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सुबह होते ही दुकानों पर लग जाती है भीड़
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सुबह नगर की दाल मंडी में सोशल डिस्टेन्स से लापरवाह खरीददारों की भीड़।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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सुबह होते ही दुकानों पर लग जाती है भीड़
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन को 12 दिन बीतने के बाद भी लोग कोरोना के खतरे को समझ नहीं पा रहे हैं। सुबह दुकानें खुलने पर एकदम से भीड़ उमड़ रही है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा। यहां तक कि दिन में भी बड़ी संख्या में लोगों की इधर से उधर आवाजाही लगी रहती है।
सुबह छह से नौ बजे तक किराना की दुकानों के साथ ही सब्जी मंडी भी खुलती है। सब्जी एवं फलों की गलियों में सप्लाई जारी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सुबह खरीदारी के लिए बाजार आते हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा। रविवार को दाल मंडी और सब्जी मंडी में खासी भीड़ नजर आई। लोग भीड़भाड़ में सामान खरीदते दिखे। साथ ही गली-मोहल्लों की दुकानों पर दूध एवं खाद्यान्न खरीदते समय भी अच्छी-खासी भीड़ जुटती है। दिन में भी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रहती है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन से ही कोरोना के खतरे से निपटा जा सकता है।
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मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन को 12 दिन बीतने के बाद भी लोग कोरोना के खतरे को समझ नहीं पा रहे हैं। सुबह दुकानें खुलने पर एकदम से भीड़ उमड़ रही है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा। यहां तक कि दिन में भी बड़ी संख्या में लोगों की इधर से उधर आवाजाही लगी रहती है।
सुबह छह से नौ बजे तक किराना की दुकानों के साथ ही सब्जी मंडी भी खुलती है। सब्जी एवं फलों की गलियों में सप्लाई जारी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सुबह खरीदारी के लिए बाजार आते हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा। रविवार को दाल मंडी और सब्जी मंडी में खासी भीड़ नजर आई। लोग भीड़भाड़ में सामान खरीदते दिखे। साथ ही गली-मोहल्लों की दुकानों पर दूध एवं खाद्यान्न खरीदते समय भी अच्छी-खासी भीड़ जुटती है। दिन में भी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रहती है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन से ही कोरोना के खतरे से निपटा जा सकता है।
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