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सुबह के समय आए घने कोहरे ने रोकी जीवन की रफ्तार
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भोपा में कोहरे के बीच से गुजरते वाहन।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। रात में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और सुबह के समय घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शीतलहर में लोग दिन में भी कांपते रहे। न्यूनतम तापमान यहां 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। कोहरे के कारण मौसम में आद्रता 97 प्रतिशत रही।
जिले में सर्दी लगातार बनी हुई है। रात में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को थाम दिया है। सुबह पड़ने वाले घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय आया कोहरा कई घंटे रहा और सूरज भी इसके कारण देर से निकला। दिन में चली शीतलहर की हालत यह है कि आम आदमी दोपहर के समय भी कंपकंपाने को मजबूर है। सर्दी का असर यहां बाजारों के खुलने से लेकर व्यापार तक पर पड़ा है। हालत यह है कि दिन में 11 बजे तक बाजार खुल पा रहे है। बाजरों में सर्दी का असर सीधे दिखाई दे रहा है। उम्मीद से कम लोग ही घर से बाहर निकल पा रहे है। बाजारों में शाम छह बजे के बाद सन्नाटा छा जाता है। दुकानदार भी जल्द दुकान बंद कर रहे हैं।
अलाव बना सहारा
शहर के प्रमुख चौराहों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए रात में अलाव ही सहारा बने हैं। ठंड इतनी अधिक है कि अलाव न हो तो इनके लिए रात गुजारनी मुश्किल है। शिवचौक पर लगने वाली चाय की दुकानें भी यहां रात में आने वाले लोगों के लिए एक बड़ा सहारा है।
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जिले में सर्दी लगातार बनी हुई है। रात में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को थाम दिया है। सुबह पड़ने वाले घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय आया कोहरा कई घंटे रहा और सूरज भी इसके कारण देर से निकला। दिन में चली शीतलहर की हालत यह है कि आम आदमी दोपहर के समय भी कंपकंपाने को मजबूर है। सर्दी का असर यहां बाजारों के खुलने से लेकर व्यापार तक पर पड़ा है। हालत यह है कि दिन में 11 बजे तक बाजार खुल पा रहे है। बाजरों में सर्दी का असर सीधे दिखाई दे रहा है। उम्मीद से कम लोग ही घर से बाहर निकल पा रहे है। बाजारों में शाम छह बजे के बाद सन्नाटा छा जाता है। दुकानदार भी जल्द दुकान बंद कर रहे हैं।
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अलाव बना सहारा
शहर के प्रमुख चौराहों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए रात में अलाव ही सहारा बने हैं। ठंड इतनी अधिक है कि अलाव न हो तो इनके लिए रात गुजारनी मुश्किल है। शिवचौक पर लगने वाली चाय की दुकानें भी यहां रात में आने वाले लोगों के लिए एक बड़ा सहारा है।
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