूर करने के लिए ये करें उपाय
- बच्चों को प्री बोर्ड परीक्षाएं जरूर दिलाएं।
- परीक्षा के दौरान पढ़ने का अधिक दबाव न डालें।
- रात में बच्चों को अधिक जागने न दें।
- यदि तनाव बढ़ता है तो चिकित्सक से सलाह लें।
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