फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   The children trapped in the fire did not know how to walk and did not see the world properly

Muzaffarnagar News: आग में फंसे बच्चे चलना नहीं जानते थे और ठीक से दुनिया नहीं देखी थी

Thu, 24 Aug 2023 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Aug 2023 11:39 PM IST
विज्ञापन
The children trapped in the fire did not know how to walk and did not see the world properly
पुलिसकर्मियों पर हमले में सजा का मामला
विज्ञापन


महमूदनगर के मामले में अदालत ने फैसला सुनाते वक्त लिखी टिप्पणी


अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। महमूदनगर के 20 साल पुराने बवाल में अदालत ने दोषियों को सजा सुना दी है। फैसले में तल्ख टिप्पणी की गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने लिखा है कि दंगाइयों के कृत्य के कारण पूरे शहर में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
बृहस्पतिवार को आए फैसले में अदालत ने लिखा है कि जिस मकान में कई महिलाएं एवं बच्चे फंसे हुए थे, उस घर में आग लगा दी गई। आग में फंसे हुए बच्चों की अगर बात की जाए तो साढ़े पांच साल की आसमां, तीन साल की हजमा, पौने दो साल का हुदा, 12 साल के सुहेल जैसे छोटे-छोटे बच्चे थे। पौने दो माह का सद्दीक और उमर भी थे, जिन्होंने अभी तक ठीक से ना तो दुनिया देखी थी और ना ही चलना जानते थे और वे आग से बचकर भाग नहीं सकते थे।
विज्ञापन

इनकी चीखपुकार सुनकर जब पुलिस अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं, तब उन पर सिर्फ इसलिए हमला कर दिया जाता है कि वह अपने कर्तव्य पालन में इन बच्चों को बचाने चले जाते हैं। जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और सीडीओ जैसे तमाम आला अधिकारियों की मौजूदगी में खुलकर पुलिसबल के साथ अभद्रता की गई और पथराव किया गया। इसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, थानाध्यक्ष सिविल लाइन्स सहित अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दंगाइयों के कृत्य के कारण पूरे शहर में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई और लोक व्यवस्था भंग हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीसीआईडी ने की जांच, सजा तक पहुंचे दोषी
मुजफ्फरनगर। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र ने बताया कि तत्कालीन एसएसपी भजनीराम मीणा ने भी अदालत में बयान दिए थे। चार पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed