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सार्वजनिक शौचालयों की हालात दयनीय
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श्रीराम कालेज में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
सार्वजनिक शौचालयों की हालात दयनीय
मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज में ‘अवशिष्ट जल प्रबंधन की समस्या’ विषय पर संगोष्ठी हुई। जापान की अंतरराष्ट्रीय कंपनी ताईसी सोयल सिस्टम के निदेशक हिरोयूकी मिहारा, ई-स्कवायर के निदेशक कैनेची तमूरा एवं हिरोशी यामानूची अतिथि रहे।
नगर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने गोष्ठी का शुुुुभारंभ किया। संस्था चेयरमैन डॉ एससी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि केवल 31 सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय मुजफ्फरनगर में है. जिनमें सफाई व सुविधाओं की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। अभी बहुत सी जगहों पर सार्वजनिक शौचालय नहीं है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में टैफगार्ड तकनीकी पिछले वर्ष से बेहद प्रभावी तरीके से कार्य कर रही है। इसके माध्यम से छात्रावासों तथा कॉलेज के अवशिष्ट जल को पुन: उपयोगी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हिरोयूकी मिहारा ने टैफगार्ड तकनीकी के बारे में विस्तार से बताया। अंजू अग्रवाल ने कहा कि टैफगार्ड एक उपयोगी तकनीकी है. जिससे भू-जल दूषित होने से बचेगा तथा जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। संचालन डॉ प्रशांत चौहान ने किया। कॉलेज निदेशक डा. आदित्य गौतम, प्राचार्या डा. प्रेरणा मित्तल, साक्षी श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार, विवेक, अनुज आदि उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज में ‘अवशिष्ट जल प्रबंधन की समस्या’ विषय पर संगोष्ठी हुई। जापान की अंतरराष्ट्रीय कंपनी ताईसी सोयल सिस्टम के निदेशक हिरोयूकी मिहारा, ई-स्कवायर के निदेशक कैनेची तमूरा एवं हिरोशी यामानूची अतिथि रहे।
नगर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने गोष्ठी का शुुुुभारंभ किया। संस्था चेयरमैन डॉ एससी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि केवल 31 सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय मुजफ्फरनगर में है. जिनमें सफाई व सुविधाओं की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। अभी बहुत सी जगहों पर सार्वजनिक शौचालय नहीं है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में टैफगार्ड तकनीकी पिछले वर्ष से बेहद प्रभावी तरीके से कार्य कर रही है। इसके माध्यम से छात्रावासों तथा कॉलेज के अवशिष्ट जल को पुन: उपयोगी बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हिरोयूकी मिहारा ने टैफगार्ड तकनीकी के बारे में विस्तार से बताया। अंजू अग्रवाल ने कहा कि टैफगार्ड एक उपयोगी तकनीकी है. जिससे भू-जल दूषित होने से बचेगा तथा जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। संचालन डॉ प्रशांत चौहान ने किया। कॉलेज निदेशक डा. आदित्य गौतम, प्राचार्या डा. प्रेरणा मित्तल, साक्षी श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार, विवेक, अनुज आदि उपस्थित रहे।
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