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दो बीघा जमीन के लिए की हत्या
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जानसठ के गांव मीरापुर दलपत में किसान हत्याकांड के पकड़े गए दो आरोपी।
- फोटो : KHATAULI
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव मीरापुर दलपत में दो बीघा जमीन हड़पने को ट्यूबवेल पर किसान की हत्या की गई थी। पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करके हत्याकांड का खुलासा किया।
कोतवाली में इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि गांव मीरापुर दलपत निवासी प्रवेश (35) पुत्र रामे ने 2017 में गांव निवासी इंद्रजीत पुत्र जगशरण से साढ़े तीन लाख रुपये लेकर दो बीघा भूमि का इकरार किया था। प्रवेश ने दो लाख रुपये दे दिए थे। इंद्रजीत ने बाकी रुपये बताते हुए एक साल का इकरार बढ़ावा दिया था। इंद्रजीत ब्याज सहित साढ़े सात लाख रुपये बताकर प्रवेश पर दो बीघा जमीन का बैनामा कराने का दबाव बना रहा था। 2018 में बैनामा कराने को इंद्रजीत ने प्रवेश को एक लाख रुपये का चेक दिया था। जो बैंक में चेक डिसऑनर हो गया था। जिसका मुकदमा प्रवेश ने कोर्ट में दायर किया था। उधर, इंद्रजीत ने भी दो बीघा जमीन हड़पने को कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। इस वर्ष अक्तूबर में इंद्रजीत ने दो बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया था। जिसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया था। पांच जून को गांव में समझौता कराने को पंचायत भी हुई थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका था। प्रवेश ने अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने को 10 जून को किराए पर ट्रैक्टर किया था। इसकी भनक इंद्रजीत को लग गई थी। उसने 10 जून को ही किसान प्रवेश की हत्या करने का साजिश रच ली ली थी।
इंस्पेक्टर के मुताबिक रात्रि में अपने खेत पर नलकूप पर गए प्रवेश की इंद्रजीत आदि ने हाथ पैर बांध कर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। प्रवेश खतौली रोडवेज डिपो की बस में संविदा चालक भी था। मृतक की पत्नी पिंकी ने इंद्रजीत, अशोक व भूपेंद्र पुत्रगण जगशरण सहित सचिन पुत्र अशोक, अवनीश उर्फ भूरा पुत्र अशोक, अविनाश उर्फ मोनू पुत्र महाराज सिंह, पिंटू पुत्र इंद्रजीत, सिद्धार्थ पुत्र नवीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। रविवार को पुलिस ने नामजद आरोपी इंद्रजीत व अवनीश उर्फ मोनू को खतौली रोड पर खेड़ीकुरैश के तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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पुलिस चौकी प्रभारी लाइन हाजिर हुए
एसएसपी अभिषेक यादव ने किसान प्रवेश हत्याकांड में लापरवाही मानते हुए मीरापुर दलपत की पुलिस चौकी प्रभारी आदित्य भाटी को लाइन हाजिर कर दिया है। मृतक किसान की पत्नी पिंकी और मां ने चौकी प्रभारी पर घोर लापरवाही का आरोप भी लगाया था। पीड़ितों ने चौकी प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई कराए जाने की मांग भी की थी।
हत्यारों ने इस हत्याकांड को दूसरा रूप देने की कोशिश की
इंस्पेक्टर ने बताया कि किसान प्रवेश की हत्या कर फरार नामजद आरोपियों ने इस हत्याकांड को दूसरा रूप देने के लिए गांव में अफवाह फैला दी थी कि इसमें पत्नी का भी हाथ हो सकता है। यह सब आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने को लेकर कदम उठाया था। नामजद दो आरोपी के पकड़े जाने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बाकी आरोपियों को भी शीघ्र पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के परिवार में 10 जून के दिन तेरहवीं थी। इसलिए परिजनों के अलावा रिश्तेदार भी मौजूद थे। तेरहवीं करने के बाद इन आरोपियों ने किसान प्रवेश की हत्या करने की साजिश रच डाली थी।
आरोपियों ने किसान के घर का बिजली का केबल काटा
आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से 10 जून को शाम के समय किसान प्रवेश के घर का बिजली केबल काट दिया था, जिससे प्रवेश गर्मी की वजह से घर से खेतों पर अपनी ट्यूबवेल पर सोने के लिए चला जाए। वहां पर प्रवेश की हत्या आसानी की जा सके। आरोपियों ने जैसे योजना बनाई थी, वैसे ही वारदात को अंजाम दिया।
गांव में दबदबा बनाना भी मकसद था
इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों का किसान प्रवेश की हत्या करके गांव में दबदबा बनाने का भी मकसद था। उन्होंने बताया कि आरोपियों का मकसद था कि अगर वे प्रवेश से दब जाते तो उनका गांव में दबदबा नहीं रहता।
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कोतवाली में इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि गांव मीरापुर दलपत निवासी प्रवेश (35) पुत्र रामे ने 2017 में गांव निवासी इंद्रजीत पुत्र जगशरण से साढ़े तीन लाख रुपये लेकर दो बीघा भूमि का इकरार किया था। प्रवेश ने दो लाख रुपये दे दिए थे। इंद्रजीत ने बाकी रुपये बताते हुए एक साल का इकरार बढ़ावा दिया था। इंद्रजीत ब्याज सहित साढ़े सात लाख रुपये बताकर प्रवेश पर दो बीघा जमीन का बैनामा कराने का दबाव बना रहा था। 2018 में बैनामा कराने को इंद्रजीत ने प्रवेश को एक लाख रुपये का चेक दिया था। जो बैंक में चेक डिसऑनर हो गया था। जिसका मुकदमा प्रवेश ने कोर्ट में दायर किया था। उधर, इंद्रजीत ने भी दो बीघा जमीन हड़पने को कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। इस वर्ष अक्तूबर में इंद्रजीत ने दो बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया था। जिसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया था। पांच जून को गांव में समझौता कराने को पंचायत भी हुई थी, लेकिन कोई फैसला नहीं हो सका था। प्रवेश ने अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने को 10 जून को किराए पर ट्रैक्टर किया था। इसकी भनक इंद्रजीत को लग गई थी। उसने 10 जून को ही किसान प्रवेश की हत्या करने का साजिश रच ली ली थी।
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इंस्पेक्टर के मुताबिक रात्रि में अपने खेत पर नलकूप पर गए प्रवेश की इंद्रजीत आदि ने हाथ पैर बांध कर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। प्रवेश खतौली रोडवेज डिपो की बस में संविदा चालक भी था। मृतक की पत्नी पिंकी ने इंद्रजीत, अशोक व भूपेंद्र पुत्रगण जगशरण सहित सचिन पुत्र अशोक, अवनीश उर्फ भूरा पुत्र अशोक, अविनाश उर्फ मोनू पुत्र महाराज सिंह, पिंटू पुत्र इंद्रजीत, सिद्धार्थ पुत्र नवीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। रविवार को पुलिस ने नामजद आरोपी इंद्रजीत व अवनीश उर्फ मोनू को खतौली रोड पर खेड़ीकुरैश के तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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पुलिस चौकी प्रभारी लाइन हाजिर हुए
एसएसपी अभिषेक यादव ने किसान प्रवेश हत्याकांड में लापरवाही मानते हुए मीरापुर दलपत की पुलिस चौकी प्रभारी आदित्य भाटी को लाइन हाजिर कर दिया है। मृतक किसान की पत्नी पिंकी और मां ने चौकी प्रभारी पर घोर लापरवाही का आरोप भी लगाया था। पीड़ितों ने चौकी प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई कराए जाने की मांग भी की थी।
हत्यारों ने इस हत्याकांड को दूसरा रूप देने की कोशिश की
इंस्पेक्टर ने बताया कि किसान प्रवेश की हत्या कर फरार नामजद आरोपियों ने इस हत्याकांड को दूसरा रूप देने के लिए गांव में अफवाह फैला दी थी कि इसमें पत्नी का भी हाथ हो सकता है। यह सब आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने को लेकर कदम उठाया था। नामजद दो आरोपी के पकड़े जाने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बाकी आरोपियों को भी शीघ्र पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के परिवार में 10 जून के दिन तेरहवीं थी। इसलिए परिजनों के अलावा रिश्तेदार भी मौजूद थे। तेरहवीं करने के बाद इन आरोपियों ने किसान प्रवेश की हत्या करने की साजिश रच डाली थी।
आरोपियों ने किसान के घर का बिजली का केबल काटा
आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से 10 जून को शाम के समय किसान प्रवेश के घर का बिजली केबल काट दिया था, जिससे प्रवेश गर्मी की वजह से घर से खेतों पर अपनी ट्यूबवेल पर सोने के लिए चला जाए। वहां पर प्रवेश की हत्या आसानी की जा सके। आरोपियों ने जैसे योजना बनाई थी, वैसे ही वारदात को अंजाम दिया।
गांव में दबदबा बनाना भी मकसद था
इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों का किसान प्रवेश की हत्या करके गांव में दबदबा बनाने का भी मकसद था। उन्होंने बताया कि आरोपियों का मकसद था कि अगर वे प्रवेश से दब जाते तो उनका गांव में दबदबा नहीं रहता।