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नुमाइश मैदान में चल रहा मेला प्रशासन ने बंद कराया
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मुजफ्फरनगर। नुमाइश मैदान में बीते एक माह से चल रहा निजी मेला जिला प्रशासन ने बीती रात 11 बजे बंद करा दिया। मेले में झूले, सर्कस, मौत का कुआं बंद कर दिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार ने बताया कि नुमाइश मैदान में चल रहे निजी मेले को शनिवार देर रात बंद करा दिया गया है। मेले में चल रहे झूले, सर्कस, मौत का कुआं आदि बंद कराने के साथ सभी दुकानें बंद करने के निर्देश दे दिए गए है। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर से जिला प्रशासन जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी शुरू कराने जा रहा है। इस प्रदर्शनी में सरकार की उपलब्धियां जनता के सामने रखी जाएगी। इसी के साथ जिस तरह का मेला चल रहा था वह भी चलेगा। इसके लिए अलग से टेंडर की प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
मेले के ठेके पर हंगामा, राजस्व को नुकसान
निजी मेला शुरू में प्रशासन ने एक माह के लिए 15 लाख में दिया था। एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने इसकी अनुमति दी थी। बाद में शिकायतें और हंगामा होने के बाद इस राशि को 30 लाख कर दिया गया। हालाकि इससे पहले मेले का ठेका 1.67 करोड़ में छोड़ा गया था। उस समय झूले का टिकट 50 से 60 था, जो अब 80 से 100 रहा। इसी तरह उस समय वाहन पार्किंग के 20 रुपये थे जो इस बार 30 रुपये लिए गए। दुकानदारों से भी बढ़ाकर पैसा लिया गया।
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भीषण सर्दी में नुमाईश कराने पर उठे सवाल
जिले में पहली बार नुमाइश दस दिसंबर से तीन जनवरी तक होगी। लगभग एक माह तक जिला प्रशासन इसका आयोजन करेगा। नुमाइश का जो समय रखा गया उसमें ठंड अपने चरम पर होती है। इतनी ठंड में स्टेज पर रात्रि के कार्यक्रम मुश्किल हो जाएंगे। दिन में भी आम जनता के सामने ठंड की समस्या रहेगी।
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सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार ने बताया कि नुमाइश मैदान में चल रहे निजी मेले को शनिवार देर रात बंद करा दिया गया है। मेले में चल रहे झूले, सर्कस, मौत का कुआं आदि बंद कराने के साथ सभी दुकानें बंद करने के निर्देश दे दिए गए है। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर से जिला प्रशासन जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी शुरू कराने जा रहा है। इस प्रदर्शनी में सरकार की उपलब्धियां जनता के सामने रखी जाएगी। इसी के साथ जिस तरह का मेला चल रहा था वह भी चलेगा। इसके लिए अलग से टेंडर की प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
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मेले के ठेके पर हंगामा, राजस्व को नुकसान
निजी मेला शुरू में प्रशासन ने एक माह के लिए 15 लाख में दिया था। एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने इसकी अनुमति दी थी। बाद में शिकायतें और हंगामा होने के बाद इस राशि को 30 लाख कर दिया गया। हालाकि इससे पहले मेले का ठेका 1.67 करोड़ में छोड़ा गया था। उस समय झूले का टिकट 50 से 60 था, जो अब 80 से 100 रहा। इसी तरह उस समय वाहन पार्किंग के 20 रुपये थे जो इस बार 30 रुपये लिए गए। दुकानदारों से भी बढ़ाकर पैसा लिया गया।
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भीषण सर्दी में नुमाईश कराने पर उठे सवाल
जिले में पहली बार नुमाइश दस दिसंबर से तीन जनवरी तक होगी। लगभग एक माह तक जिला प्रशासन इसका आयोजन करेगा। नुमाइश का जो समय रखा गया उसमें ठंड अपने चरम पर होती है। इतनी ठंड में स्टेज पर रात्रि के कार्यक्रम मुश्किल हो जाएंगे। दिन में भी आम जनता के सामने ठंड की समस्या रहेगी।